हड़ताल को सफल बनाने संयुक्त ट्रेड यूनियन ने प्रदर्शन कर किया पर्चा वितरण, प्रबंधन ने हड़ताल को अवैध किया घोषित, कर्मियों के खिलाफ अनुशासनहीनता की कार्रवाई की दी चेतावनी
भिलाई नगर 26 मार्च । संयुक्त ट्रेड यूनियन द्वारा 12 सूत्रीय मांगों को लेकर दो दिवसीय हड़ताल को सफल बनाने के लिए प्रयासरत है वही प्रबंधन के द्वारा हड़ताल को अवैध करार दिया है एवं शामिल होने वाले कर्मियों को अनुपस्थित मानते हुए वेतन कटौती के साथ-साथ अनुशासनहीनता मानते हुए कार्यवाही करने की चेतावनी दी है।
संयुक्त ट्रेड यूनियन के द्वारा 12 सूत्रीय मांगों को लेकर 28 एवं 29 मार्च को दो दिवसीय हड़ताल को सफल बनाने के लिए कल संयुक्त यूनियनों द्वारा बोरिया गेट पर प्रदर्शन कर पर्चा वितरण किया गया एवं कर्मियों से हड़ताल को सफल बनाने की अपील की गई।

भिलाई इस्पात संयंत्र के कार्यपालक निदेशक कार्मिक एवं प्रशासबन के.के. सिंह ने जारी अपील में उल्लेखित किया है कि कुछ श्रमिक संगठनों द्वारा 28 एवं 29 मार्च, 2022 को हड़ताल करने की सूचना दी गई है। श्रमिक संगठनों द्वारा भेजे गए ज्ञापन के अनुसार अधिकतर मांगे केंद्र / राज्य सरकार की नीतियों और निगमित कार्यालय, सेल, नई दिल्ली से संबंधित है जिस पर भिलाई इस्पात संयंत्र स्तर पर निर्णय लेना संभव नहीं है। जैसा कि आपको ज्ञात है एन.जे.सी.एस. में एम ओ यू पर हस्ताक्षर किया जा चुका है एवं उपरोक्तानुसार, वेतन एवं अन्य सुविधाओं को संशोधित किया जा चुका है। भिलाई इस्पात संयंत्र में औद्योगिक शांति एवं सौहार्द की दीर्घ और गौरवमयी परंपरा रही है। हम उत्पादन के चरम बिंदुओं तक पहुंचने के लिए संकल्पित हैं तथा इसके लिए हम सबको हर संभव प्रयास करना होगा। कोरोना महामारी के इस संकट की घड़ी में हम सब का प्रयास अपने कार्मिकों के स्वास्थ्य की सुरक्षा के साथ ही सुरक्षित उपायों को अपनाते हुए संयंत्र के हितों का भी ध्यान रखना होना चाहिए।
यह ज्ञात हो कि क्षेत्रीय श्रमायुक्त (केन्द्रीय), रायपुर ने औद्योगिक विवाद अधिनियम, 1947 के अन्तर्गत हड़ताल आव्हान के मुद्दों को Conciliation में seize कर दिया है। चूंकि भारत सरकार ने लौह एवं इस्पात उद्योग को ‘लोक उपयोगी सेवा घोषित किया गया है, इसलिये औद्योगिक विवाद अधिनियम 1947 के प्रावधानों के अनुसार सुलह कार्यवाही लम्बित होने के दौरान हड़ताल पर जाना अवैध है।
सूचित करना चाहेंगे की 28 एवं 29 मार्च, 2022 को कार्य से अनुपस्थिति को हड़ताल में भाग लेना माना जाएगा एवं ऐसी अनधिकृत अनुपस्थिति का वेतन में कटौती के अतिरिक्त SPIS अर्जन में भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। पुनश्च ऐसे कार्मिक कम्पनी के स्थाई आदेशों (संयंत्र / खदान) एच. एस. एल. अनुशासन व अपील नियम एवं कम्पनी के अन्य लागू नियमों के अंतर्गत अनुशासनात्मक कार्यवाही के पात्र होंगे। ऐसी हड़तालों में भाग लेने से उत्पादन, उत्पादकता और लाभप्रदता में सुधार के प्रति हमारी प्रतिबद्धता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।
इसी तारतम्य में कार्मिकों से अपील है कि हड़ताल के दिन किसी भी कार्मिक को संयंत्र के भीतर प्रवेश हेतु व्यवधान उत्पन्न करने या बलपूर्वक रोकने का प्रयास न करें। इस तरह की घटना को अनुशासनहीनता माना जायेगा और नियमानुसार आवश्यक अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाएगी।
सभी कार्मिकों से अपील करते हैं कि इस संकट की घड़ी में वे भिलाई की गौरवशाली कार्य संस्कृति और परंपरा को बनाए रखें एवं 28 एवं 29 मार्च, 2022 को अपने कार्य पर उपस्थित होवें और उत्पादन, उत्पादकता और लाभप्रदता में सुधार हेतु प्रभावी रूप से योगदान दें।

