केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रायपुर में वामपंथी उग्रवाद पर की सुरक्षा समीक्षा बैठक

केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रायपुर में वामपंथी उग्रवाद पर की सुरक्षा समीक्षा बैठक


🔴31 मार्च 2026 से पहले देश होगा पूरी तरह नक्सल-मुक्त : अमित शाह


रायपुर, 09 फरवरी 2026। केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने कल छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में वामपंथी उग्रवाद (नक्सलवाद) पर एक उच्चस्तरीय सुरक्षा समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। इसके साथ ही उन्होंने राज्य में संचालित विभिन्न विकास कार्यों की भी समीक्षा की।
बैठक में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय, उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, केन्द्रीय गृह सचिव, आसूचना ब्यूरो (IB) के निदेशक, गृह मंत्रालय के विशेष सचिव (आंतरिक सुरक्षा), छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव सहित CRPF, NIA, BSF, ITBP के महानिदेशक तथा छत्तीसगढ़, तेलंगाना, झारखंड, ओडिशा और महाराष्ट्र के गृह सचिव एवं पुलिस महानिदेशक उपस्थित रहे।
बैठक को संबोधित करते हुए केन्द्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने कहा कि केन्द्र एवं छत्तीसगढ़ सरकार की सुरक्षा केन्द्रित रणनीति, इंफ्रास्ट्रक्चर विकास, नक्सलियों के वित्तीय नेटवर्क पर प्रभावी प्रहार तथा आत्मसमर्पण नीति के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि 31 मार्च 2026 से पहले देश पूरी तरह नक्सल-मुक्त हो जाएगा।
श्री शाह ने कहा कि छत्तीसगढ़ कभी नक्सली हिंसा का गढ़ माना जाता था, लेकिन प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में चल रही डबल इंजन सरकार के कारण आज यह राज्य विकास का प्रतीक बन चुका है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के युवा खेल, फॉरेंसिक विज्ञान और तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ रहे हैं और साथ ही अपनी संस्कृति व परंपराओं को भी सहेज रहे हैं।


गृह मंत्री ने कहा कि मोदी सरकार नक्सलवाद को जड़ से समाप्त करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद कई पीढ़ियों को गरीबी और अशिक्षा के अंधकार में धकेलने वाला अभिशाप रहा है, जिससे देश अब जल्द ही पूरी तरह मुक्त होने जा रहा है।
उन्होंने माओवाद के विरुद्ध लड़ाई को राज्यों और केन्द्रीय एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय के साथ संचालित करने पर बल दिया और कहा कि शेष बचे नक्सलियों को किसी भी अन्य राज्य में भागने का अवसर नहीं मिलना चाहिए।
श्री अमित शाह ने कहा कि छत्तीसगढ़ ने सुरक्षा और विकास दोनों मोर्चों पर उल्लेखनीय प्रगति की है और यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के लोगों को विकास के समान अवसर उपलब्ध हों।