श्री साई के सतचररित्र” के “साई” लीलाओं का नाट्य रूपांतरण “साई शरणागत” “साई धाम”,कुम्हारी दी गई प्रस्तुति

श्री साई के सतचररित्र” के “साई” लीलाओं का  नाट्य रूपांतरण “साई शरणागत” “साई धाम”,कुम्हारी दी गई प्रस्तुति


“श्री साई के सतचररित्र” के “साई” लीलाओं का  नाट्य रूपांतरण “साई शरणागत” “साई धाम”,कुम्हारी दी गई प्रस्तुति

“श्री साई सतचररित्र” मूल ग्रंथ (मराठी भाषा ) के रचयिता कै. गोविंदराव रघुनाथ दाभोलकर (हेमाडपंत) का हिन्दी अनुवाद  शिवराम ठाकुर एवं विशेष सहाय्य प्रो. आद्याप्रसाद प्रसाद त्रिपाठी ने किया| श्री “साई “ के जीवनी पर आधारित “श्री साई के सतचररित्र” के “साई” लीलाओं का संक्षेप में नाट्य रूपांतरण “साई शरणागत” “साई धाम”,कुम्हारी के  बाबा जी” के प्रेरणा एवं परिकल्पना से छत्तीसगढ़ अंचल के ख्यातिप्राप्त रंगकर्मी शक्ति पद चक्रबर्ती ने किया है |

“साई शरणागत” की अनूठी प्रस्तुति दृश्य-श्रव्य नाट्य शैली में 13 जुलाई को गुरु पूर्णिमा के अवसर पर “साई धाम ,कुम्हारी” में  साई धाम ,कुम्हारी के तत्वाधान में अंचल की शिक्षा, सांस्कृतिक, सामाजिक एवं क्रीड़ा जगत में अग्रनी भूमिका का निर्वहन करने वाले विद्यालय के.एच.मेमोरियल स्कूल ,जवाहर नगर ,भिलाई के विद्यार्थियों तथा भिलाई ,दुर्ग के रंगकर्मियों द्वारा नाट्य प्रशिक्षण शिविर के अंतर्गत प्रशिक्षण द्वारा तैयार किया गया तथा जिसकी सशक्त प्रस्तुति प्रशिक्षणार्थियों एवं अंचल के ख्याति प्राप्त रंगकर्मियों के द्वारा किया गया|।

उक्त अवसर पर “साई धाम”,कुम्हारी के बाबा जी,आचार्य गण,  राजेश अग्रवाल एवं अन्य भक्तगण तथा श्रद्धालुओं ने उपस्थित रहकर “साई शरणागत” में दर्शित संक्षेप “साई” लीलाओं के मंचन का दर्शन किया| “साई धाम”,कुम्हारी के “ बाबा जी ने “साई बाबा ” से संबंधित अपने अनुभव सभी के साथ साझा किये ।

“साई शरणागत” के पार्श्व स्वर रिकॉर्डिंग परूष कंठ स्वर पूर्णेंदु भट्टाचार्य(दिल्ली), राकेश बंबारडे ,गुलाम हैदर, नितेश ठाकुर, शकील खान, कमरुज्जमा खान, लखेश्वर साहू, राकेश शुक्ला, धर्मेंद्र राव, बबलू बिस्वास, सुजीत भट्टाचार्य,जय कसेर , तपन चक्रवर्ती, काजोल चक्रवर्ती,सौम्य चक्रवर्ती, सारथी चक्रवर्ती, पार्थो चक्रवर्ती,साई चक्रवर्ती, शक्ति चक्रवर्ती,महिला कंठ स्वर चित्रा रॉय, सोनाली चक्रवर्ती, गौतमी चक्रवर्ती , सहेली चक्रवर्ती, नीलिमा चक्रवर्ती, तृष्णा चक्रवर्ती,बाल कंठ स्वर प्रिशा भट्टाचार्य, अरित्र चौधरी ने दिया है | पार्श्व स्वर रिकॉर्डिंग के लिये गये कंठ स्वर की विशेषता यह है कि इसमें नाटक एवं फिल्म के प्रतिष्ठित कलाकारों के साथ ही साथ विशुद्ध रूप से नवीन उदयीमान कलाकार एवं गृहिणीयों ने अपना स्वर प्रदान किया है | पार्श्व स्वर रिकॉर्डिंग बरुण चक्रवर्ती तथा  विकास (बंटी) मेश्राम के निर्देशन में  सारथी चक्रवर्ती तथा साई चक्रवर्ती द्वारा किया गया है |

