सत्ता के घमंड में BJP को जनता को हल्के में लेना पड़ेगा भारी – भास्कर मिश्रा

सत्ता के घमंड में BJP को जनता को हल्के में लेना पड़ेगा भारी – भास्कर मिश्रा


सीजी न्यूज ऑनलाइन, 25 जनवरी 2026। भारतीय युवा जनशक्ति संघ व आल इण्डिया युथ एडवोकेट फ्रंट के अध्यक्ष एवं मुंबई हाई कोर्ट के अधिवक्ता भास्कर मिश्रा ने जारी बयान में कहा कि यूजीसी द्वारा हाल ही में लाए गए नियम यह संकेत देते हैं कि स्वर्ण समाज को बैकडोर से कमजोर करने और हाशिये पर धकेलने की नीति अपनाई जा रही है। यह वही समाज है जिसने बीजेपी को सत्ता तक पहुँचाया, लेकिन आज उसी को नीतियों के नाम पर निशाना बनाया जा रहा है। शिक्षा जैसे संवेदनशील क्षेत्र में इस प्रकार की सामाजिक इंजीनियरिंग न केवल घातक है, बल्कि विश्वासघात भी प्रतीत होती है।
इसी क्रम में माघ मेले जैसे पवित्र आयोजन में शंकराचार्य को गंगा स्नान से रोकना और उनके शिष्यों के साथ दुर्व्यवहार अत्यंत निंदनीय है। यह घटना दर्शाती है कि सत्ता के घमंड में सरकार धर्माचार्यों और धार्मिक स्वतंत्रता के सम्मान को भी भूल चुकी है।
बीजेपी यह मान बैठी है कि ब्राह्मण, ठाकुर और बनिया समाज का वोट उसका सुरक्षित क्षेत्र है, जबकि भारत का मतदाता जागरूक है। कोई भी समाज किसी राजनीतिक दल की जागीर नहीं है। अहंकार और उपेक्षा का जवाब जनता लोकतांत्रिक तरीके से देती है।