सीजी न्यूज आनलाईन डेस्क, 2 जून। छत्तीसगढ़ की न्यायधानी बिलासपुर में सिकंदराबाद-पटना स्पेशल ट्रेन (03253) की AC खराब होने को लेकर यात्रियों ने जमकर हंगामा मचाया। चेन पुलिंग कर इस स्पेशल एक्सप्रेस को रोक कर लगभग दो सौ यात्री नीचे उतरे और कहा एयर कंडीशनर ठीक करें तभी ट्रेन रवाना होने देंगे।
आपको बता दें कि यात्रियों ने बिलासपुर से पहले ही स्टेशन पर चेन पुलिंग कर ट्रेन रोक दी और सुधार करने की मांग करने लगे। इस हंगामे के बाद काफी देर स्पेशल एक्सप्रेस खड़ी रही और रात 12 बजे के बाद इसे रवाना किया गया।
गौरतलब हो कि गर्मी में भीड़ को कम करने के लिए रेलवे ने सिकंदराबाद-पटना स्पेशल ट्रेन की सुविधा दी है। ट्रेन जब सिकंदराबाद से छूटी तब दो कोच के एसी खराब थे। प्रारंभिक स्टेशन से रवाना होने के बाद बी-4 कोच और ए-1 कोच के एसी ने काम करना बंद कर दिया। यात्रियों ने उसी समय टीटीई को सूचना दी। वहां से आगे के स्टेशन में सुधार होने की बात कहकर ट्रेन को रवाना कर दिया गया। सिकंदराबाद से बिलासपुर तक इसी तरह यात्री परेशान रहे। पूरा दिन और रात यात्री बिना एसी के ट्रेन में सफर करते रहे लेकिन किसी भी स्टेशन में उनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ तब बिलासपुर से पहले स्टेशनों में चेन पुलिंग कर ट्रेन रोकी गई और सुधार करने की मांग की गई। यात्रियों से कहा गया कि बिलासपुर में कोच बदल दिए जाएंगे और जब बिलासपुर जोनल स्टेशन के प्लेटफार्म 2 पर ट्रेन आकर रुकी तो यात्रियों को पूरी उम्मीद थी कि यहां उन्हें राहत मिलेगी लेकिन बिलासपुर से भी बिना सुधार या कोच बदले ट्रेन को सिग्नल दे दिया गया तो यात्रियों ने चेन पुलिंग कर दी। करीब सात आठ बार चेन पुलिंग कर ट्रेन रोकी गई। यात्री अड़ गए कि जब तक सुधार नहीं होगा ट्रेन आगे नहीं बढ़ेगी। जोनल स्टेशन में स्थिति बेहद तनावपूर्ण हो चुकी थी। यात्री कोई भी आश्वासन मानने को तैयार नहीं थे। उनका कहना था कि अब ट्रेन तब जाएगी, जब दूसरा कोच लगाया जाएगा। इसी स्थिति में फिर ट्रेन रवाना की गई लेकिन यात्रियों ने चेन पुलिंग कर दी। जितनी बार ट्रेन स्टार्ट होती और कुछ दूर आगे बढ़ती नाराज यात्री ट्रेन रोक देते। ट्रेन से लगभग 200 यात्री प्लेटफार्म में उतरे थे। आरपीएफ से रेलवे के अन्य अधिकारी यात्रियों को समझाने का प्रयास करने लगे। लेकिन यात्री मानने को तैयार नहीं थे। देर रात हंगामा चलता रहा। इस मामले की शिकायत रेलवे बोर्ड और रेलमंत्री से करने की बात कहते हुए यात्री वापस कोच में गए और जैसे तैसे ट्रेन आगे रवाना की गयी।

