🛑बंगाल की खाड़ी में संभावित चक्रवाती तूफान का दिखेगा असर, रायपुर समेत मध्य और दक्षिण छत्तीसगढ़ में बढ़ सकती है बारिश; किसानों की बढ़ेंगी मुश्किलें
सीजी न्यूज ऑनलाइन 25 अक्टूबर 2026। छत्तीसगढ़ में गुलाबी ठंड की शुरुआत के बीच एक बार फिर मौसम का मिजाज बदलने के संकेत मिल रहे हैं। बंगाल की खाड़ी में बन रहे कम दबाव के क्षेत्र के चक्रवाती तूफान में बदलने की संभावना के चलते प्रदेश में बारिश का नया दौर शुरू हो सकता है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, 27 अक्टूबर से बारिश की गतिविधियां बढ़ने तथा 28 से 30 अक्टूबर के बीच कुछ इलाकों में भारी से अतिभारी बारिश होने की आशंका है।
इस संभावित मौसमी बदलाव ने लोगों के साथ किसानों की चिंता भी बढ़ा दी है। सितंबर में हुई लगातार बारिश और कई क्षेत्रों में बनी बाढ़ जैसी स्थिति को देखते हुए मौसम के आगामी घटनाक्रम पर नजर रखी जा रही है।
रायपुर में फिलहाल साफ रहेगा मौसम
राजधानी रायपुर में 25 अक्टूबर को मौसम मुख्यतः साफ रहने का अनुमान है। सुबह और रात के समय हल्की ठंड महसूस हो रही है, जबकि दिन में तापमान अपेक्षाकृत अधिक बना रह सकता है। पूर्वानुमान के अनुसार, रायपुर में अधिकतम तापमान करीब 33 डिग्री और न्यूनतम तापमान 21 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है।
प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में फिलहाल मौसम शुष्क बना हुआ है। हालांकि, बंगाल की खाड़ी में विकसित हो रही मौसमी प्रणाली के आगे बढ़ने के साथ आने वाले दिनों में परिस्थितियां बदल सकती हैं।
अंबिकापुर में 13 डिग्री तक पहुंचा न्यूनतम तापमान
प्रदेश में ठंड का असर धीरे-धीरे बढ़ने लगा है। पिछले 24 घंटों के दौरान बेमेतरा में अधिकतम तापमान 34.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि अंबिकापुर में न्यूनतम तापमान गिरकर 13 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। इस दौरान प्रदेश में कहीं भी उल्लेखनीय बारिश दर्ज नहीं की गई।
तापमान में गिरावट के बीच अब संभावित चक्रवाती तूफान के कारण बारिश होने की संभावना जताई जा रही है। इससे दिन और रात के तापमान में भी बदलाव देखने को मिल सकता है।
बंगाल की खाड़ी में चक्रवाती तूफान की संभावना
मौसम संबंधी पूर्वानुमान के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में सक्रिय कम दबाव का क्षेत्र 25 अक्टूबर तक गहरे अवदाब और 26 अक्टूबर की सुबह तक चक्रवाती तूफान का रूप ले सकता है। इसके उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ते हुए 28 अक्टूबर के आसपास आंध्र प्रदेश के तट के करीब पहुंचने की संभावना जताई गई है।
इस मौसमी प्रणाली का सबसे अधिक प्रभाव आंध्र प्रदेश और ओडिशा में देखने को मिल सकता है। इसके साथ ही छत्तीसगढ़ सहित मध्य और पूर्वी भारत के कुछ अन्य राज्यों में भी बारिश की गतिविधियां बढ़ने के आसार हैं।
छत्तीसगढ़ में 27 अक्टूबर से मौसम में बदलाव और 28 से 30 अक्टूबर के बीच कुछ स्थानों पर भारी से अतिभारी बारिश की आशंका है। रायपुर समेत मध्य और दक्षिणी छत्तीसगढ़ के जिलों में भी इसका असर दिखाई दे सकता है।
तेज हवाओं, बिजली और बारिश को लेकर सतर्कता जरूरी
मौसम में संभावित बदलाव के दौरान कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ बारिश, बिजली गिरने और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना भी जताई गई है। ऐसे में लोगों को मौसम विभाग की आगामी चेतावनियों पर नजर रखने की जरूरत है।
किसानों की बढ़ सकती है चिंता
बारिश का यह संभावित दौर किसानों के लिए परेशानी खड़ी कर सकता है। खेतों में खड़ी फसलों, कटाई के लिए तैयार उपज और खुले में रखे धान को नुकसान पहुंचने की आशंका बनी रह सकती है। तेज हवाओं और बारिश से कृषि कार्य भी प्रभावित हो सकते हैं।
ऐसे में किसानों को सलाह है कि वे मौसम की ताजा जानकारी लेते रहें तथा कटी हुई उपज और कृषि सामग्री को सुरक्षित रखने के लिए जरूरी इंतजाम करें। हालांकि, बारिश का वास्तविक प्रभाव चक्रवाती तूफान की दिशा, उसकी तीव्रता और आगे जारी होने वाले मौसम पूर्वानुमानों पर निर्भर करेगा।
फिलहाल प्रदेश में मौसम शुष्क है, लेकिन अक्टूबर के अंतिम दिनों में संभावित चक्रवाती सिस्टम के चलते छत्तीसगढ़ में बारिश की वापसी हो सकती है। ऐसे में आने वाले दिनों में मौसम विभाग के अपडेट महत्वपूर्ण रहेंगे।

