प्रबन्धन के मौन का प्रतीकात्मक विरोध करते हुए कल डिप्लोमा इंजिनियर्स निकालेंगे शांति मार्च

प्रबन्धन के मौन का प्रतीकात्मक विरोध करते हुए कल डिप्लोमा इंजिनियर्स निकालेंगे शांति मार्च


प्रबन्धन के मौन का प्रतीकात्मक विरोध करते हुए कल डिप्लोमा इंजिनियर्स निकालेंगे शांति मार्च

भिलाई नगर 17 मई । वेतन समझौता होने के बाद भी अब तक जेई के मुद्दे पर वस्तुस्थिति में परिवर्तन नही होने से क्षुब्ध डिप्लोमा इंजिनियर्स कल 18 मई शाम पांच बजे बोरिया गेट से एक साइलेंट मार्च लेकर  मुर्गा चौक तक जाएंगे जो कि एक प्रतीकात्मक विरोध होगा।

डेब अध्यक्ष राजेश शर्मा ने कहा कि इस्पात मंत्रालय द्वारा 1मई 2017 को एक आदेश सेल में कार्यरत डिप्लोमा इंजीनियर्स को जूनियर इंजीनियर का पदनाम देने और उनके समुचित कैरियर ग्रोथ हेतु दिया था । परंतु अलग अलग कमेटी बनने के बाद भी यह मामला अधर में ही लटका है। जिससे समस्त डिप्लोमा इंजीनियरो में एक निराशा घर करती जा रही है। पदनाम का मुद्दे एक महत्वपूर्ण मुद्दा है और इस कारण ही सेफी द्वारा भी इसकी एहमियत समझते हुए चिकित्सको, व अधिकारियों हेतु पदनाम में परिवर्तित करवाते हुए उन्हें अपेक्षाकृत एक ग्रेड ऊपर का पदनाम लागू करवाया गया यहां तक सेल में ही सीएमओ में नोनेक्स हेतु नया पदनाम लागू कर दिया गया है। पर सेल के इंटेग्रेडेड संयंत्रों के डिप्लोमा इंजिनियर्स अब तक मंत्रालय के निर्देश देने के बावजूद अधर में अटके हुए है।

प्राइवेट संयंत्र डिप्लोमा इंजिनियर्स के स्किल उपयोगिता में सबसे आगे

इस्पात क्षेत्र में कार्यरत सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी सेल,आरआईएनएल की अपेक्षा निजी संयंत्रों टाटा, जिंदल, आर्सेलर मित्तल डिप्लोमा इंजिनियर्स की योग्यताओं का बेहतर उपयोग करते है जिससे उनका मेन पावर कॉस्ट सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों से बेहतर होता है अगर बात करे तो टाटा स्टील जमशेदपुर 10 एमटी प्लांट में कुल 13528 कर्मचारी है जिसमे 3500 डिप्लोमा इंजीनियर्स एवं 1500 ऑफिसर है।

पर बात अगर सिर्फ सेल बीएसपी की ही कि जाए तो 7.5 एमटी प्लांट लगभग 17000 कर्मचारी है जिसमे 3000 के लगभग डिप्लोमा इंजिनियर्स व  3310 ऑफिसर मिलकर सयंत्र चला रहे है। ऑफिसर ज्यादा रखने का प्रमुख कारण अधिकतर प्रबंधको से सुपरवाइजर का कार्य लिया जाना है।जबकि एचआर एक्सपर्ट्स की माने तो इस तरह के कार्यो को डिप्लोमा इंजीनियर द्वारा ही निष्पादन करवाना कंपनी के लिए फायदेमंद होता है।

टाटा स्टील जहा 2009 से ही अपनी एचआर पालिसी में बदलाव ला चुका है, और डिप्लोमाधारियो को प्रारंभ से ही जूनियर इंजीनियर ग्रेड 1 के पद पर बहाली देता है। जेई ग्रेड 1 की भूमिका प्लांट में कार्य को बेहतर संचालन के लिए नेतृत्व की गुणवत्ता और सुधार गतिविधि में भागीदारी की आवश्यकता को सुनिश्चित करना है, ताकि उत्कृष्ट परिचालन परिणाम प्राप्त किया जा सके जो संयंत्र और उपकरणों के संचालन और रखरखाव में चुनौतीपूर्ण कार्य के साथ महत्वपूर्ण स्थिति भी है ।