Triple Murder Case : मां-बाप की सालगिरह पर मुक्केबाज बेटे ने तोहफे में पूरे परिवार को दी मौत`, सिर्फ छोटी सी थी वजह

Triple Murder Case : मां-बाप की सालगिरह पर मुक्केबाज बेटे ने तोहफे में पूरे परिवार को दी मौत`, सिर्फ छोटी सी थी वजह


सीजी न्यूज ऑनलाइन 05 दिसंबर । बुधवार की सुबह दक्षिण दिल्ली के देवली में ट्रिपल मर्डर से सभी लोग हैरान रह गए. शुरुआत में पता लगा कि बेटा सुबह मॉर्निंग वॉक पर गया हुआ था और जब वह वापस आया तो देखा उसके पिता, मां और बेटी की लाशें पड़ी हुई हैं. एक परिवार के तीन लोगों की हत्या से इलाके में पहली सनसनी फैल गई थी लेकिन जब पुलिस ने मामले की तफतीश शुरू की तो सभी के होश भी उड़ गए क्योंकि कातिल तो घर का चिराग ही था. यानी मॉर्निंग वॉक की बात कहने वाला बेटा खुद ही कातिल निकला.

मां-बाप से नहीं थे अच्छे संबंध

दक्षिण दिल्ली के नेब सराय इलाके में बुधवार को पति-पत्नी और बेटी की हत्या में पुलिस ने कुछ घंटों बाद ही दंपति के बेटे को गिरफ्तार किया. अधिकारियों ने कहा कि आरोपी के अपने माता-पिता के साथ अच्छे संबंध नहीं थे. पुलिस ने कहा कि राजेश कुमार (51), उनकी पत्नी कोमल (46) और उनकी बेटी कविता के शव बुधवार सुबह देवली गांव में उनके घर से बरामद किए गए थे और शवों पर चाकू के घाव थे. राजेश की लाश शव पहली मंजिल पर मिला, जबकि उनकी 46 वर्षीय पत्नी कोमल और बेटी कविता के शव ग्राउंड फ्लोर पर अलग-अलग बिस्तरों पर मिले. घटनास्थल के गवाह पड़ोसियों ने बताया कि खून के बहाव को रोकने के लिए पीड़ितों के गले में कपड़े डाले गए थे.

क्यों की माता-पिता-बहन की हत्या?


संयुक्त पुलिस आयुक्त (दक्षिणी रेंज) एसके. जैन ने कहा कि दंपत्ति का बेटा अर्जुन एक प्रमुख संदिग्ध था, क्योंकि घटना का क्रम उसके बयानों से मेल नहीं खा रहा था. जैन ने कहा,’हमने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की तो पता चला कि उसने यह इस घटना को इसलिए अंजाम किया क्योंकि माता-पिता के साथ उसके संबंध अच्छे नहीं थे. वह इसलिए भी परेशान था क्योंकि उसके माता-पिता बहन को उससे ज्यादा पसंद करते थे और अपनी जायदाद में उसी के नाम करना चाहते थे.’

कैसे कबूल किया जुर्म

डीसीपी (दक्षिण) अंकित चौहान की देखरेख में एक टीम ने कई सीसीटीवी फुटेज खंगाले और जबरन प्रवेश या चोरी के कोई संकेत नहीं मिले. घर के अंदर सब कुछ अपनी मूल जगह पर दिखाई दिया. संयुक्त सीपी (दक्षिण) संजय कुमार जैन ने कहा,’जब हमने अर्जुन से पूछताछ की, तो उसने अलग-अलग जवाब देना शुरू कर दिया और कई विरोधाभास थे.’ उन्होंने कहा कि बाद में अर्जुन ने जुर्म भी कबूलते कर लिया. पूछताछ के दौरान, अर्जुन ने खुलासा किया कि उसने एक सप्ताह पहले अपने परिवार के सदस्यों को खत्म करने की साजिश रची थी.

बचने के लिए बनाई झूठी कहानी

उसने बुधवार का दिन चुना, जो उसके माता-पिता की शादी की सालगिरह थी, यह मानते हुए कि कोई उस पर शक नहीं करेगा. धोखे का जाल बनाने के लिए वह सुबह 5.30 बजे घर से निकलकर अपनी रोज़ाना की सुबह की सैर पर निकल गया. पुलिस ने बताया,’जब वह वापस लौटा तो अपनी योजना के मुताबिक वह एक जिम में गया जहां वह कसरत करता था और जिम मालिक को बताया कि उसके माता-पिता की हत्या कर दी गई है.’ फिर उसने पड़ोसियों और रिश्तेदारों को सूचित किया.

मुक्केबाद भी है कातिल बेटा’

अर्जुन ने कहा कि उसके पिता नियमित रूप से उसे उसकी दिनचर्या और पढ़ाई को लेकर डांटते थे. वह इस बात से भी नाराज़ था कि उसके माता-पिता उसकी बहन का समर्थन करते थे, जो मास्टर डिग्री की पढ़ाई कर रही थी और अपनी पढ़ाई में अच्छा कर रही थी. आरोपी दिल्ली विश्वविद्यालय से संबद्ध कॉलेज से राजनीति विज्ञान में बीए भी कर रहा था. वह एक प्रशिक्षित मुक्केबाज है और मुक्केबाजी में दिल्ली का प्रतिनिधित्व कर चुका है. साथ ही रजत मेडल भी जीत चुका है. उसने धौला कुआं में आर्मी पब्लिक स्कूल से पढ़ाई की है.