सीजी न्यूज ऑनलाइन, 02 सितंबर। अवैध शराब के कोचिये से लेनदेन और उसके बाद पिटाई के मामले में दो आरक्षक पहले ही निलंबित हो चुके हैं। अब अधीनस्थों पर नियंत्रण न रख पाने की जिम्मेदारी रतनपुर थाना प्रभारी पर भी आ गई है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह ने थाना प्रभारी नरेश चौहान को तत्काल प्रभाव से पुलिस लाइन अटैच कर दिया है।
गौरतलब है कि 26 अगस्त को रतनपुर थाने में पदस्थ तीन सिपाही बिना वर्दी और बिना सूचना दिए सिल्ली मोड़ के कुआंजती गांव पहुंचे थे। वहां उन्होंने 40 लीटर शराब के साथ एक कोचिये को पकड़ा और 40 हजार रुपए लेकर छोड़ दिया। इसके बाद वे जब्त शराब को लेकर पोंड़ी गांव पहुंचे और दूसरे कोचिये से सौदा करने लगे।
इसी दौरान ग्रामीणों को इसकी भनक लग गई। मौके पर पहुंचे लोगों ने सिपाहियों को घेर लिया। एक सिपाही तो भाग निकला, लेकिन संजय खांडे और सुदर्शन मरकाम ग्रामीणों के हत्थे चढ़ गए दोनों की जमकर पिटाई हुई और घटना का वीडियो भी बना लिया गया। बाद में गांव की पंचायत में उनसे माफी मंगवाई गई और तब जाकर छोड़ा गया।
घटना की जानकारी सामने आने पर एसएसपी ने दोनों आरक्षकों को निलंबित कर दिया था। अब इस पूरे मामले में अधीनस्थों पर नियंत्रण न रखने की वजह से थाना प्रभारी नरेश चौहान को भी जिम्मेदार मानते हुए लाइन अटैच कर दिया गया है।
एसएसपी द्वारा जारी आदेश के मुताबिक निरीक्षक संजय सिंह राजपूत को रक्षित केंद्र बिलासपुर से स्थानांतरित कर रतनपुर थाना प्रभारी बनाया गया है। वहीं निरीक्षक रवि शंकर तिवारी को रेंज सायबर थाना बिलासपुर से हटाकर हिरी थाना प्रभारी की जिम्मेदारी दी गई है। इसके अलावा निरीक्षक रजनीश सिंह को रक्षित केंद्र से रेंज सायबर थाना भेजा गया है।

