सीजी न्यूज आनलाईन डेस्क, 29 जनवरी। छत्तीसगढ़ गठन के बाद एनजीओ के रूप में पंजीकृत SHRC, शासन द्वारा हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर की बेहतरी को लेकर किया गया अनुबंध था जिसे चलाने के लिए शासन करोड़ों रुपए बजट देता रहा है लेकिन जिस तरह से एसएचआरसी का काम काज है, इस पर लगातार सवाल उठते रहे हैं। दबी जुबान लोगों से अक्सर सुना जाता रहा कि पूर्ववर्ती सरकार के कई आईएएस अधिकारियों का इसे संरक्षण रहा और अनुबंध समेत काम दिलाने की एवज में करोड़ों रुपए के वारे न्यारे होने के भी आरोप लगते रहे।
आपको बता दें कि पूर्व में भाजपा की सरकार ने इसे बंद करने का लगभग निर्णय ले लिया था लेकिन कांग्रेस शासन काल में एसएचआरसी नाम का यह एनजीओ खूब फला फूला और कांग्रेस शासन काल में इस एनजीओ को तगड़ा संरक्षण भी मिला। आइए आपको बताते हैं कि एमओयू बाद इस NGO को कौन से अधिकार मिले थे।
……संविदा भर्ती करने तक का दिया गया अधिकार
एसएचआरसी नाम के इस एनजीओ को संविदा भर्ती करने का अधिकार विभागीय अधिकारियों ने दे रखा है। एनजीओ संस्थान के संविदा भर्ती करने के अधिकार के लेकर भी कई बार सवाल उठे बावजूद अधिकारियों की सांठ गांठ पर इसे शासकीय भर्ती का भी अधिकार दे दिया गया नतीजतन शासकीय भर्ती की कई प्रक्रिया विवादों में रही।
…..75 हजार मितानिनों का जिम्मा एनजीओ को कैसे….❓
गौरतलब हो कि छत्तीसगढ़ में 75 हजार से भी अधिक मितानिन हैं। इनके प्रशिक्षण से लेकर कई तरह के अधिकार इस एनजीओ के पास हैं। मितानिन प्रशिक्षण के नाम पर भी कई तरह की अनियमितता को लेकर समय समय पर आपत्तियां आती रहीं लेकिन अधिकारियों ने इसकी कभी जांच ही नहीं कराई।
…..ऑडिट रिपोर्ट पर भी घालमेल की बदरी
स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार शासन द्वारा करोड़ों रुपए प्रोजेक्ट की एवज में इन्हें राशि दी जाती है। बाकायदा इसका प्रतिवर्ष ऑडिट होना है लेकिन एनजीओ में ऑडिट रिपोर्ट में भी घालमेल के आरोप लगे हैं। अब संज्ञान में लेकर स्वास्थ्य मंत्री ने इसके भी पूरे जांच के आदेश दिए हैं।
बगैर किराया दिया गया शासकीय भवन
विभागीय जानकारी के अनुसार एसएचआरसी एनजीओ रायपुर में कालीबाड़ी चौक के पास शासकीय भवन का उपयोग कार्यालय के लिए वर्षों से कर रहा है और भवन का किसी भी तरीके से किराए के रूप में भुगतान नहीं किया जा रहा है।
उपयोगिता की हो रही समीक्षा, जल्द लेंगे Action – स्वास्थ्य मंत्री
स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जयसवाल ने कहा कि एसएचआरसी संस्थान के कामकाज और इसकी उपयोगिता को लेकर समीक्षा करने के हमने निर्देश दिए हैं, इसे बंद करने पर विचार किया जा रहा है।
छत्तीसगढ़ सरकार के लिए सफेद हाथी साबित हो रहा SHRC 🟧 स्वास्थ्य मंत्री ने विभाग को रिपोर्ट तैयार करने दिए निर्देश 🟩 लगे अनेक बार आरोप लेकिन पूर्व सरकार ने नहीं कराई जांच

