
सीजी न्यूज आनलाईन, 26 मई। दुर्ग महिला थाने में पारिवारिक मामलों की काउंसिलिंग करने वाली 7 काउंसलर्स को एसपी ने हटा दिया है।गौरतलब हो कि पूर्व में पारिवारिक मामलों की काउंसलिंग के लिए 18 काउंसलर्स की नियुक्ति की गई थी, जहां पारिवारिक मामलों को परामर्श के माध्यम से सुलझाने का प्रयास किया जाता रहा लेकिन इस बीच एसपी के पास लगातार महिला थाने में काउंसलर द्वारा दुर्व्यवहार और पक्षपात किए जाने की शिकायतें मिल रही थीं। नतीजतन एसपी ने काउंसलर विभा सिंह, संगीता सिंह, गौरी चक्रवर्ती को दुर्व्यवहार और पक्षपात की शिकायत बाद हटा दिया वहीं सरिता सिंह, अनीसा सुल्ताना, मीना सुशील और प्रभा गुप्ता को लगातार अनुपस्थिति के चलते हटाया गया है।
हमने वरिष्ठ कार्यालय में शिकायत की है-संगीता सिंह
पारिवारिक मामलों के लिए काउंसलर के रूप में नि:शुल्क सेवा देने वाले जिन काउंसलर को कार्यमुक्त किया गया है। उनमें से अधिवक्ता श्रीमती संगीता सिंह ने अपना पक्ष रखते हुए CGNewsonline को बताया है कि वो 20 साल से वकालत कर रही हैं और पिछले 7 वर्ष से महिला थाने में निःशुल्क सेवा देती रही हैं। कार्यमुक्त करने पुलिस अधीक्षक द्वारा हमारे नैसर्गिक न्याय के विरुद्ध, दोषपूर्ण और एकतरफा आदेश जारी किया गया है जिसकी शिकायत आईजी और कलेक्टर से की है और आगे भी एकतरफा कार्रवाई के विरुद्ध विधिक कार्यवाही हेतु अग्रसर रहूंगी।

श्रीमती सिंह ने बताया कि मुझे कार्यालय पुलिस अधीक्षक जिला दुर्ग का 20 मई का आदेश महिला थाना प्रभारी भिलाई के द्वारा वाट्सअप के माध्यम से 21 मई को प्राप्त हुआ। जिसमें मुझ पर लगातार दुर्व्यवहार एवं पक्षपात पूर्ण काउंसलिंग करने का आरोप अधिरोपित कर कार्यमुक्त किया गया है, जो कि पूर्णतः असत्य व आधारहीन आरोप है क्योंकि इस आरोप से संबंधित किसी भी शिकायत के संबंध में मुझे कोई सूचना या जांच कार्यवाही में सम्मिलित नहीं किया गया। न ही मेरे पक्ष को कहीं भी सुना गया है। मेरे विरूद्ध एकतरफा दोषपूर्ण आदेश जारी कर इसकी प्रतिलिपि सभी सार्वजनिक कार्यालयों एवं पुलिस थानों को प्रेषित की गई है जो कि व्यक्तिगत, सामाजिक व व्यावसायिक प्रतिष्ठा को पूर्णतः ठेस पहुंचाते हुए, मुझे दोषी करार देते हुए यह आदेश जारी किया गया है। इस पक्षपातपूर्ण एकतरफा की गई कार्यवाही के खिलाफ मैंने आईजी दुर्ग और कलेक्टर को ज्ञापन सौंप नैसर्गिक न्याय के सिद्धातों के विपरीत होने से उक्त आदेश का खण्डन करते हुए सभी विभागों को सूचित करने की मांग की है।
महिला थाना प्रभारी के दबाव का भी लगाया आरोप
संगीता सिंह ने काउंसलिंग से हटाए जाने की कार्रवाई को एकतरफा बताते हुए आरोप लगाया कि काउंसलिंग के दौरान महिला थाना टीआई नीता राजपूत अपने हिसाब से लिखा पढ़ी करने का दबाव बनाती थीं, जिसका मैंने विरोध किया। अगर मुझ पर किसी तरह पक्षपातपूर्ण कार्रवाई की शिकायत है तो उसमें मेरा पक्ष भी जानना जरूरी था लेकिन ऐसा कोई अवसर दिए बिना सीधे हटा दिया जाना न्यायोचित कार्रवाई नहीं है, इसके खिलाफ उपयुक्त फोरम में वो शिकायत जरूर करेंगी।
काउंसलर से हटाई गईं गौरी चक्रवर्ती ने भी इस कार्रवाई के लिए महिला थाना प्रभारी नीता राजपूत की दबावपूर्ण भूमिका को जिम्मेदार बताते हुए कहा कि काउंसलिंग में दुर्व्यवहार या पक्षपात पूर्ण कार्रवाई के अगर आरोप किसी पक्षकार ने लगाए तो उसकी जानकारी देते हुए हमें भी सूचना दी जानी चाहिए थी, हमें भी सुना जाना था।
