डीयू में मानवाधिकार, नारी सम्मान और साइबर सुरक्षा पर हुआ विशेष व्याख्यान

डीयू में मानवाधिकार, नारी सम्मान और साइबर सुरक्षा पर हुआ विशेष व्याख्यान


🔴प्रो. कन्हैया त्रिपाठी का दुर्ग दौरा रहा अहम

दुर्ग, 23 जुलाई 2026। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) के विशेष निगरानीकर्ता प्रो. कन्हैया त्रिपाठी ने गुरुवार को हेमचंद यादव विश्वविद्यालय, दुर्ग का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने विश्वविद्यालय का निरीक्षण करने के साथ विद्यार्थियों, शोधार्थियों और शिक्षकों को मानवाधिकार, लैंगिक संवेदनशीलता, साइबर हाइजीन और सामाजिक उत्तरदायित्व जैसे विषयों पर प्रेरक व्याख्यान दिया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता कुलपति प्रो. (डॉ.) संजय तिवारी ने की। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय केवल शिक्षा का केंद्र नहीं, बल्कि संवैधानिक मूल्यों, मानवीय गरिमा और सामाजिक उत्तरदायित्व को मजबूत करने का भी महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने विद्यार्थियों में अधिकारों के साथ-साथ कर्तव्यों के प्रति जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया।

अपने संबोधन में प्रो. कन्हैया त्रिपाठी ने कहा कि मानवाधिकार प्रत्येक व्यक्ति की गरिमा, समानता और स्वतंत्रता की आधारशिला हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से संवेदनशील नागरिक बनने, महिला सम्मान, जेंडर समानता और सुरक्षित सामाजिक वातावरण के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।

उन्होंने डिजिटल युग में साइबर हाइजीन के महत्व पर विस्तार से चर्चा करते हुए साइबर अपराधों से बचाव, सुरक्षित डिजिटल व्यवहार और सोशल मीडिया के जिम्मेदार उपयोग के बारे में महत्वपूर्ण सुझाव दिए। साथ ही जल संरक्षण, स्वच्छता और विशेष रूप से बालिकाओं के लिए सुरक्षित एवं सम्मानजनक स्वच्छता सुविधाओं को भी मानवाधिकारों से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय बताया।

मानवाधिकार विभाग और शोध पत्रिका शुरू करने का सुझाव

प्रो. त्रिपाठी ने विश्वविद्यालय में मानवाधिकार शोध पत्रिका (जर्नल) शुरू करने, मानवाधिकार विषय पर संपादित पुस्तक प्रकाशित करने तथा मानवाधिकार एवं जनजातीय अध्ययन विभाग स्थापित करने का सुझाव दिया, ताकि इस क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण शोध और अध्ययन को बढ़ावा मिल सके।

कुलपति ने की दो वार्षिक पुरस्कारों की घोषणा

कार्यक्रम के दौरान कुलपति प्रो. (डॉ.) संजय तिवारी ने विश्वविद्यालय में छात्र-छात्राओं के सर्वांगीण विकास को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से दो नए वार्षिक पुरस्कारों की घोषणा की। उन्होंने बताया कि महिला अधिकारों की अग्रणी समाजसेवी हंसा मेहता के नाम पर उत्कृष्ट छात्रा तथा पूर्व उच्च शिक्षा मंत्री स्वर्गीय हेमचंद यादव की स्मृति में उत्कृष्ट छात्र को प्रतिवर्ष सम्मानित किया जाएगा।

मिनीमाता छात्रावास और विज्ञान विकास केन्द्र का किया निरीक्षण

विश्वविद्यालय कार्यक्रम के बाद प्रो. कन्हैया त्रिपाठी ने शासकीय व्ही.वाई.टी. कला एवं विज्ञान स्वशासी स्नातकोत्तर महाविद्यालय स्थित मिनीमाता कन्या छात्रावास का निरीक्षण किया। उन्होंने छात्राओं से संवाद कर शिक्षा, सुरक्षा, स्वास्थ्य और छात्रावास की सुविधाओं की जानकारी ली तथा उन्हें अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।

इसके बाद उन्होंने आदिम जाति कल्याण विभाग द्वारा संचालित विज्ञान विकास केन्द्र का भी दौरा किया। यहां उन्होंने छात्राओं से मानवाधिकार, जेंडर संवेदनशीलता, साइबर सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण और उत्तरदायी नागरिकता पर चर्चा की तथा उनके सवालों के जवाब भी दिए। इस दौरान कुलपति प्रो. (डॉ.) संजय तिवारी, अतिरिक्त कलेक्टर श्री प्रदीप, विज्ञान विकास केन्द्र की डायरेक्टर उर्मिला ओझा, छात्रावास अधीक्षक रूपा सिन्हा सहित विश्वविद्यालय और प्रशासन के अधिकारी उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का संचालन अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो. (डॉ.) नीलू श्रीवास्तव ने किया, जबकि सहायक कुलसचिव दिग्विजय ने आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में शिक्षक, शोधार्थी, विद्यार्थी और विश्वविद्यालय के अधिकारी मौजूद रहे। यह आयोजन मानवाधिकारों के प्रति जागरूकता, लैंगिक समानता और उत्तरदायी नागरिकता को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना गया।