साइंस कॉलेज के स्वावलंबन केंद्र में विद्यार्थियों ने बनाई जैविक खाद, राखियां और पारंपरिक लोक आभूषण

साइंस कॉलेज के स्वावलंबन केंद्र में विद्यार्थियों ने बनाई जैविक खाद, राखियां और पारंपरिक लोक आभूषण


दुर्ग, 21 अगस्त 2026। शासकीय विश्वनाथ यादव तामस्कर स्वशासी स्नातकोत्तर महाविद्यालय, दुर्ग में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत विद्यार्थियों में कौशल विकास और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से स्थापित स्वावलंबन केंद्र की गतिविधियों के अंतर्गत निर्माण सह-विक्रय प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। प्रदर्शनी में कॉलेज के विभिन्न विभागों के विद्यार्थियों ने बड़ी संख्या में भाग लिया और अपने हाथों से तैयार उत्पादों का प्रदर्शन एवं विक्रय किया।

महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. अजय कुमार सिंह ने स्वावलंबन केंद्र के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि विद्यार्थियों में अनेक प्रतिभाएं छिपी होती हैं। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 का उद्देश्य इन्हीं प्रतिभाओं को सामने लाकर विद्यार्थियों को कौशल आधारित अवसर उपलब्ध कराना है।

स्वशासी परीक्षा प्रकोष्ठ की नियंत्रक डॉ. जगजीत कौर सलूजा ने स्वावलंबन केंद्र की गतिविधियों को छोटे-छोटे स्टार्टअप की तरह विकसित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों द्वारा तैयार सामग्री को कम कीमत पर विक्रय के लिए उपलब्ध कराया जा सकता है। रक्षाबंधन के साथ दशहरा, दीपावली, जन्माष्टमी और गणेश पर्व जैसे अवसरों के लिए उपयोगी सामग्री तैयार कर विद्यार्थी आय अर्जित कर सकते हैं।

महाविद्यालय के मीडिया प्रभारी डॉ. प्रशांत कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि माइक्रोबायोलॉजी विभाग की प्रमुख डॉ. प्रज्ञा कुलकर्णी और सहायक प्राध्यापक डॉ. रेखा गुप्ता के मार्गदर्शन में स्नातकोत्तर विद्यार्थियों नेहा तिवारी, आर्यन साहू, शिवराम और हर्ष साहू ने पौधों की वृद्धि एवं बेहतर देखभाल के लिए जैविक खाद और अन्य उपयोगी जैविक उत्पाद तैयार किए हैं। इन उत्पादों को न्यूनतम कीमत पर उपलब्ध कराया गया।

समाजशास्त्र विभाग के विद्यार्थी दुष्यंत निर्मलकर और उनके साथियों ने छत्तीसगढ़ की विभिन्न जनजातियों में प्रचलित पारंपरिक आभूषण तैयार किए। इन लोक आभूषणों के माध्यम से विद्यार्थियों ने प्रदेश की लोक संस्कृति और पारंपरिक विरासत को प्रदर्शित किया।

वहीं हिन्दी विभाग की स्नातकोत्तर छात्रा प्रियंका विश्वकर्मा और राजनीति विज्ञान की एमए तृतीय सेमेस्टर की छात्रा भावना देशमुख ने घर की सजावट में उपयोग होने वाली सामग्री तथा रक्षाबंधन के लिए आकर्षक राखियां तैयार कर प्रदर्शनी में स्टॉल लगाया। विद्यार्थियों द्वारा तैयार उत्पादों को न्यूनतम कीमत पर विक्रय के लिए उपलब्ध कराया गया।

प्रदर्शनी में वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ. अनिल कुमार पाण्डेय, डॉ. एस.डी. देशमुख, डॉ. राकेश तिवारी, डॉ. मीना मान, डॉ. अम्बरीश त्रिपाठी, डॉ. ज्योति धारकर, डॉ. अनुपमा कश्यप, डॉ. मर्सी जॉर्ज सहित बड़ी संख्या में प्राध्यापक एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।