फिर एक संत ने की आत्महत्या, मंदिर की तीसरी मंजिल से कूद गए प्रसिद्ध कथावाचक मणिराम दास

फिर एक संत ने की आत्महत्या, मंदिर की तीसरी मंजिल से कूद गए प्रसिद्ध कथावाचक मणिराम दास


फिर एक संत ने की आत्महत्या, मंदिर की तीसरी मंजिल से कूद गए प्रसिद्ध कथावाचक मणिराम दास

अयोध्या, 23 सितंबर।  अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महेंद्र गिरी को बुधवार को भू समाधि दी गई, इन्होंने भी आत्महत्या कर ली थी। वहीं कल दोपहर अयोध्या के प्रसिद्ध कथावाचक मणिराम दास ने मंदिर के तीसरे माले से कूदकर आत्महत्या कर ली। जानकारी के अनुसार प्रसिद्ध कथावाचक मणिराम दास बहुत ही सरल व्यवहार के व्यक्ति थे। बुधवार दोपहर के समय भोजन बनने के पश्चात वे आरती में शामिल हुए। आरती पश्चात वह छत पर चले गए कुछ ही देर बाद ऊपर से कुछ गिरने की तेज आवाज हुई और लोगों ने जाकर देखा तो राममणि दास नीचे पड़े हुए थे।

मिली सूचना पर अयोध्या कोतवाली प्रभारी मौके पर पहुंच कर जांच शुरू की।राममणि दास के शव को पीएम के लिए अस्पताल भेजा गया। पुलिस का कहना है की पीएम रिपोर्ट आने के बाद जांच में कुछ जानकारी सामने आएगी। कोतवाली पुलिस के सामने संतराम मणि दास के आत्महत्या को समझाने के लिए कई सवाल सामने है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि कथावाचक मणिराम दास ने आत्महत्या क्यों की? पूजा के तुरंत बाद वह छत से गिरे या उन्हें गिराया गया? क्या छत पर पहले से काई मौजूद था? इन्ही सवालों का जवाब ढूंढने के लिए पुलिस मंदिर में लगे कैमरे के फुटेज खंगाल रही है।

श्री राम मंत्रार्थ मंडपम मंदिर के संत कथावाचक मणिराम दास बचपन में ही संत हो गए थे। इन्होंने देश में करीब 150 रामकथाएं कहीं। संतजी का सरल व्यक्तित्व सहज ही लोगों को अपना बना लेता था। असमय हुई इस हृदय विदारक घटना ने अयोध्या सहित पूरे संत समाज को झकझोर कर रख दिया।