सीजी न्यूज आनलाईन डेस्क, 26 जनवरी। ईडी ने कोयला उगाही केस के बाद छत्तीसगढ़ की आर्थिक अपराध शाखा में शराब घोटाले में एक दूसरी एफआईआर दर्ज की है, जिसमें 70 से अधिक ऐसे बड़े नाम शामिल हैं जिन पर आरोप है कि ये सभी सरकारी धंधे की आड़ में दो नंबर का गोरख धंधा चला रहे थे। आपको बता दें कि इस शराब घोटाले की एफआईआर में पिछली सरकार में मुख्य सचिव रहे विवेक ढांढ का नाम भी है। इनके आलावा जिन बड़े नामों की फेहरिस्त का जिक्र शीर्षक में हुआ उन्हीं में एक रिटायर्ड आईएएस अनिल टुटेजा और अखिल भारतीय सेवा के अन्य अफसर अरुणपति त्रिपाठी के आलावा अनवर ढेबर का नाम है, और तो और राज्य की पूर्व कांग्रेस सरकार के आबकारी मंत्री कवासी लखमा का भी नाम है। एक अन्य पिछले आबकारी कमिश्नर निरंजन दास का भी नाम इस एफआईआर में है। रायपुर के रतन प्रिया मीडिया प्राइवेट लिमिटेड का नाम भी इस एफआईआर में है। इसके बाद आबकारी विभाग के दर्जनों नामचीन अधिकारियों के नाम भी इसमें शुमार हैं। अफसरों के आलावा भिलाई के विजय भाटिया, अरविंद सिंह, त्रिलोक सिंह ढिल्लों, यश टुटेजा, नितेश पुरोहित, यश पुरोहित जैसे कारोबारी के नाम भी इसमें है।
प्रदेश की तीन बड़ी डिस्टलरी के नाम भी इसमें आरोपी लिखे गए हैं। कुछ ऐसी फर्मों के नाम भी हैं जो कि प्रदेश के बाहर की शराब खरीद कर राज्य सरकार को बेचने का काम करती थी। ढेबर परिवार की और कई फर्मों के नाम इसमें हैं, और परिवार के सदस्यों के नाम भी हैं। कांग्रेस पार्टी के कई पदाधिकारी के नाम हैं। 13 पेज लंबी इस एफआईआर में राज्य में कैसे शराब घोटाला किया गया, कैसे नकली होलोग्राम लगाकर सरकार ने ही दो नंबर की शराब बनवाई और बेची, इसका पूरा किस्सा एफआईआर में लिखा गया है।
खास खबर 🛑 नक़ली होलोग्राम से छत्तीसगढ़ में ऐसे हो रहा था दो नंबर का सरकारी धंधा 🛑 EOW ने शराब घोटाले की जो FIR दर्ज की उसमें 70 बडे़ नाम 🛑 लोग कह रहे “लो हो गया काम तमाम