“साई शरणागत” के पात्र एवं अभिनेता/अभिनेत्री  साई नाथ (तरूण) आदित्य सिंह, साईं नाथ (वयस्क) ए रमणी,अरुण पॉल एवं सुबोध चौरे, गोविंदराव रघुनाथ दाभोलकर (हेमाडपन्त ) शीतल पति एवं नितेश कुमार ठाकुर,कथावाचक गौतमी चक्रवर्ती,रागी एवं भागोजी शिन्दे राकेश बंबारड़े, स्त्री -1 एवं ग्रामवासी-1 रश्मि शर्मा,स्त्री -2 एवं ग्रामवासी-3 आस्था कुमारी,स्त्री -3 एवं ग्रामवासी-7 ईशा चौहान,स्त्री -4 एवं ग्रामवासी-2 सुहाना सिद्दीकी,श्री माधवराव ( शामा)  अदीबा परवीन, काकासाहेब दीक्षित अभिषेक मौर्य,भगवान खंडोबा (भक्त) एवं वीरभद्रप्पा (सर्प ) तृषा सोनी,म्हालसापति एवं क्राउड  वेदांश चिंतलौर,चाँद पाटील एवं क्राउड  रेहान रशीद,बायजाबाई रूपाली जंघेल, तात्या कोते पाटील  प्रणय कुमार,रतनजी सरथ नाथ गोस्वामी,दासगणू महाराज लक्ष्मीनारायण कुम्भकार,भीमाजी पाटील एवं क्राउड शौर्य धूरिया,नानासाहेब मोहम्मद सैफ खान एवं सौम्य चक्रवर्ती ,शिक्षक जी श्वेता,विद्यार्थी, मेंढ़क-1 एवं क्राउड युवराज कोहली,एक व्यक्ति एवं क्राउड ज्ञान प्रकाश,डाँक्टर पिल्ले अब्दुल तौसीफ,अब्दुल मयंक कुमार,भक्त-1 मोहम्मद कामिल,भक्त-2लक्ष्य भास्कर,चेनबासप्पा (मेंढ़क) एवं क्राउड सुभदीप सिंह, मेंढ़क-1  एवं क्राउड युवराज कोहली,मेंढ़क-2 एवं क्राउड राजीव साहू,यात्री सागर सेन,दुबकी मौली रामटेके,सेठ एवं वीरभद्रप्पा (सेठ) कृष्णा नायक,सेठानी एवं गौरी (सेठानी) नम्रता सेन,भगवान् शंकर सुजल रामटेके, चेनबसाप्पा( दुबकी) एवं ग्रामवासी-1 उदित सेन ,ग्रामवासी-2 सुबोध चौरे,ग्रामवासी-3 सूर्यकांत गेदाम,धनाढ्य व्यक्ति निखिल देवांगन ,बालक सक्षम रामटेके,लक्ष्मीबाई सहेली चक्रवर्ती,बया जी बबलू बिस्वास,ग्रामवासी-4 निखिल पति,ग्रामवासी-5 एंजेल गुप्ता,ग्रामवासी-6 अर्पिता माली,क्राउड-1(ग्रुप-1) गौरव यादव,क्राउड-2 प्रीत कौर,क्राउड-5 स्नेहा सोनी,क्राउड-6 तनिष्का चौधरी,क्राउड-7मोहम्मद नाज़ीश,क्राउड-1(ग्रुप-2 ) आयुष मांझी,क्राउड-2 अभिजीत सिंह,क्राउड-3 निकिता सिंह,क्राउड-4 अक्सा परवीन,क्राउड-5 सिमरत कौर,क्राउड-7 आदित्य यादव,क्राउड-8 टी.रोशनी,क्राउड-1(ग्रुप-3 )क्राउड-2 आयुष कुमार,क्राउड-3 अकिब अंसारी,क्राउड-4 काम्या यादव,क्राउड-5लावण्या खोबरागड़े,क्राउड-7 मनप्रीत कौर मेहरा,क्राउड-8,सागर दुबे,क्राउड-9 अनुराग गुप्ता , क्राउड-1 (ग्रुप-4  )ऋषभ कुमार,क्राउड-3एस सवानी,क्राउड-4 रजनीश सिंह,क्राउड-5 नवीन चौहान,क्राउड-6 गुलशन डांगे, क्राउड-7 तेजस्वी राजपूत,क्राउड-8 लावण्या साहू|

“साई शरणागत” नाट्य रूपांतरण एवं नाट्य निर्देशन – शक्ति पद चक्रबर्ती, अभिनय प्रशिक्षण – नेहा साहू ,राकेश बंबारडे, गुलाम हैदर,वीर सिंह,पार्श्व संगीत परिकल्पना एवं निर्देशन – बरुण चक्रवर्ती ,सहायक पार्श्व संगीत परिकल्पना एवं निर्देशन तथा पार्श्व स्वर रिकॉर्डिंग – साई चक्रवर्ती, निर्देशन सहायक एवं पार्श्व स्वर रिकॉर्डिंग – सारथी चक्रवर्ती, पार्श्व गायन स्वर पद्म श्री मदन चौहान ,नृत्य संयोजन – नेहा साहू ,वीर सिंह ,तकनीकी सलाहकार – विकास (बंटी) मेश्राम,संपादन, अनुक्रमण, मिश्रण(ऑडियो)- साई चक्रवर्ती,कथावाचाक लेखन एवं संगीत निर्देशन- लखेश्वर साहू,कथावाचान स्वर – गौतमी चक्रवर्ती,रागी स्वर- विकास (बंटी) मेश्राम ,संगतकार हारमोनियम लखेश्वर साहू,तबला भागवत साहू,बैन्जो दीपक कुमार यादव,ऑक्टोपैड बी डी अमोश,ढोलक गौतम श्रीवास|

“साई शरणागत” के मंचन पूर्व ही साई धाम ,कुम्हारी में श्री गुरुपूर्णिमा के पावन सुअवसर पर एक दिन पूर्व देवस्थापना पूजन एवं हवन आरंभ हुआ।दूसरे दिन 13 जुलाई को प्रातः श्री साईं बाबा का मंगलस्नान ,आरती पश्चात यज्ञ पूर्णाहुति हुई । प्रातः से देररात्रि तक महाभोग वितरण हुआ। दोपहर में लखेश्वर साहू एवं श्रीमती गौतमी चक्रबर्ती द्वारा साई  भजनों की  प्रस्तुति किया गया। सन्ध्या पालकी शोभायात्रा तथा कार्यक्रम का समापन रात्रि में श्री गुरु पूजन के साथ सम्पन्न हुआ। उक्त भव्य आयोजन के सुअवसर पर दुर्ग लोक सभा सांसद  विजय बघेल एवं समस्त भक्तजन उपस्थित रहे।