*कोरोना संक्रमित का ढाई सौ दिन चला इलाज, आठ करोड़ खर्चने के बाद भी नहीं बची जान, "स्ट्राॅबेरी और गुलाब के बड़े काश्तकार थे धर्मजय सिंह" *

*कोरोना संक्रमित का ढाई सौ दिन चला इलाज, आठ करोड़ खर्चने के बाद भी नहीं बची जान,  "स्ट्राॅबेरी और गुलाब के बड़े काश्तकार थे धर्मजय सिंह" *


कोरोना संक्रमित का ढाई सौ दिन चला इलाज, आठ करोड़ खर्चने के बाद भी नहीं बची जान,

“स्ट्राॅबेरी और गुलाब के बड़े काश्तकार थे धर्मजय सिंह” 

रीवा, 13 जनवरी। अपोलो अस्पताल में 8 महीने चले इलाज के बाद भी रीवा के धर्मजय सिंह की कोरोना वायरस से मौत हो गई। रीवा मऊगंज के बड़े काश्तकार धर्मजय सिंह (50 वर्ष) की कोरोना वायरस संक्रमण से मौत हो गई। स्‍वजन का दावा है कि उनके इलाज पर करीब आठ करोड़ रुपये खर्च हुए हैं।

प्राप्त जानकारी के अनुसार धर्मजय सिंह अप्रैल 2021 में करोना से संक्रमित हुए थे। हालत में सुधार नहीं होने पर उन्हें 18 मई 2021 को एयर एंबुलेंस से चेन्नई के अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया गया  और यहां लंदन के डॉक्टर मॉनिटरिंग कर रहे थे। करीब 254 दिन तक उनका इलाज जारी रहा। इस दौरान परिवार के सदस्यों ने कर्ज लेकर इलाज कराने का प्रयास किया। उनके इलाज पर हर दिन लगभग 3 लाख रुपये खर्च हो रहे थे, पर उनकी इलाज दौरान बीते मंगलवार की देर रात मौत हो गई। 

कल अलसुबह उनका पार्थिव शरीर मऊगंज थाना के रकरी गांव लाया जाएगा और 14 जनवरी को ही अंतिम संस्कार गृह ग्राम रकरी किया जाएगा।

विदित हो कि अपने क्षेत्र में बड़े जमींदार के तौर पर माने जाते रहे धर्मजय के बीमार होने के बाद भी लगातार क्षेत्र में उनकी तबीयत में सुधार होने की बात परिवार बताता रहा है। उनको देखने लंदन के मशहूर डॉक्टर अपोलो अस्पताल आया करते थे। साथ ही अन्य देशों के डॉक्टरों की भी ऑनलाइन सलाह ली जा रही थी। लंदन के​ डॉक्टर्स के कहने पर ही आठ माह तक उन्हें एक्मो मशीन पर रखा गया था। वह पूरी तरह ठीक हो गए थे। जब वेंटिलेटर भी फेल हो जाता है, तब मरीज को एक्मो मशीन पर रखा जाता है। इस मशीन से मरीज का खून बाहर निकालकर ऑक्सीजेशन किया जाता है। फिर वह खून दोबारा शरीर के अंदर भेजा जाता है। यह कृत्रिम प्रक्रिया है, जिसमें शरीर की ऑक्सीजन को मेंटेन किया जा सकता है। यह इलाज काफी महंगा है। इसके लिए 4 से 5 लाख रुपए की जरूरत पड़ती है। इलाज जारी रखने के लिए प्रतिदिन 2 लाख रुपए की जरूरत होती है।

परिवार के लोगों ने बताया कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गत 26 जनवरी 2021 को पीटीएस मैदान में आयोजित मुख्य समारोह में धर्मजय को सम्मानित किया था। धर्मजय सिंह ने स्ट्राॅबेरी और गुलाब की खेती को​ विंध्य में विशिष्ट पहचान दिलाई थी। वे कोरोना काल में लोगों की सेवा करते समय संक्रमित हुए थे। परिजनों का दावा है कि 8 करोड़ रुपए इलाज में खर्च हुए हैं। परिवार वालों ने प्रदेश सरकार से गुहार लगाई थी। इसके बाद 4 लाख रुपए की आर्थिक मदद मिली राज्य सरकार ने भी की थी।