छात्र ने हफ्ते भर में 18 साथियों को दांत से काटा, 3 साल पहले कुत्ते ने काटा था

छात्र ने हफ्ते भर में 18 साथियों को दांत से काटा, 3 साल पहले कुत्ते ने काटा था


सीजी न्यूज ऑनलाइन, 17 जुलाई 2026। तीन साल पहले एक छात्र को आवारा कुत्ते ने काटा था, उसी ने एक सप्ताह के भीतर 18 सहपाठियों को दांत से काट लिया। जिससे रेबीज फैलने की आशंका से घबराए पालकों ने स्कूल प्रबंधन के समक्ष चिंता जताई तो सभी पीडित छात्रों का मेडिकल परीक्षण और टीकाकरण कराया गया।

घटना कुरुद विकासखंड अंतर्गत ग्राम सिलौटी स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय की है। इस घटना ने छात्रों अभिभावकों और स्कूल प्रबंधन की चिंता बढ़ा दी। तीन वर्ष पहले जिस छात्र को आवारा कुत्ते ने काटा था, इतने समय बाद आखिरकार 11वीं का वह छात्र अपने ही सहपाठियों को लगातार दांतों से क्यों काट रहा है? अलग-अलग दिनों में छात्र ने एक सप्ताह में 18 साथी छात्रों को दांत से काट दिया, यह सवाल पूरे इलाके को परेशान कर रहा है।

पालकों की चिंता को गंभीरता से लेते हुए स्कूल प्रबंधन ने स्वास्थ्य विभाग को सूचना दी। सभी 18 विद्यार्थियों को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कोर्रा ले जाकर चिकित्सकीय परीक्षण कराया गया। डॉक्टरों की सलाह पर संक्रमण के किसी भी संभावित खतरे से बचाव के लिए सभी को एंटी-रेबीज वैक्सीन लगाई गई। साथ ही संबंधित छात्र को जिला अस्पताल भेजकर विशेषज्ञ चिकित्सकों से विस्तृत जांच कराई गई।

काउंसलरों से बातचीत में छात्र ने बताया कि कबड्डी खेल में हारने के बाद उसने शरारत के तौर पर अपने दोस्तों को काटना शुरू किया था। स्कूल प्रबंधन ने उक्त छात्र की नियमित काउंसलिंग कराने का निर्णय लिया है।

जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. जेपी. दीवान ने बताया कि छात्र में रेबीज का कोई भी लक्षण नहीं पाया गया। उनके अनुसार रेबीज से संक्रमित व्यक्ति में पानी से डर, तेज रोशनी और आवाज से परेशानी, निगलने में कठिनाई तथा व्यवहार में गंभीर परिवर्तन जैसे लक्षण दिखाई देते हैं, जबकि संबंधित छात्र पूरी तरह सामान्य मिला।

सीएमएचओ डॉ. यूएल. कौशिक ने भी स्पष्ट किया कि तीन वर्ष पहले कुत्ते के काटने के बाद छात्र का पूरा एंटी-रेबीज टीकाकरण कराया गया था।

ज्ञात हो कि कुछ महीने पहले क्षेत्र की और एक स्कूल में एक छात्र द्वारा अपने सहपाठियों के हाथ में किसी नुकीले औजार से अजीब चिन्ह बनाने का मामला उजागर हुआ था। जांच में उसमें भी कुछ खास बात नजर नहीं आई।