दुर्ग, 27 जून । जिला कलेक्ट्रेट कार्यालय में कल ग्राम चिंगरी के आधा दर्जन युवक अपनी मांगों को लेकर धरने पर बैठ गए। इस दौरान सभी के हाथों में मांगों को लेकर तख्ती थी। जिसमें पंचायत समिति को भंग करने की मांग, सरपंच सचिव को बर्खास्त करने, सरकारी जमीन के कब्जा हटाने और तहसीलदार के आदेश का पालन करने की मांग की गई थी। आधा घंटा प्रदर्शन करने के बाद अपर कलेक्टर बजरंग दुबे ने युवकों की बातें सुनी गई इस पर एसडीएम मुकेश रावटे को एक्शन लेने और उनसे मिलने कहा गया।
क्या है मामला
युवको ने बताया कि गांव में अवैध कब्जे हो रहे हैं । जिसको लेकर पूर्व में जून 2020 में 13 लोगों के कब्जे हटाने के लिए पंचायत में प्रस्ताव पारित हुआ था। परंतु कोई कार्यवाही धरातल पर नहीं हुई थी। सूचना के अधिकार के तहत मिले दस्तावेजों में यह प्रमाण मौजूद है कि पंचायत सचिव सरपंच और पंचायत समिति द्वारा अवैध कब्जा हटाने को लेकर कोई तत्परता नहीं दिखाई गई है यहां तक की तहसील न्यायालय के आदेशों का भी पालन नहीं किया। जीव कौन है आरोप लगाया कि पंचायत सचिव इस मामले को व्यक्तिगत बताया गया । इस संबंध में यू कौन है बताया कि पंचायत समिति को दिया गया आदेश व्यक्तिगत नहीं हो सकता। युवकों का आरोप है कि मात्र नोटिस देकर खाना पूर्ति की जा रही है और न्यायालय के आदेशों की अवहेलना पंचायत समिति कर रही है इसके सारे साक्ष्य संबंधित जिला प्रशासन को उपलब्ध कराया गया। इस पर कब्जा हटाने की तारीख निर्धारित करने की बात तय हुई। इसके बाद युग को ने अपना आंदोलन समाप्त किया। प्रदर्शन करने वालों में गुलाब देशमुख, उपेंद्र देशमुख, खोमेंद्र, लेखराम व नवीन जालेंद शामिल रहे।

