देखिए विडियो 👁️‍🗨️ आखिर क्यों ये महिलाएं सामूहिक सुसाइड करने हैं मजबूर 🟥 महीनों से इंतजार करते छलक रहा है दर्द 🟥 कहा – बचा लो, सब सुसाइड कर लेंगे, कोई मदद नहीं कर रहा

<em>देखिए विडियो 👁️‍🗨️ आखिर क्यों ये महिलाएं सामूहिक सुसाइड करने हैं मजबूर 🟥 महीनों से इंतजार करते छलक रहा है दर्द 🟥 कहा – बचा लो, सब सुसाइड कर लेंगे, कोई मदद नहीं कर रहा</em>


संतोष मिश्रा
भिलाई नगर, 19 फरवरी।लुभावने झांसे में आकर जाब करने भारत से मस्कट भेजी गईं लड़कियों और महिलाओं का दिल पसीज देने वाला दर्द बयां करता विडियो अब लगातार आ रहा है। भारत लौटने की राह तकते महीनों बीत चुके हैं लेकिन इंडियन एम्बेसी में भी उनकी कोई नहीं सुन रहा। हाल ही में भिलाई की दीपिका को रेस्क्यू कर भारत लाया गया जिससे अपनी बारी का इंतजार कर रही महिलाओं में एक आस जगी थी क्योंकि एक एक दिन काटना अब उन्हें नागवार गुजर रहा है। अब उन्होंने विडियो भेज सभी के समक्ष सुसाइड के आलावा कोई रास्ता न होने की बात कही है।


गौरतलब हो कि ब्यूटीशियन, कुक या फिर एक बुजुर्ग दम्पत्ति की देखभाल का काम बता कर महिलाओं को 40 से 50 हजार की सैलरी का झांसा दे भारत से मस्कट भेजा जाता है लेकिन वहां पहुंच सारे वायदों का सब्जबाग और सुविधाएं फना हो जाती हैं। उनके पासपोर्ट छीन लिए जाते हैं और विरोध करने पर उन्हें अपने परिवार से छोड़ने के बदले मोटी रकम मंगाने के लिए मजबूर किया जाता है। ओमान में भारतीय दूतावास से सम्पर्क बाद भी ऐसी महिलाओं को कोई मदद नहीं मिल रही है।
आपको बता दें कि मस्कट में फंसी लगभग आधा सैकड़ा महिलाएं एम्बेसी में भारत भेजने की गुहार लगाते महीनों से अपनी बारी का इंतजार कर रही हैं। कुछ महीने पहले ही घर के हालात सुधारने के लिए वो मस्कट में नौकरी करने आईं और यहां पर उन्हें अलग अलग शेख परिवारों में काम करने के लिए लगाया गया लेकिन जो काम और मेहनताना बताया गया था उन सब सुविधाओं में वो खुद को ठगा हुआ महसूस कर रही हैं। मस्कट में दो-दो साल के एग्रीमेंट बाद उनके सारे दस्तावेज अपने कब्जे में लेकर शेख परिवार उन्हें खाना तक नहीं देते हैं, उनके साथ मारपीट की जाती है।
विगत 9 फरवरी को वैशाली नगर विधायक रिकेश सेन और छत्तीसगढ़ सरकार की पहल पर भिलाई पहुंची दीपिका ने बताया कि मस्कट में अन्य भारतीय लड़कियां और महिलाएं बड़ी संख्या में फंसी हुई हैं, उसने सरकार से मांग की थी कि वहां पर फंसी अन्य भारतीय लड़कियों को भी सुरक्षित वापस लाया जाए। अपने दर्द को बयां करती कुछ महिलाओं ने वैशाली नगर विधायक रिकेश सेन को बाकायदा विडियो बना कर भेजा और भारत वापस लाने की गुहार लगाई, उनके लगातार विडियो छत्तीसगढ़ आ रहे हैं।
विधायक रिकेश सेन ने कहा कि मामला अलग अलग राज्यों से जुड़ा हुआ है इसके लिए उनसे पत्राचार कर विदेश मंत्रालय में भी जानकारी दे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी तक भी मस्कट में फंसी भारतीय महिलाओं की अपील भेजी जा रही है।
मस्कट से भारतीय महिलाओं ने आज जो विडियो भेजा है उसमें सुसाइड तक की बात उन्होंने कही हैं। हैदराबाद की फरीदा की तबियत नाजुक है उसकी देखरेख करने वाला मस्कट में कोई नहीं है, वहभारत नहीं आ पा रही है। फरीदा ने विडियो में कहा कि किडनी पेन होने की वजह से वह काम नहीं कर सकी, इंडियन एम्बेसी में आकर उसे दो महीने हो गए हैं, उसे इंडिया आना है। पंजाब की ज्योति ने मस्कट इंडियन एम्बेसी से गुहार लगाते हुए विडियो में बताया है कि उसका आईडी प्रूफ, पासपोर्ट सहित सारे कागजात उन लोगों ने ले लिया है। वापस जाने के लिए 3 लाख मांग रहे हैं, वह बहुत गरीब घर से है। मुम्बई की अनुराधा भी मस्कट इंडियन एम्बेसी में पिछले एक महीने से भारत लौटने की कतार में है। उसने बताया कि वापसी के लिए उससे 100 रियाल मांगा जा रहा है जो उसके और परिवार के पास नहीं हैं। अनुराधा के पिता का आपरेशन हुआ है, उसका पति से डिवार्स भी हो चुका है। वह इंडिया लौटना चाहती है और हेल्प की गुहार लगा रही है।
कई वर्षों से अच्छी नौकरी और बेहतर सैलरी का झांसा देकर भारतीय महिलाएं कुछ प्लेसमेंट एजेंसी के माध्यम से टूरिस्ट वीजा पर मस्कट भेजी जाती रहीं हैं, जहां इनका वर्किंग वीजा बना एग्रीमेंट कर पासपोर्ट आदि शेख परिवार अपने कब्जे में लेकर इनसे काम करवाते हैं।