सीजी न्यूज आनलाईन डेस्क, 7 जून। 4 जून को लोकसभा चुनाव के नतीजे सामने आने के बाद अब सभी की निगाहें नई सरकार के सेटअप पर है। आज सांसदों की हुई बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सर्वसम्मति से एनडीए का नेता चुन लिया गया है। भारतीय जनता पार्टी अकेले इस चुनाव में अपने दम पर 272 का आंकड़ा छूने से चूक गई है लेकिन एनडीए के पास पर्याप्त बहुमत है नतीजतन एनडीए गठबंधन ने नरेंद्र मोदी को तीसरी बार प्रधानमंत्री बनाने को लेकर हरी झंडी दे दी है। आज एनडीए की बैठक में नवनिर्वाचित सांसदों के द्वारा नरेंद्र मोदी को संसदीय दल का नेता चुन लिये जाने के बाद मंत्रिमंडल को लेकर अटकलों का दौर शुरू हो गया है। रविवार को पूरी कैबिनेट एकसाथ राष्ट्रपति भवन के लॉन में शपथ लेगी।
आपको बता दें कि सरकार गठन से पहले एनडीए में शामिल टीडीपी और जेडीयू जैसे सहयोगियों से भाजपा की चर्चा जारी है। मंत्रालयों की संख्या से लेकर विभागों के नामों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। इस सबके बीच लोगों की निगाहें कैबिनेट में शामिल होने वाले मंत्रियों की संभावित लिस्ट पर जा टिकी है। जो संभावित सूची आज मोदी 3.0 के लिए बनाए जाने की खबर है उस पर चर्चा करते हुए सूत्रों ने बताया कि एनडीए में शामिल शिवसेना प्रमुख मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे अपने बेटे श्रीकांत शिंदे का नाम कैबिनेट मंत्रियों की लिस्ट में शामिल नहीं कर रहे हैं बल्कि पार्टी केंद्रीय मंत्री के लिए कुछ वरिष्ठ और अनुभवी सांसदों के नामों पर विचार कर रही है।शिवसेना केंद्रीय मंत्री के लिए प्रताप राव जाधव का नाम प्रस्तावित कर सकती है। ऐसी अटकलें लगाई जा रही है कि शिवसेना प्रमुख एकनाथ शिंदे को एक मंत्री और एक राज्य मंत्री का पद मिल सकता है वहीं चंद्रबाबू नायडू की अगुवाई वाली तेलुगु देशम पार्टी कैबिनेट में अपनी पहली पसंद के तौर पर राममोहन नायडू का नाम प्रस्तावित कर सकती है। टीडीपी के केंद्रीय कैबिनेट में कम से कम तीन से चार पद मिलने की संभावना है। चर्चा यह भी है कि टीडीपी को अब वित्त राज्य मंत्री और दो-तीन अन्य मंत्रालय मिलने की उम्मीद है जबकि जेडीयू इस बार तीन कैबिनेट मंत्री और एक राज्य मंत्री पद की उम्मीद कर रही है। नीतीश कुमार की पार्टी की निगाहें कृषि, रेल, ग्रामीण विकास और जल शक्ति जैसे बिहार के हितों से जुड़े मंत्रालयों पर टिकी हैं। संभावना है कि नीतीश कुमार अपने करीबी सहयोगियों में शामिल संजय झा और ललन सिंह को मंत्री बना सकते हैं। दूसरी तरफ लोजपा की भी नजर मोदी कैबिनेट पर टिकी हुई है। 5 में से 5 सीटें जीतने वाले चिराग पासवान नई सरकार में मंत्री बनाए जा सकते हैं। नरेंद्र मोदी ने अपने दोनों ही कार्यकाल में लोजपा सुप्रीमो रहे रामविलास पासवान को कैबिनेट में जगह दी थी। छत्तीसगढ़ से भाजपा से सर्वाधिक बड़े मतों के अंतर से जीते रायपुर से बृजमोहन सिंह और दुर्ग से विजय बघेल में से किसी एक को मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने की चर्चा जरूर है लेकिन इस बार पर्याप्त बहुमत न होने से ऐसे नामों पर विचार की गुंजाइश कम ही है। मध्यप्रदेश में भी भाजपा का प्रदर्शन काफी अच्छा रहा है, सभी 29 सीटों पर भाजपा प्रत्याशी विजयी रहे और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की विजय भी बड़े अंतर से हुई है, इस आधार पर मध्यप्रदेश को भी मंत्रिमंडल में स्थान देने पर विचार हो सकता है।
उत्तर प्रदेश में खराब प्रदर्शन के बाद बीजेपी/एनडीए कोटे से किन लोगों को मोदी कैबिनेट में जगह मिलेगी और किनकी छुट्टी होगी, यह भी विचारणीय पहलु है। नई कैबिनेट गठन में ब्राह्मण, दलित, ओबीसी को साधने की भी कोशिश होगी। मौजूदा हालतों को देखते हुए अपना दल (एस) की अनुप्रिया पटेल का तीसरी बार मंत्री बनना तय है जबकि आरएलडी प्रमुख जयंत चौधरी भी यूपी के कोटे और सहयोगी दल के मुखिया होने के नाते केंद्र में मंत्री बन सकते हैं। इनके अलावा एनडीए का कोई अन्य सहयोगी (ओपी राजभर- संजय निषाद) एक भी सीट नहीं जीत सका है इसलिए बीजेपी को अपने कोटे से उन्हें मंत्री पद देना पड़ सकता है। वहीं, जातीय समीकरण बनाने के लिए पुराने मंत्रियों (चुनाव हारने वाले) की जगह उनकी ही जाति के नए चेहरों को जगह दी जा सकती है। मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल में महेंद्रनाथ पांडे (हार), अजय मिश्रा टेनी (हार) ब्राह्मण चेहरा थे, ऐसे में उनकी जगह कम से कम एक ब्राह्मण मंत्री यूपी से जरूर होगा। संभावना है कि योगी सरकार में मंत्री जितिन प्रसाद को केंद्र में मौका मिल जाए, जितिन ने पीलीभीत से चुनाव जीता है। इसके अलावा राज्यसभा सांसद और पूर्व डिप्टी सीएम डॉ. दिनेश शर्मा या पूर्व मंत्री महेश शर्मा को भी मोदी मंत्रिमंडल में जगह मिल सकती है। यूपी के सीनियर बीजेपी लीडर लक्ष्मीकांत बाजपेयी का नाम भी इस लिस्ट में शामिल हो सकता है।
उत्तर प्रदेश से कम से कम दो दलित समाज के मंत्री बनाए जा सकते हैं। आगरा से चुनाव जीते एसपी सिंह बघेल के अनुभव को देखते हुए उनको मोदी कैबिनेट में मौका मिला सकता है तो वहीं हाथरस से चुनाव जीते अनूप वाल्मीकि को भी जगह मिल सकती है। ओबीसी फैक्टर का ध्यान भी मोदी 3.0 सरकार बनाते समय रखना होगा. लिहाजा बुलंदशहर से चुनाव जीते भोला सिंह, महराजगंज से चुनाव जीते पंकज चौधरी और बरेली से चुनाव जीते छत्रपाल गंगवार में से किसी को मंत्री बनाया जा सकता है।
मोदी सरकार 3.0 में सामने आई मंत्रिमंडल की पहली संभावित लिस्ट 🟧 देखिए किन किन सांसदों को मिलने जा रहा मौका 🟩 सीजी-एमपी भी उम्मीद से…

