BSP से लोहा चोरी के आरोपों पर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन का पलटवार, कहा- बिना सबूत न जोड़ें नाम

BSP से लोहा चोरी के आरोपों पर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन का पलटवार, कहा- बिना सबूत न जोड़ें नाम


🛑CISF की सुरक्षा व्यवस्था का हवाला देकर एसोसिएशन ने खबरों को बताया भ्रामक, पांडे कबाड़ी के गोदाम में मिले सेल के लोहे की निष्पक्ष जांच की मांग

भिलाईनगर, 14 अक्टूबर 2026। भिलाई इस्पात संयंत्र (बीएसपी) से लोहा चोरी होने की खबरों को लेकर भिलाई ट्रक ट्रेलर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन ने अपना पक्ष रखा है। एसोसिएशन ने इन खबरों को भ्रामक और निराधार बताते हुए कहा है कि संयंत्र में केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) की कड़ी निगरानी और जांच व्यवस्था के बीच चोरी की संभावना पर सवाल उठते हैं। संगठन ने मामले की निष्पक्ष जांच कराने और बिना प्रमाण ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन का नाम जोड़ने से बचने की मांग की है।

एसोसिएशन के महासचिव मलकीत सिंह उर्फ लल्लू सिंह ने प्रेस को जारी बयान में कहा कि बीएसपी परिसर में सुरक्षा और जांच की सख्त व्यवस्था है। ऐसे में संयंत्र से लोहा चोरी के मामले में बिना ठोस साक्ष्य किसी ट्रांसपोर्टर या संगठन को जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं है।

एसोसिएशन की गाड़ियों पर आरोपों को किया खारिज

मलकीत सिंह ने दावा किया कि एसोसिएशन से जुड़ी किसी भी गाड़ी को अब तक चोरी करते हुए या सेल का लोहा बेचते हुए पकड़े जाने की जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि जांच के तथ्यों के सामने आए बिना संगठन का नाम इस प्रकरण से जोड़ना उसकी छवि को नुकसान पहुंचाने वाला है।

पांडे कबाड़ी के गोदाम में मिले लोहे की जांच की मांग

पांडे कबाड़ी के गोदाम में सेल का लोहा मिलने के मामले पर एसोसिएशन ने अलग से जांच की जरूरत बताई है। मलकीत सिंह के अनुसार, यह पता लगाया जाना चाहिए कि संबंधित लोहा अधिकृत ट्रेडर्स के गोदामों से दूसरे राज्यों में माल ले जाने वाले वाहनों के जरिए तो चोरी नहीं हुआ।

उन्होंने स्पष्ट किया कि एसोसिएशन किसी भी तरह की चोरी का समर्थन नहीं करता। संगठन का कहना है कि मामले की वास्तविक स्थिति जांच के बाद ही स्पष्ट होनी चाहिए।

प्रशासन से निष्पक्ष जांच कराने की अपील

ट्रक ट्रेलर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन ने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। साथ ही कहा है कि दोषियों की पहचान साक्ष्यों के आधार पर की जाए और जांच पूरी होने से पहले किसी संगठन को बदनाम नहीं किया जाए।

हालांकि, एसोसिएशन की ओर से लगाए गए तर्क और दावे उसके आधिकारिक पक्ष का हिस्सा हैं। मामले में चोरी की वास्तविक स्थिति और जिम्मेदारी का निर्धारण जांच के निष्कर्षों के आधार पर ही हो सकेगा।