भिलाई नगर, 29 फरवरी। औद्योगिक क्षेत्र हाउसिंग बोर्ड इलाके के फौजी नगर में अब उद्योग नहीं लगेगा। पिछली सरकार में सभी छ: प्लाट का आबंटन निरस्त किए जाने का विधानसभा में 21 फरवरी को उद्योग मंत्री की घोषणा के बावजूद एक हफ्ते के भीतर न केवल उद्योग के लिए स्ट्रक्चर खड़ा कर लिया गया बल्कि आज इन जमीनों पर नगर निगम भिलाई के अधिकारी बाकायदा पानी का कनेक्शन देने रातों रात गड्ढा भी खुदवा चुके हैं। वैशाली नगर विधायक रिकेश सेन द्वारा फौजी नगरवासियों के विरोध बाद इस मुद्दे को विधानसभा के द्वितीय सत्र में जोर शोर से उठाया गया था नतीजतन उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन ने सदन में घोषणा की थी कि फौजी नगर में खेल जमीन पर उद्योग के लिया किया गया सभी छ: आबंटन निरस्त किया जाता है।
आपको बता दें कि उद्योग मंत्री की सदन में घोषणा के बाद आबंटितियों ने रातों-रात निर्माण कार्य जारी रखा और बाउंड्री वाल, मशीन फाउंडेशन, प्रवेश गेट आदि एक हफ्ते के भीतर लगा लिए गए। कल रात जल कनेक्शन के लिए रोड किनारे 5 फुट का गड्ढा खोद कंपनी के लिए पाईप लाईन बिछाने का काम आज हो रहा है। रिहायशी क्षेत्र फौजी नगर और 32 एकड़ के हजारों लोग जो इकलौते खेल मैदान पर उद्योग का विरोध करते रहे हैं उनका आक्रोश लगातार बढ़ रहा है। वर्तमान परिदृश्य यह बताता है कि विधानसभा सदन में उद्योग मंत्री की घोषणा का नगर निगम के अधिकारियों पर कोई प्रभाव फिलहाल नजर नहीं आ रहा है। निगम अधिकारियों ने ऐसा कोई आदेश उद्योग विभाग से प्राप्त न होने का हवाला देकर उद्योग स्थापना के लिए आवश्यक सभी सुविधाएं चिन्हित स्थान पर मुहैया कराने भिलाई निगम के अधिकारी पूरी तत्परता से लगे हुए हैं।

गौरतलब हो कि पिछली सरकार में उद्योग लगाने के लिए खेल मैदान की जमीन का अलॉर्टमेंट हो गया था जिसे 21 फरवरी को सदन में निरस्त कर दिया गया था। विधानसभा में वैशालीनगर विधायक रिकेश सेन ने यह मुद्दा उठाया। तब मामला सरकार के संज्ञान में आया और आदेश जारी हुआ कि वहां अलॉर्टेड जमीन का आबंटन निरस्त किया जाता है। इस संबंध में उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन ने ऐलान किया था। विधानसभा में वैशाली नगर विधायक रिकेश सेन ने सदन को बताया कि फौजी नगर की उस जमीन पर उद्योग नहीं खुलने थे क्योंकि वहां पर बड़ी आबादी रहती है, रिहाइशी इलाका है। लोगों ने शिकायत की थी तो मैंने कहा था कि जनता की मांगों को ध्यान में रखकर काम किया जाएगा। इसके बाद उद्योग विभाग ने इस जमीन का आबंटन निरस्त कर दिया।
विदित हो कि जामुल थाना क्षेत्र के फौजी नगर में उद्योग लगाए जाने को लेकर जनवरी महीने में यह विवाद गरमा गया था। फौजी नगर के निवासियों से निर्माणाधीन फैक्ट्री के संचालक विनय अग्रवाल और प्रमोद अग्रवाल की हर समय तू तू मैं मैं होती रही और एक दिन मारपीट भी हो गई। इससे पहले दोनों अग्रवाल बंधुओं ने मोहल्ले के एक युवक की जमकर पिटाई की थी जिससे मोहल्ले के लोग भड़क गए और उन्होंने दोनों को घेरकर मारपीट की लेकिन पुलिस ने इस मारपीट के बाद केवल एक पक्ष पर मामला दर्ज किया था। जिसके बाद मोहल्ले वासियों ने जामुल थाने का घेराव कर जमकर नारेबाजी की थी। मोहल्ले के लोगों का आरोप था कि फौजी नगर में बस्ती के बीचो-बीच डीआईसी की जमीन अलॉट कर जान्हवी इंटरप्राइजेस, साहिल इंडस्ट्रीज के नाम से फैक्ट्री का निर्माण किया जा रहा है। मोहल्ले के लोगों ने कहा कि फैक्ट्री बनने से प्रदूषण होगा और उनका यहां रहना मुश्किल हो जाएगा। इसका वो लोग कई दिनों से विरोध कर रहे हैं। मोहल्ले का रहने वाला लड़का अमर साहू फैक्ट्री के बाहर गेट से वीडियो बना रहा था, यह देखकर विनय और प्रमोद अग्रवाल भड़क गए थे और उन्होंने अपने कर्मचारियों को उसे पीटने के लिए कहा जिसकी तस्वीरें सीसीटीवी में कैद हुई थीं। इस आबंटन मामले में पूर्व आईएएस अनिल टूटेजा पर गलत तरीके से जमीन आबंटन का आरोप भी लगा था। कांग्रेस सरकार ने इस खेल जमीन पर कुल छ: लोगों को उद्योग जमीन का आबंटन किया गया था जिसे विधानसभा में उद्योग मंत्री ने निरस्त कर दिया। फौजी नगर और 32 एकड़ रहवासियों के मुताबिक रिहायशी क्षेत्र में उद्योगपति को जमीन आबंटित कर दी गई थी। कई बार उद्योगपति से उस जमीन पर निर्माण न करवाने की मांग कर चुके थे लेकिन उद्योगपति भी अपनी जिद में निर्माण कराने आमादा था। इस जमीन पर जब बाउंड्री वाल निर्माण के लिए रेत, गिट्टी गिरवाई गई तब भी सैकड़ों लोग विरोध में उतर आए थे। इस जमीन के चारों तरफ आवास हैं. पड़ोस के सभी लोगों ने यहां उद्योग स्थापना का विरोध जताया था। विधायक रिकेश सेन ने प्रदर्शनकारियों से ज्ञापन लेकर मामले और आबंटन की जांच कराने का आश्वासन दिया था। इस बीच उद्योगपति अग्रवाल वहां पहुंचे और बाउंड्रीवाल काम शुरू करवाया तो लोग भड़क गए। दोनों पक्षों के बीच मारपीट हुई, जिसमें जामुल थाना की टीम ने मौके पर पहुंचकर मामला शांत करवाया था।
निगम अधिकारी जोन 2 अनिल शुक्ला से जब बात की गई तो उन्होंने बताया कि फौजी नगर में जो उद्योग स्थापित किए जा रहे थे, उन्होंने नल कनेक्शन के लिए पूर्व में रूपये जमा किए थे, इसलिए उनको कनेक्शन दिया गया है। विधानसभा सदन में आबंटन निरस्त की घोषणा बाद कल रात से यहां गड्ढा खुदवाने पर उन्होंने अनभिज्ञता जताते हुए कहा कि मैं अभी दिखवाता हूं, वहां कल रात से काम हो रहा है इसकी जानकारी मुझे नहीं थी। आज फौजी नगर के कुछ लोगों ने फोन किया तब पता लगा कि वहां नल कनेक्शन दिया जा रहा है।

