महिला सशक्तिकरण से साकार होगा विकसित छत्तीसगढ़ का सपना : मुख्यमंत्री साय

महिला सशक्तिकरण से साकार होगा विकसित छत्तीसगढ़ का सपना : मुख्यमंत्री साय


🛑महतारी वंदन योजना से 68 लाख से अधिक महिलाओं को लाभ, 14 लाख ग्रामीण महिलाएं बनीं लखपति दीदी

🛑शाइनिंग छत्तीसगढ़ ‘शक्ति स्वरूपा’ कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली महिलाओं का सम्मान

सीजी न्यूज ऑनलाइन, 11 अक्टूबर 2026। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि छत्तीसगढ़ की मातृशक्ति प्रदेश की सबसे बड़ी ताकत है और महिला सशक्तिकरण विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण का मजबूत आधार है। महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के साथ शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा, रोजगार, उद्यमिता और नेतृत्व के क्षेत्र में आगे बढ़ाना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। हमारा लक्ष्य महिलाओं को केवल शासकीय योजनाओं का लाभार्थी बनाना नहीं, बल्कि प्रदेश के विकास में सक्रिय भागीदार और नेतृत्वकर्ता बनाना है।

मुख्यमंत्री श्री साय रविवार को राजधानी रायपुर में हिंदी खबर द्वारा आयोजित शाइनिंग छत्तीसगढ़ ‘शक्ति स्वरूपा’ कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली महिलाओं को सम्मानित किया और उनसे संवाद भी किया।

मुख्यमंत्री ने शारदीय नवरात्रि की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति में नारी को शक्ति स्वरूपा माना गया है। राज्य सरकार इसी भावना के अनुरूप महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा, स्वावलंबन और उज्ज्वल भविष्य के लिए लगातार कार्य कर रही है।

महतारी वंदन योजना से महिलाओं को मिला आर्थिक संबल

मुख्यमंत्री ने बताया कि महतारी वंदन योजना के अंतर्गत प्रदेश की 68 लाख से अधिक महिलाओं को प्रतिमाह एक हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जा रही है। अब तक 32 किस्तों में 20,700 करोड़ रुपये से अधिक की राशि सीधे महिलाओं के बैंक खातों में अंतरित की जा चुकी है।

उन्होंने कहा कि यह योजना महिलाओं को आर्थिक स्वतंत्रता देने के साथ परिवार की निर्णय प्रक्रिया में उनकी भागीदारी और आत्मविश्वास को भी मजबूत कर रही है। महिलाएं इस राशि का उपयोग बच्चों की पढ़ाई, दवाइयों, पोषण, घरेलू जरूरतों और बचत जैसे कार्यों में कर रही हैं। पात्र महिलाओं को योजना का लाभ दिलाने के लिए तकनीकी और दस्तावेज संबंधी समस्याओं का समाधान भी किया जा रहा है।

7.82 लाख के लक्ष्य के मुकाबले 14 लाख महिलाएं बनीं लखपति दीदी

मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं को स्थायी आजीविका और उद्यमिता से जोड़ने के प्रयासों के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। प्रदेश में 7.82 लाख लखपति दीदी बनाने के निर्धारित लक्ष्य के मुकाबले 14 लाख ग्रामीण महिलाएं यह उपलब्धि हासिल कर चुकी हैं।

उन्होंने बताया कि प्रदेश के 32.39 लाख ग्रामीण परिवार 2.98 लाख स्व-सहायता समूहों से जुड़कर विभिन्न आर्थिक गतिविधियां संचालित कर रहे हैं। इन समूहों की महिलाओं को खाद्य प्रसंस्करण, हस्तशिल्प, लघु वनोपज, डेयरी, मशरूम उत्पादन, मिलेट प्रसंस्करण, सिलाई और रेडीमेड वस्त्र निर्माण जैसे कार्यों से जोड़ा जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं के उत्पादों की गुणवत्ता, पैकेजिंग, ब्रांडिंग और बाजार तक पहुंच बढ़ाने पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि महिलाएं सफल उद्यमी बनकर दूसरों को भी रोजगार उपलब्ध करा सकें।

481 महतारी सदनों के निर्माण को मंजूरी

मुख्यमंत्री ने बताया कि महिला स्व-सहायता समूहों और सामुदायिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश में 481 महतारी सदनों के निर्माण को मंजूरी दी गई है। ये केंद्र ग्रामीण महिलाओं के सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत प्रदेश की 39.73 लाख महिलाओं को एलपीजी कनेक्शन प्रदान किए गए हैं। वहीं, रानी दुर्गावती योजना के लिए 15 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है। इसके अंतर्गत पात्र बालिकाओं को 18 वर्ष की आयु पूरी करने पर डेढ़ लाख रुपये की सहायता देने का प्रावधान है।

