दुर्ग, 01 सितंबर 2026। जिले में स्वाइन फ्लू (H1N1) के बढ़ते मामलों को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने निगरानी और बचाव के उपाय तेज कर दिए हैं। दुर्ग जिले में 5 से 29 अगस्त 2026 के बीच स्वाइन फ्लू के 13 धनात्मक प्रकरण सामने आए हैं। वर्तमान में जिले में 9 एक्टिव मरीज हैं, जिनका विभिन्न अस्पतालों में उपचार चल रहा है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार सभी मरीजों की स्थिति फिलहाल सामान्य है।
कलेक्टर अभिजीत सिंह के निर्देश पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मनोज दानी, जिला सर्वेलेंस अधिकारी डॉ. सी.बी.एस. बंजारे और जिला कार्यक्रम प्रबंधक भूमिका वर्मा के मार्गदर्शन में स्वास्थ्य विभाग द्वारा लगातार निगरानी की जा रही है। नए पॉजिटिव मरीज मिलने पर कांटेक्ट ट्रेसिंग की जा रही है और मरीजों की नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है।
क्या है H1N1 स्वाइन फ्लू?
स्वाइन फ्लू इन्फ्लूएंजा ए वायरस से होने वाला श्वसन तंत्र का संक्रमण है। इसका सामान्य इनक्यूबेशन पीरियड 1 से 2 दिन बताया गया है। संक्रमित व्यक्ति से लक्षण शुरू होने के करीब 3 से 5 दिन तक संक्रमण दूसरे लोगों में फैल सकता है। इसका प्रसार मुख्य रूप से संक्रमित व्यक्ति के संपर्क और ड्रॉपलेट इंफेक्शन के माध्यम से होता है।
सर्दी, खांसी और बुखार प्रमुख लक्षण
स्वाइन फ्लू के प्रमुख लक्षणों में सर्दी, खांसी, बुखार और बदन दर्द शामिल हैं। ऐसे लक्षण दिखाई देने पर स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करने की अपील की है।
संक्रमण से बचाव के लिए सावधानी जरूरी
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को खांसते या छींकते समय मुंह और नाक को रूमाल, टिश्यू या कोहनी से ढकने, हाथों को साबुन-पानी से बार-बार धोने अथवा सैनिटाइजर का उपयोग करने की सलाह दी है। आंख, नाक और मुंह को बार-बार छूने से बचने तथा संक्रमित व्यक्ति से उचित दूरी बनाए रखने की भी अपील की गई है।
लक्षण होने पर स्कूल, कार्यालय या भीड़भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचने और डॉक्टर की सलाह के बिना दवा नहीं लेने की सलाह दी गई है। पर्याप्त आराम, नींद, पानी और पौष्टिक भोजन लेने पर भी जोर दिया गया है।
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से घबराने के बजाय सतर्क रहने और स्वच्छता का पालन करने की अपील की है। होम आइसोलेशन के दौरान स्वास्थ्य की निगरानी करने तथा स्थिति बिगड़ने पर तत्काल अस्पताल पहुंचने को कहा गया है।

