हेमचंद यादव विष्वविद्यालय, दुर्ग में स्नातक प्रथम फोर्स में ऑनलाइन प्रवेश हेतु अब तक 70 हजार स्टूडेंट्स ने किया आवेदन
दुर्ग 6 जुलाई । हेमचंद यादव विश्वविद्यालय दुर्ग में स्नातक स्तर के बीए, बीकाॅम, बीएससी, बीसीए, बीबीए, आदि स्नातक स्तर के विभिन्न पाठ्यक्रमों में महाविद्यालयों में ऑनलाइन प्रवेश हेतु अब तक 69550 आवेदन पत्र प्राप्त हुए है। यह जानकारी देते विश्वविद्यालय के अधिष्ठाता छात्र कल्याण, डाॅ. प्रशांत श्रीवास्तव ने बताया कि प्राप्त आवेदनों में बीए प्रथम वर्ष हेतु 29194, बीएससी प्रथम वर्ष हेतु 28255 तथा बीकाॅम हेतु 12101 आवेदन पत्र प्राप्त हुए हैं। इनके अलावा बीसीए, बीबीए आदि पाठ्यक्रम हेतु भी पृथक से सैंकड़ों आवेदन प्राप्त हुए है। डाॅ. श्रीवास्तव के अनुसार सीबीएसई बारहवीं परीक्षा के परीक्षा परिणाम घोषित होने पर वें छात्र-छात्राएं विभिन्न महाविद्यालयों में प्रवेश पत्र ऑनलाइन आवेदन करेंगे। इसके पश्चात् स्नातक प्रथम वर्ष में प्रवेश हेतु महाविद्यालयों में प्रावीण्य सूची तैयार की जायेगी।
इस बीच विश्वविद्यालय द्वारा आज बीकाॅम अंतिम वर्ष का परीक्षा परिणाम आज विश्वविद्यालय द्वारा जारी कर दिये जाने के बाद महाविद्यायलों में एम.काॅम प्रथम सेमेस्टर में प्रवेश प्रक्रिया आरंभ हो जायेगी। विश्वविद्यालय की कुलपति, डाॅ. अरूणा पल्टा ने महाविद्यालय के प्राचार्यो से अनुरोध किया है कि स्नातक द्वितीय एवं तृतीय वर्ष तथा स्नातकोत्तर तृतीय सेमेस्टर की परीक्षा परिणामों का रास्ता न देखते हुए उपरोक्त कक्षाओं की नियमित अध्ययन आरंभ कर दिया जाये। विश्वविद्यालय द्वारा जारी बीकाॅम अंतिम वर्ष में शामिल 7652 परीक्षार्थियों में से 7390 परीक्षार्थी सफल रहे, 19 विद्यार्थी अनुत्तीर्ण हुए। उत्तर पुस्तिकाओं में रोल नंबर अथवा स्वयं के नाम की गलत प्रविष्टि के कारण 225 परीक्षार्थियों के परीक्षा परिणाम बीकाॅम अंतिम में रोके गये है। परीक्षा परिणाम रोके गये परीक्षार्थी द्वारा विश्वविद्यालय में आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत किये जाने पर उनका परीक्षा परिणाम जारी किया जायेगा।
डाॅ. श्रीवास्तव ने बताया कि बीकाॅम के अलावा बीएससी बीएड भाग-02 तथा भाग 03 के परीक्षा परिणाम भी घोषित किये जा चुके हैं। भाग 02 का परीक्षा परिणाम 100 प्रतिशत तथा भाग 03 का परीक्षाा परिणाम 95 प्रतिशत रहा। इस सप्ताह के अंत तक कुछ और परीक्षा परिणाम घोषित किये जाने का प्रयास विश्वविद्यालय प्रशासन कर रहा है।

