बीएसपी में प्रबंधन का पक्षपात का रवैया हो समाप्त, 🛑अधिकारियों के तर्ज पर मिले कर्मियों को अवकाश — बीएकेएस

बीएसपी में प्रबंधन का पक्षपात का रवैया हो समाप्त, 🛑अधिकारियों के तर्ज पर मिले कर्मियों को अवकाश — बीएकेएस


भिलाई नगर 22 नवंबर। बीएसपी अनाधिशासी कर्मचारी संघ ने निदेशक प्रभारी , भिलाई इस्पात संयंत्र को पत्र लिखकर माँग किया है कि अर्जित अवकाश, चिकित्सिय अवकाश को अधिकारी वर्ग के तर्ज पर लागु किया जाय

भिलाई इस्पात संयंत्र मे कार्यरत गैर कार्यपालक कर्मचारियों को साल भर मेहनत और निष्ठा से अपने कार्य निष्पादन के प्रतिफल स्वरूप 22- 23 सालाना अर्जित अवकाश दिया जाता है जो की कर्मचारी के खाते में वर्ष दर वर्ष जुड़ते रहता है । वर्तमान व्यवस्था में अर्जित अवकाश का सेवानिवृती उपरांत नकदीकरण , HPL जमा रखने की व्यवस्था में, अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच भारी भेदभाव जारी है यह छुट्टियों को संख्या तक सीमित न होकर उसके नगदीकरण व्यवस्था तक में व्याप्त है। जिससे कर्मचारियों का लाखों रुपए का नुकसान हो रहा है ।


बीएसपी कर्मचारियों के साथ होने वाले भेदभाव का विवरण —

1 ) कर्मचारी अपने सेवाकाल में अधिकतम 200 अर्जित अवकाश ही जमा कर सकता है जबकि अधिकारियों के लिए 300 की संख्या है । पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय नें 8 अक्टुबर 2024 के एक फैसले मे आदेश दिया है कि प्रत्येक कर्मचारी सेवानिवृती तक अपना अर्जित अवकाश जमा रख सकता है ।

2) सेवा निवृत्ति के वक्त कर्मचारी 200 ईएल और 100 एचपीएल नगदीकरण करवा पता है। अर्थात 100 HPL के बदले उसको 50 EL का ही पैसा मिलता है । जिससे कर्मचारी को 50 दिन के वेतन का सीधा नुकसान होता है जबकि अधिकारी वर्ग पूरे 300 दिन के वेतन का लाभ पाते हैं।
3 . कर्मचारी वर्ग , अधिकतम 320 HPL ही जमा रख सकता है जबकि अधिकारी वर्ग को असिमित एचपीएल जमा रखने की छूट दी जाती है ।
3) सेवाकाल के दौरान यदि बीमारी या पारिवारिक कारण से छुट्टी लेना पड़े ऐसे मामलों में ई एल 200 से तथा एचपीएल 320 से नीचे आ जाता है , जो प्रत्येक कर्मचारी के साथ नौकरी काल में अवश्य होता है या फिर वो हाफ पे लीव लेते हैं जिससे सीधे आर्थिक क्षति होती है ।जबकि अधिकारी के खाते में असीमित HPL छूट्टी (300 से अधिक)जमा होने के कारण वो बिना आर्थिक नुकसान के अपने आवश्यक कार्य और स्वास्थ्यगत कारणों से अवकाश ले पाते हैं।
4)छुट्टी नगदीकरण के मामले में भी उच्च न्यायालय मद्रास के द्वारा एक रिट पेटिशन में यह निर्णय दिया गया कि
कर्मचारियों का ड्यूटी डेज 26 दिन की जगह 30 दिन ड्युटी के हिसाब से EL की गणना की जाय ।

नवीन कुमार मिश्रा कोषाध्यक्ष, बीएकेएस भिलाई ने कहा है कि भिलाई इस्पात संयंत्र के स्थापना काल से गैर कार्यपालक कर्मचारियों के लिए कई नियम नही बदला गया है, जबकि सेल अधिकारी वर्ग के लिए हमेशा नियमो में संशोधन कर उनको समयानुकुल लाभ दिया गया है । अतः प्रबंधन छुट्टायों की संख्या , गणना में भेदभाव को बंद करे तथा एक समान व्यवस्था को लागु करे ।