उड़िया समुदाय और छत्तीसगढ़ के नागरिकों का भाईचारा देश के लिए मिसाल : सारंगी

उड़िया समुदाय और छत्तीसगढ़ के नागरिकों का भाईचारा देश के लिए मिसाल : सारंगी


🔴छत्तीसगढ़-ओडिशा की सीमाएं अलग, दिल एक;

सीजी न्यूज़ ऑनलाइन, 14 सितंबर 2026। ओडिशा के बरगढ़ विधानसभा क्षेत्र के भाजपा विधायक अश्विनी कुमार सारंगी अपने छत्तीसगढ़ प्रवास के दौरान दुर्ग पहुंचे। इस दौरान स्थानीय प्रबुद्ध नागरिकों, प्रवासी समुदाय और विभिन्न सामाजिक संगठनों की ओर से उनका भव्य नागरिक अभिनंदन किया गया। विधायक सारंगी ने छत्तीसगढ़ और ओडिशा के बीच सदियों पुराने सामाजिक, सांस्कृतिक और पारिवारिक संबंधों को मजबूत बताते हुए दोनों राज्यों के विकास में परस्पर सहयोग की आवश्यकता पर जोर दिया।

एक विशेष परिचर्चा में विधायक सारंगी ने कहा कि ओडिशा का बरगढ़ और छत्तीसगढ़ दोनों ही अपनी समृद्ध कृषि परंपरा के कारण ‘धान का कटोरा’ के रूप में पहचाने जाते हैं। दोनों प्रदेशों की आत्मा खेतों और किसानों में बसती है। उन्होंने छत्तीसगढ़ में कृषि तथा ग्रामीण बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में हो रहे बदलावों की सराहना करते हुए कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों में जल संसाधन प्रबंधन और आधुनिक कृषि तकनीकों के आदान-प्रदान से किसानों के जीवन में व्यापक बदलाव लाया जा सकता है।

संबलपुरी संस्कृति और व्यापारिक रिश्तों को बताया महत्वपूर्ण

संबलपुरी वेशभूषा और जैकेट के प्रति विशेष लगाव के लिए पहचाने जाने वाले विधायक सारंगी ने कहा कि बरगढ़ का हथकरघा उद्योग और विश्व प्रसिद्ध धनु यात्रा उत्सव छत्तीसगढ़ के नागरिकों के बीच भी लोकप्रिय है। उन्होंने कहा कि दोनों राज्यों के बीच सांस्कृतिक संबंधों के साथ व्यापारिक रिश्ते भी लगातार मजबूत हो रहे हैं।

उन्होंने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों में बेहतर सड़क निर्माण और कनेक्टिविटी से छत्तीसगढ़ के व्यापारियों तथा आम नागरिकों का ओडिशा आना-जाना सुगम हुआ है। आने वाले समय में दोनों राज्यों के बीच आपसी व्यापार, विशेषकर टेक्सटाइल और कुटीर उद्योग, नई ऊंचाइयों तक पहुंच सकता है।

‘सबका साथ, सबका विकास’ से संवरेगा सीमावर्ती क्षेत्र

सकारात्मक राजनीति के हिमायती विधायक सारंगी ने छत्तीसगढ़ में रह रहे उड़िया समुदाय और स्थानीय नागरिकों के बीच कायम अटूट भाईचारे को देश के लिए अनुकरणीय मिसाल बताया। उन्होंने कहा कि राजनीतिक सीमाओं से परे दोनों राज्यों के लोगों का आपसी मेल-जोल और सहयोग विकास की नई इबारत लिख रहा है।

उन्होंने कहा कि उनका छत्तीसगढ़ दौरा महज औपचारिक प्रवास नहीं है, बल्कि दोनों पड़ोसी राज्यों के बीच सौहार्द, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और परस्पर सहयोग को नई दिशा देने का प्रयास है। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में छत्तीसगढ़ और ओडिशा के बीच सामाजिक एवं आर्थिक रिश्ते और अधिक मजबूत होंगे।