चेन स्नेचर को पकड़ने पुलिस ने बिछाया जाल-बीस दिन में छः वारदातें-पुलिस हलाकान, गेटअप बदल घूमते रही पुलिस कर्मी पर नहीं पकड़ आया आरोपी

भिलाई नगर, 1 अक्टूबर। 20 दिन में लगातार छः वारदातों से हलाकान पुलिस महकमा लुटेरे को पकड़ने के लिए महिला पुलिसकर्मियों को बुजुर्ग के हुलिए में तैयार कर बाकायदा मेकअप भी करवाया लेकिन आरोपी नहीं पकडा़या।
गौरतलब हो कि भिलाई में पुलिस के लिए एक लुटेरा सिर का दर्द बन गया है। उसने 20 दिन में चेन स्नेचिंग की 6 वारदातें की हैं। हर बार सीसीटीवी फुटेज में लूट के बाद एक ही बाइक सवार नजर आया। बस उसके कपड़े अलग अलग होते। उसे पकड़ने के लिए पुलिस ने अब जाल फैलाया। महिला पुलिस कर्मियों को बुजुर्ग का गेटअप देकर उनकी ड्यूटी लगाई, लेकिन लुटेरा नहीं पकड़ा जा सका। दो दिन पहले इसी लुटेरे ने रायपुर के डीडी नगर क्षेत्र में बुजुर्ग महिला से सोने की चेन लूटी थी। धमधा नाका और कुम्हारी टोल प्लाजा के साथ आईटीएमएस के सीसीटीवी कैमरों की रिकार्डिंग चेक करने के लिए टीम लगाई गई थी। जांच के दौरान पता चला कि लुटेरा सुबह 4 बजे शहर में आता है और 9 बजे तक वारदात को अंजाम दे भाग निकलता है।
दो दिन पहले इसी लुटेरे ने रायपुर के डीडी नगर क्षेत्र में बुजुर्ग महिला से सोने की चेन लूटी थी। सभी घटनाओं में एक बात कॉमन थी। पहले वह महिलाओं से पता पूछता है और फिर लूटकर भाग जाता। पुलिस महकमे से अलग-अलग पार्टी बनाकर शहर के एंट्री और एग्जिट प्वाइंट पर 200 से अधिक जवानों की ड्यूटी भी लगाई गई पर आरोपी हाथ नहीं लगा। लूट के समय में पुलिस ने गश्त बढाई, जवान तैनात किए, महिला पुलिसकर्मियों को बुजुर्ग के हुलिए में तैयार किया, बाकायदा मेकअप भी हुआ, टाउनशिप के सेक्टर एरिया में उन्हें फूल तोड़ने और मॉर्निंग वॉक पर भेजा। प्रमुख सड़कों फॉरेस्ट एवेन्यू, सेंट्रल एवेन्यू और गैरेज रोड पर सादे कपड़ों में जवानों की तैनाती की गई। अलग-अलग पुलिस पार्टी बनाकर शहर के एंट्री और एग्जिट प्वाइंट पर 200 से अधिक जवानों की ड्यूटी भी लगाई। यह सब सुबह 4ः30 बजे से 9 बजे तक किया गया, पर बदमाश हाथ नहीं आ सका। तैनाती की गई। लुटेरों को पकड़ने और वारदातों पर अंकुश लगाने के लिए तीन स्पेशल टीम बनाई है। वहीं पुलिस अब घटना के समय क्षेत्र में एक्टिव मोबाइल नंबरों की भी जानकारी जुटा रही है। एक टीम बाइक से सेक्टर एरिया में गश्त करती है। लूट की घटना का पता चलने पर इस टीम को पीछा करने के लिए तैनात किया गया है। एक टीम गाड़ियों में गश्त करती है, जिसे पुलिस की प्रेजेंस के लिए लगाया गया है। कुछ टीम सेक्टर एरिया में सायरन बजाकर घूमती रहती है। कॉट ऑफ टीम शहर के एंट्री और एग्जिट पाइंट पर तैनात है।

पुलिस के मुताबिक लूट की सभी घटनाओं की स्टडी करने से पता चला है कि बदमाश दूसरे राज्य से आकर वारदातें कर रहा है। उसने अपने छिपने का ठिकाना जिले से बार्डर में बना रखा है। घटना करने के बाद वह ठिकाने पर पहुंच जाता है। सभी घटनाओं में उसका पैटर्न में एक जैसा ही है। उसकी बाइक का नंबर भी गलत निकला है। पुलिस ने रायपुर और दुर्ग जिले में लूट करने वाले सभी बदमाश और मुखबिरों को लुटेरे की तस्वीर भी दिखाई है। लगातार जाल बिछाया जा रहा, प्रयास हो रहा कि आरोपी पकड़ा जा सके।

