महंत नरेंद्र गिरि की मौत मामले में शक की सुई तीन शिष्यों पर, सुसाइड नोट इनपुट के आधार पर लिये गये हिरासत में, एक शिष्य हरिद्वार से गिरफ्तार
नई दिल्ली, 21 सितंबर। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि के मौत की गुत्थी अभी पूरी तरह नहीं सुलझ पाई है। नरेंद्र गिरि की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत की जांच पुलिस हर एंगल से कर रही है। नरेंद्र गिरी का शव बाघंबरी मठ में फंदे से लटका हुआ पाया गया। घटना के बाद पुलिस की एक टीम को जांच का जिम्मा सौंपा गया है। विदित हो कि महंत नरेंद्र गिरि देश के बड़े संतों में से एक हैं। उनके दुनियाभर में लाखों अनुयायी भी हैं। जिस वजह से पुलिस के ऊपर जनता के सामने सच्चाई लाने का दबाव बढ़ गया है।
घटना की जानकारी मिलते ही जिलाधिकारी संजय खत्री, आईजी केपी सिंह, डीआईजी सर्वश्रेष्ठ त्रिपाठी समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे थे। फिलहाल मठ को पुलिस ने कब्जे में लेकर सील कर दिया है। बिना प्रशासन के आदेश वहां पर किसी को भी जाने की अनुमति नहीं है। इस मामले को जब पुलिस ने सुसाइड मानकर जांच शुरू की, तो उन्हें महंत के कमरे में एक सुसाइड नोट बरामद हुआ, जिसमें उनके शिष्य आनंद गिरि का जिक्र था। इस पर पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत हरिद्वार में आनंद गिरि को हिरासत में ले लिया। आनंद गिरी के साथ ही पुलिस उनके दो अन्य शिष्यों प्रयागराज लेटे हनुमान मंदिर के पुजारी और उनके बेटे को भी हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। खबर है कि इस बीच शिष्य आनंद गिरि के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है। यह एफआईआर बाघम्बरी मठ के सेवादार अमर गिरि ने जॉर्ज टाउन थाने में कराई है। जानकारी के मुताबिक धारा 306 के तहत एफआईआर दर्ज कराई गई है।
अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि अपने बाघंबरी मठ में थे। सोमवार शाम करीब 5ः20 बजे पुलिस को उनके निधन की जानकारी मिली। इसके बाद जब पुलिस टीम वहां पर पहुंची तो चारों तरफ से दरवाजे बंद मिले। बाद में किसी तरह दरवाजा खोला गया तो महंत का शव रस्सी से लटकता हुआ मिला। जिसके बाद शव का पंचनामा कर उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। साथ ही फॉरेंसिक टीम को भी मौके पर बुलाया गया। वहीं कमरे में मिले सुसाइड नोट की जांच की गई, तो उसमें आनंद गिरि का जिक्र मिला।
आरोप है कि आनंद गिरि ने अपने गुरु को मानसिक रूप से काफी ज्यादा परेशान किया था। प्रयागराज आईजी केपी सिंह ने भी सुसाइड नोट मिलने की पुष्टि की है। जिसके मुताबिक महंत बहुत कारणों से दुखी थे, जिस वजह से उन्होंने अपनी जान देने का फैसला किया। वहीं एक अन्य रिपोर्ट के मुताबिक महंत की मौत के बाद आश्रम का क्या होगा, इसका भी जिक्र और वसीयतनामा नोट में लिखा हुआ है। उन्होंने कुछ लोगों के नाम भी सुझाए हैं, साथ ही उनका ध्यान रखने की अपील की है।

