प्रधान आरक्षक द्वारा दूरभाष पर सैकड़ों किलोमीटर दूर गुमशुदा से किया संपर्क स्थापित,सूझबूझ से गुमशुदा की दुर्ग वापसी कराई राजस्थान से
दुर्ग 15 फरवरी । विवेचना अधिकारी प्रधान आरक्षक योगेश चंद्राकर के सूझबूझ से राजस्थान से खुद चलकर गुमशुदा 21 वर्षीय युवती दुर्ग अपने घर आ गई। सैकड़ों किलोमीटर दूर युवती से दूरभाष पर विवेकपूर्ण संवाद कर उसे वापसी के लिए राजी करने का करिश्मा विवेचक योगेश चंद्राकर ने कर दिखाया। दुर्ग थाना में परिजनों ने गुमशुदगी की रिपोर्ट 6 माह पूर्व दर्ज कराई थी। थाना प्रभारी दुर्ग व सायबर सेल का सहयोग भी रहा।
थाना सिटी कोतवाली दुर्ग क्षेत्र के अंतर्गत का है। प्रार्थी ने 06 माह पूर्व में अपनी पुत्री उम्र 21 वर्ष के गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराया था।
लंबित गुमशुदा के पता तलाश हेतु वर्तमान थाना प्रभारी निरीक्षक भूषण एक्का द्वारा व्यक्तिगत रुचि लेते हुए गुमशुदा के शीघ्र पता तलाश करने विवेचना अधिकारी प्रधान आरक्षक योगेश चंद्राकर को निर्देश दिए जिसके बाद विवेचना अधिकारी द्वारा सायबर सेल दुर्ग से संपर्क कर बारीकी से कॉल डिटेल का विश्लेषण कर गुमशुदा को दूरभाष से संपर्क कर राजस्थान से दुर्ग आने समझाईश देकर सहमत कर थाना बुलाया गया । गुमशुदा के आज थाना आने पर दस्तयाब किया गया।
विवेचना अधिकारी प्रधान आरक्षक योगेश चंद्राकर के इस पहल से गुमशुदा के परिजन काफी खुश नजर आए, उक्त कार्यवाही में थाना प्रभारी निरीक्षक भूषण एक्का, प्रधान आरक्षक योगेश चंद्राकर, सायबर सेल की सराहनीय भूमिका रही।

