दुर्ग में धान और बारदाने में 15 लाख से अधिक की गड़बड़ी पकड़ी टीम ने

दुर्ग में धान और बारदाने में 15 लाख से अधिक की गड़बड़ी पकड़ी टीम ने


🔴शाखा प्रबंधक की रिपोर्ट पर से समिति प्रभारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज

दुर्ग, 07 जून 2026। दुर्ग जिले के धमधा क्षेत्र स्थित सेवा सहकारी समिति रौंदा के धान उपार्जन केंद्र में लाखों रुपये की अनियमितता सामने आने के बाद समिति प्रभारी के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया गया है। जांच में 560.28 क्विंटल धान और 2103 नग नए बारदाने की कमी पाए जाने पर पुलिस ने कार्रवाई शुरू कर दी है।

धमधा पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार जिला सहकारी केंद्रीय बैंक दुर्ग की घोंठा शाखा के शाखा प्रबंधक भूपेन्द्र सिंह मढरिया द्वारा थाना धमधा में शिकायत दर्ज कराई गई थी। शिकायत में बताया गया कि 29 मई 2026 को खाद्य विभाग, सहकारिता विभाग एवं जिला सहकारी बैंक के अधिकारियों की संयुक्त टीम ने सेवा सहकारी समिति मर्यादित रौंदा एवं उसके उपार्जन केंद्र का आकस्मिक निरीक्षण और भौतिक सत्यापन किया था।

जांच समिति में शाखा प्रबंधक भूपेन्द्र सिंह मढरिया, सहायक खाद्य अधिकारी शशि सिंह, खाद्य निरीक्षक सुधा महिलांग तथा सहकारिता निरीक्षक प्रजय सोनी शामिल थे। जांच में पाया गया कि खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में समिति द्वारा कुल 73,952.80 क्विंटल धान का उपार्जन किया गया था। इसमें से 65,657.62 क्विंटल धान का उठाव मिलरों द्वारा तथा 7,678.10 क्विंटल धान संग्रहण केंद्र को दिया जा चुका था।

दस्तावेजों के अनुसार समिति में 617.08 क्विंटल धान उपलब्ध होना चाहिए था, लेकिन मौके पर भौतिक सत्यापन के दौरान केवल 56.80 क्विंटल सरना धान ही पाया गया। इस प्रकार कुल 560.28 क्विंटल धान की कमी सामने आई।

जांच में यह भी पाया गया कि 2103 नग नए बारदाने भी रिकॉर्ड के अनुसार उपलब्ध नहीं थे। कमी पाए गए धान की कीमत 13 लाख 27 हजार 303 रुपये तथा बारदाने की कीमत 1 लाख 80 हजार 858 रुपये आंकी गई है। कुल मिलाकर 15 लाख 8 हजार 161 रुपये की गड़बड़ी सामने आई है।

जांच रिपोर्ट में सेवा सहकारी समिति रौंदा के प्रभारी जगदीश कुमार नवरंगे की भूमिका संदिग्ध पाए जाने पर उनके विरुद्ध कार्रवाई की अनुशंसा की गई। इसके बाद जिला सहकारी केंद्रीय बैंक दुर्ग के निर्देश पर थाना धमधा में शिकायत दर्ज कराई गई।

पुलिस ने आरोपी जगदीश कुमार नवरंगे के खिलाफ अपराध क्रमांक 136/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 316(5) में मामला दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है। मामले में धान और बारदाने की कमी के कारणों तथा राशि के दुरुपयोग की जांच की जा रही है।