₹1.36 लाख करोड़ से इस राज्य में बनेगा दुनिया का सबसे बड़ा स्टील प्लांट

₹1.36 लाख करोड़ से इस राज्य में बनेगा दुनिया का सबसे बड़ा स्टील प्लांट


🔴प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने की बड़ी शुरुआत

सीजी न्यूज़ ऑनलाइन, 24 मार्च। प्रधानमंत्री मोदी ने आंध्र प्रदेश में 1.36 लाख करोड़ रुपये की आर्सेलरमित्तल निप्पॉन स्टील परियोजना को विश्वस्तरीय (World’s Biggest Steel Plant) बताया। मुख्यमंत्री नायडू ने आधारशिला रखी। यह संयंत्र भारत की इस्पात क्षमता बढ़ाएगा और आंध्र प्रदेश में लगभग एक लाख रोजगार सृजित करेगा। 1.78 करोड़ टन सालाना क्षमता वाला यह प्लांट 5,465 एकड़ में बनेगा।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को 1.36 लाख करोड़ रुपये की आर्सेलरमित्तल निप्पॉन स्टील इंडिया (AM/NS) प्रोजेक्योट को विश्वस्तरीय (World’s Biggest Steel Plant) एकीकृत स्टील प्लांट करार देते हुए कहा कि यह भारत की स्टील इंफ्रास्ट्राक्चर की क्षमता को और मजबूत करेगा। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने अनकापल्ली जिले के नक्कापल्ली मंडल में इस परियोजना की आधारशिला रखी। इस दौरान केंद्रीय इस्पात एवं भारी उद्योग मंत्री एचडी कुमारस्वामी और वैश्विक इस्पात उद्योग के दिग्गज लक्ष्मी मित्तल और आदित्य मित्तल सहित अन्य लोग भी उपस्थित थे।

एक अधिकारिक बयान के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “यह विश्वस्तरीय एकीकृत (World’s Biggest Steel Plant In India) इस्पात संयंत्र भारत की इस्पात उत्पादन क्षमता को और मजबूत करेगा। यह आंध्र प्रदेश के विकास में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।” उन्होंने कहा कि यह संयंत्र युवाओं के लिए नए रोजगार अवसर पैदा करेगा, साथ ही राज्य को औद्योगिक नवाचार का केंद्र बनाएगा।

अधिकारिक बयान के अनुसार, यह परियोजना भारत को वैश्विक इस्पात उत्पादन में और मजबूत स्थिति प्रदान करेगी। सरकार के अनुसार, 1.78 करोड़ टन सालाना क्षमता वाला यह संयंत्र 5,465 एकड़ में दो चरणों में स्थापित किया जाएगा और इससे प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से करीब एक लाख रोजगार के अवसर पैदा होंगे।

पहले चरण में संयंत्र की क्षमता 73 लाख टन सालाना की होगी, जबकि दूसरे चरण में इसे बढ़ाकर 1.5 करोड़ टन किया जाएगा। साथ ही, एएम/एनएस इंडिया 316 एकड़ क्षेत्र में पांच करोड़ टन क्षमता वाला निजी बंदरगाह भी बनाएगी, जो इस्पात संयंत्र से जुड़ा होगा। इस पर 11,198 करोड़ रुपये का निवेश होगा और इससे लगभग 6,000 नए रोजगार सृजित होने की उम्मीद है।
यह नया इस्पात संयंत्र भारत के इस्पात बाजार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि इस परियोजना के शीघ्र निर्माण के लिए राज्य सरकार हरसंभव सहयोग प्रदान करेगी।