बस्तर में नक्सल हिंसा से बंद 421 स्कूल फिर शुरू

मुख्यमंत्री ने कहा कि बेटियों की शिक्षा और सुरक्षित भविष्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है। लंबे समय तक नक्सल हिंसा से प्रभावित बस्तर क्षेत्र में बंद पड़े 421 स्कूलों को दोबारा शुरू किया गया है। उन्होंने कहा कि इन स्कूलों में फिर से पढ़ाई शुरू होना बदलते बस्तर की सुखद तस्वीर है।

उन्होंने बताया कि ओरछा और जगरगुंडा जैसे दूरस्थ क्षेत्रों में एजुकेशन सिटी विकसित की जा रही हैं, ताकि आदिवासी अंचलों के बच्चों, विशेषकर बेटियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए दूर नहीं जाना पड़े।

मुख्यमंत्री ने महिला एवं बाल स्वास्थ्य पर जोर देते हुए बताया कि प्रदेश में लगभग 2.49 करोड़ आयुष्मान कार्ड जारी किए जा चुके हैं। वहीं, 70 वर्ष और उससे अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों के लिए 6.21 लाख वय वंदना कार्ड जारी किए गए हैं।

आईटी, एआई और आधुनिक उद्योगों में महिलाओं को मिलेंगे अवसर

मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं को पारंपरिक आजीविका के साथ सूचना प्रौद्योगिकी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, चिकित्सा, शिक्षा, खाद्य प्रसंस्करण और टेक्सटाइल जैसे आधुनिक क्षेत्रों से जोड़ना आवश्यक है। राज्य सरकार नई औद्योगिक नीति के माध्यम से महिलाओं के रोजगार और स्वरोजगार को प्रोत्साहित कर रही है।

उन्होंने कहा कि महिला सशक्तिकरण का अर्थ केवल आर्थिक आत्मनिर्भरता नहीं, बल्कि निर्णय लेने और नेतृत्व करने में महिलाओं की समान भागीदारी भी है। पंचायतों, स्थानीय निकायों, प्रशासन और उद्यमिता में महिलाओं को अधिक अवसर मिलना चाहिए।

खेलों में भी बेटियां बढ़ा रहीं प्रदेश का गौरव

मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ की महिला खिलाड़ियों की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश की बेटियां राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रही हैं। राष्ट्रमंडल खेलों में देश का गौरव बढ़ाने वाली ज्ञानेश्वरी यादव को डीएसपी पद पर पदोन्नति के साथ 30 लाख रुपये की सम्मान राशि प्रदान की गई है। वहीं, महिला कबड्डी में योगदान के लिए कोरबा की संजू देवी रावत को 50 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि दी गई है।

उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ की किरण पिस्दा का भारतीय सीनियर महिला फुटबॉल टीम में चयन हुआ है। बस्तर ओलंपिक, सरगुजा ओलंपिक और खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स जैसे आयोजनों से ग्रामीण एवं जनजातीय क्षेत्रों की बेटियों को अपनी प्रतिभा दिखाने के अवसर मिल रहे हैं। वर्ष 2026-27 के बजट में खेल उत्कर्ष मिशन के लिए 100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

महिलाओं की नेतृत्वकारी भूमिका से बनेगा समृद्ध छत्तीसगढ़

मुख्यमंत्री श्री साय ने बेटियों और युवाओं से बड़े सपने देखने तथा उन्हें पूरा करने के लिए मेहनत करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि डिजिटल तकनीक, कृषि आधारित व्यवसाय, खाद्य प्रसंस्करण, डेयरी, वनोपज, पर्यटन और सेवा क्षेत्र में रोजगार एवं स्वरोजगार की व्यापक संभावनाएं हैं। सरकार कौशल विकास और प्रशिक्षण के माध्यम से महिलाओं और युवाओं को इन अवसरों से जोड़ रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं की शिक्षा, सुरक्षा, स्वास्थ्य और आर्थिक आत्मनिर्भरता सुनिश्चित करने के साथ विकास की निर्णय प्रक्रिया में उनकी भागीदारी बढ़ाना जरूरी है। माताएं-बहनें आत्मनिर्भर होंगी और बेटियां शिक्षित, सक्षम तथा नेतृत्वकर्ता बनेंगी, तभी विकसित एवं समृद्ध छत्तीसगढ़ का सपना साकार होगा।

कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री अरुण साव, कैबिनेट मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, हिंदी खबर की ब्यूरो हेड निशा द्विवेदी सहित जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक और बड़ी संख्या में महिलाएं उपस्थित थीं।