🛑360 डिग्री घूमने वाली सीटें, ऑटोमैटिक चेंज होगा AC कोच का टेंपरेचर
सीजी न्यूज ऑनलाइन 10 अक्टूबर 2026। Vande Bharat Train: देश की नई एडवांस्ड वंदे भारत ट्रेन ने 180 की फुल स्पीड से रफ्तार पड़ी है. कपूरथला में तैयार ये पहली ट्रेन है और इसमें खुदबखुद टेंपरेचर एडजस्ट करने वाले स्पेशल एसी कोच और चारों तरफ घूमने वाली सीटें हैं.
भारतीय रेलवे की नई वंदे भारत एक्सप्रेस ने 180 किमी प्रति घंटे की पूरी रफ्तार से मथुरा-नागड़ा सेक्शन पर दौड़ी. पंजाब के कपूरथला में बनी देश की एडवांस्ड वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन का सफल हाई स्पीड ट्रायल हुआ है और वो 180 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ी. ये भारतीय रेलवे की अपनी स्वदेशी और अत्याधुनिक वंदे भारत एक्सप्रेस है. पंजाब के रेल कोच फैक्ट्री कपूरथला में निर्मित 16 कोच वाली पहले चेयर कार ट्रेन सेट है. पश्चिमी मध्य रेलवे के कोटा डिवीजन में 180 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से ये ट्रायल रन हुआ.
नई वंदे भारत ट्रेन की खासियत
वंदे भारत ट्रेन में 360 डिग्री घूमने वाली कुर्सियां हैं. एग्जीक्यूटिव क्लास में यात्रियों की सीटें किसी भी दिशा में घुमाई जा सकती हैं. इसमें जीरो डिस्चार्ज बायो वैक्यूम टॉयलेट हैं, यानी कोई भी अपशिष्ट पदार्थ बाहर नहीं फेंका जाता है. यात्रियों की संख्या और टेंपरेचर के अनुसार तापमान एडजस्ट करने वाले स्पेशल एसी कोच हैं, जो ताजी हवा का प्रवाह बनाए रखते हैं. व्हीलचेयर के साथ दिव्यांग यात्रियों के लिए अलग से विशेष टॉयलेट बनाए गए हैं.
वंदे भारत ट्रेन का सफल ट्रायल
यह ट्रायल रेल अनुसंधान डिजाइन और मानक संगठन (RDSO) और रेलवे सुरक्षा आयुक्त (CRS) की निगरानी में कोटा-चौमहला रेल सेक्शन पर किया गया. ट्रायल के दौरान जब ट्रेन 180 किमी/घंटे हाईस्पीड के दौरान कोच के अंदर शीशे के गिलास में ऊपर तक पानी भरकर रखा था और उसकी एक बूंद भी नहीं छलकी. यह भारतीय इंजीनियरों का कमाल और ट्रेन के शानदार सस्पेंशन सिस्टम को दिखाता है. ट्रेन के रुकने, स्पीड पकड़ने से ट्रैक बदलने के दौरान और इमरजेंसी ब्रेक लगाने की क्षमता का ट्रायल भी सुरक्षा मानकों पर खरा उतरा. अभी ये वंदे भारत ट्रेन 130 से 160 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ेगी, लेकिन बाद में ये 180 की रफ्तार से चलाई जाएगी. ये ट्रेन मजबूत एलएचबी की स्टेनलेस स्टील बॉडी से बनी है.
RCF कपूरथला की पहली वंदे भारत
अब तक सारी वंदे भारत ट्रेनें इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (ICF) चेन्नई में बनी हैं. कपूरथला रेल कोच फैक्ट्री में मार्च से 16 कोच वाली एडवांस्ड ट्रेन सेट का काम शुरू हुआ था. इस ट्रेन को अल्स्टोम प्रोपल्शन तकनीक से लैस किया गया था. यह ट्रेन पर्यावरण के अनुकूल, कम बिजली खपत करने वाले एयर कंडीशनर, जीरो-डिस्चार्ज बायो-वैक्यूम टॉयलेट और मॉडर्न सेफ्टी फीचर्स से लैस है.सफल ट्रायल के बाद कपूरथला फैक्ट्री में ऐसी ही अन्य वंदे भारत ट्रेन तैयार करने को मंजूरी मिल गई है. इस ट्रेन को रेलवे सुरक्षा आयुक्त से हरी झंडी मिलने का इंतजार है. जल्द ही देश के बड़े वीआईपी रूट पर यात्रियों के लिए इन ट्रेनों का संचालन शुरू हो जाएगा.
मथुरा-नागदा रेल खंड कहां से कहां तक
करीब 550 किमी लंबा मथुरा-नागदा रेल खंड नई दिल्ली-मुंबई रेलवे लाइन पर है और ये महाराष्ट्र, राजस्थान, मध्य प्रदेश से उत्तर प्रदेश तक फैला है. यह रूट भारतीय रेलवे के पश्चिम मध्य रेलवे और पश्चिम रेलवे जोन में आता है. मथुरा जंक्शन, भरतपुर जंक्शन, बयाना जंक्शन, हिंडौन सिटी, गंगापुर सिटी और सवाई माधोपुर जंक्शन शामिल हैं. कोटा, भवानी मंडी, चौमहला, विक्रमगढ़ आलोट और नागदा जंक्शन इसके प्रमुख स्टेशन हैं. यहां से रेल लाइनें आगे रतलाम-मुंबई और उज्जैन-भोपाल जाती है.

