🛑साइंस कॉलेज दुर्ग में युवा संवाद कार्यक्रम आयोजित, एसआईआर और मतदान के महत्व पर हुई चर्चा
दुर्ग, 27 अक्टूबर 206। शासकीय विश्वनाथ यादव तामस्कर स्नातकोत्तर स्वशासी महाविद्यालय (साइंस कॉलेज), दुर्ग में युवा संवाद कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार तथा साइंस कॉलेज की एनएसएस इकाई के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में दुर्ग महापौर श्रीमती अल्का बाघमार मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं।

महापौर अल्का बाघमार ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि उन्हें सोशल मीडिया पर प्रसारित रील और अपुष्ट सूचनाओं के आधार पर कोई कदम उठाने से बचना चाहिए। युवाओं को अफवाहों के बजाय सही तथ्यों पर विश्वास करना चाहिए। उन्होंने कहा कि युवा एसआईआर (विशेष गहन पुनरीक्षण) की प्रक्रिया को स्वयं अच्छी तरह समझें और अपने आसपास के लोगों को भी इसके प्रति जागरूक करें।
उन्होंने कहा कि गलत जनप्रतिनिधि का चुनाव देश को गलत दिशा में ले जा सकता है। इसलिए प्रत्येक युवा को मतदान की जिम्मेदारी गंभीरता से निभानी चाहिए। एसआईआर लोकतांत्रिक जागरूकता का महत्वपूर्ण हिस्सा है और इस प्रक्रिया के दौरान नागरिकों को अधिकारियों के साथ सहयोगपूर्ण व्यवहार करना चाहिए। जब युवा जागरूक होता है, तभी लोकतंत्र मजबूत बनता है।

दीप प्रज्ज्वलन और राष्ट्रगीत के साथ हुआ शुभारंभ
कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती की वंदना एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। इसके बाद राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ और छत्तीसगढ़ राज्य गीत ‘अरपा पैरी के धार’ की प्रस्तुति दी गई। कार्यक्रम की संचालक डॉ. ज्योति धारकर ने आयोजन की रूपरेखा प्रस्तुत की। अतिथियों का स्वागत श्रीफल, शॉल और प्रतीक चिह्न भेंटकर किया गया।
माय भारत के जिला युवा अधिकारी क्षितिज गुप्ता ने स्वागत भाषण में बताया कि युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार के तत्वावधान में माय भारत युवा संवाद कार्यक्रम का आयोजन देश के 500 जिलों में 25 अक्टूबर से 5 नवंबर तक किया जाएगा। उन्होंने बताया कि माय भारत का कार्यालय देश के 786 जिलों में स्थापित है। इसी विभाग के अंतर्गत आयोजित क्विज प्रतियोगिता में 44 हजार प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।

‘विकसित भारत युवा संवाद’ में एसआईआर की दी जानकारी
साइंस कॉलेज दुर्ग के एनएसएस अधिकारी डॉ. तरुण साहू एवं डॉ. मीना मान ने कार्यक्रम के उद्देश्यों की जानकारी दी। इसके बाद कॉलेज के पूर्व छात्र एवं युवा आइकन दीपांशु नेताम ने ‘विकसित भारत युवा संवाद : अपने वोट को पहचानें’ विषय पर पावरपॉइंट प्रस्तुति दी। उन्होंने एसआईआर की प्रक्रिया को राष्ट्रीय स्तर से लेकर बूथ स्तर तक समझाते हुए मतदाता सूची में पात्र मतदाताओं के नाम शामिल होने के महत्व पर प्रकाश डाला।
युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार के दुर्ग जिले के उपनिदेशक नितिन शर्मा ने कहा कि इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवाओं और नागरिकों को मतदान से जुड़ी जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक करना है। उन्होंने युवाओं से एसआईआर की पूरी प्रक्रिया को गंभीरता से समझने की अपील की। उन्होंने बताया कि देश में अब तक आठ बार एसआईआर की प्रक्रिया हो चुकी है और वर्तमान में नौवीं बार यह प्रक्रिया जारी है।
विद्यार्थियों ने खुलकर रखे अपने विचार
युवा संवाद के तीसरे चरण में जनप्रतिनिधियों और विद्यार्थियों के बीच खुला संवाद हुआ। इस दौरान विद्यार्थियों ने विभिन्न मुद्दों पर सवाल पूछे और अपने विचार रखे। चर्चा में रोशनी द्विवेदी, मुस्कान साहू, कुशल कुमार, सागर बंजारे, अनुभव झा, नूतन देशमुख और राधिका साहू सहित अन्य विद्यार्थियों ने भाग लिया। महापौर अल्का बाघमार ने विद्यार्थियों के सवालों का जवाब देते हुए उनके विचारों और जिज्ञासाओं पर अपनी बात रखी।
खिलाड़ियों का सम्मान, 300 से अधिक विद्यार्थी रहे मौजूद
कार्यक्रम के दौरान खेल के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को सम्मानित किया गया। इनमें नेटबॉल में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए राज्य खेल अलंकरण समारोह में शहीद राजीव पांडेय पुरस्कार से सम्मानित निशा कुमारी तथा खो-खो में उपलब्धि के लिए शहीद पंकज विक्रम पुरस्कार से सम्मानित अंकुश सिंह शामिल रहे। खिलाड़ियों ने अपने अनुभव साझा किए, जिन्हें उपस्थित लोगों ने सराहा।
समारोह के दौरान साइंस कॉलेज के राधाकृष्णन सभागार में उपस्थित लोगों को लोकतांत्रिक शपथ भी दिलाई गई। राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. अजय कुमार सिंह ने आभार व्यक्त करते हुए आयोजन को सफल बताया। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम ने युवाओं को लोकतंत्र और नागरिक जिम्मेदारियों के प्रति विचार करने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम में विभिन्न जनप्रतिनिधियों के साथ कॉलेज के वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ. अभिनेष सुराना, डॉ. राकेश रंजन सिंह, डॉ. प्रशांत श्रीवास्तव, डॉ. जी.एस. ठाकुर, डॉ. मीना मान, डॉ. प्रीति तन्ना टांक, डॉ. लक्ष्मेन्द्र कुलदीप, डॉ. सीमा पंजवानी, डॉ. लतिका ताम्रकार और डॉ. ओम कुमारी देवांगन सहित बड़ी संख्या में प्राध्यापक मौजूद रहे। आयोजन में 300 से अधिक छात्र-छात्राओं ने भाग लिया।

