शिवनाथ नदी उफान पर, खतरे के निशान से ढाई फीट ऊपर बह रहा पानी, एक दर्जन से ज्यादा गांव प्रभावित, बाढ़ में फंसे 100 लोगों को निकाला एसडीआरएफ ने, तीन सड़क मार्ग बंद

शिवनाथ नदी उफान पर, खतरे के निशान से ढाई फीट ऊपर बह रहा पानी, एक दर्जन से ज्यादा गांव प्रभावित, बाढ़ में फंसे 100 लोगों को निकाला एसडीआरएफ ने, तीन सड़क मार्ग बंद


दुर्ग 11 सितंबर । शिवनाथ नदी भारी बारिश के बाद उफान पर है। नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ढाई फीट ऊपर बह रहा है। नदी किनारे बसे दुर्ग जिले के करीब एक दर्जन से ज्यादा गांव में पानी भर गया है। एसडीआरएफ दुर्ग के द्वारा बाढ़ में फंसे 100 से ज्यादा लोगों को रेस्क्यू ऑपरेशन चला कर सुरक्षित बाहर निकल गया है। जबकि जलाशयों से पानी की आवक बंद हो चुकी है । जो राहत का संकेत है। जिसके कारण शाम तक नदी का जलस्तर कम होने की संभावना है।
आपको बता दें कि दुर्ग जिले में भारी वर्षा एवं 4 जलाशयों से लगातार पानी छोड़े जाने के बाद शिवनाथ नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर चल रहा है। कलेक्टर सुश्री ऋचा प्रकाश चौधरी ने सीजी न्यूज ऑनलाइन को बताया कि कल रात से ही राहत एवं बचाव के कार्य जारी हैं । शहरी क्षेत्र में नदी किनारे बसे 7 परिवारों को सामुदायिक भवन में सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दिया गया है और उन्हें शासन की ओर से ही पानी और भोजन की व्यवस्था दी जा रही है।
जल संसाधन विभाग के अधीक्षण अभियंता सुरेश कुमार पांडे ने बताया कि चार जलाशय में मोगरा, घुमरिया, सूखा नाला एवं खातूटोला से कल देर रात तक 2 लाख13 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा था। फिलहाल पूरा बंद कर दिया गया है। जिसके कारण अब बाढ़ का खतरा टल गया है। परंतु शिवनाथ नदी का जलस्तर अभी भी बड़ा हुआ है।

तीन सड़क मार्ग पर आवागमन किया गया बंद

कलेक्टर सुश्री ऋचा प्रकाश चौधरी ने बताया कि तीन स्थानों पर सड़क मार्ग बंद किया गया है। पुलगांव थाना क्षेत्र के सड़क मार्ग के ऊपर से पानी बहने के कारण आवागमन के लिए उसे बंद कर दिया गया है इसके अलावा धमधा में पल के ऊपर से पानी बहने के कारण सड़क मार्ग बंद किया गया है एवं पाटन में निपानी के पास सड़क मार्ग बंद किया गया है। देर शाम तक जलस्तर कम होने के बाद ही सभी मार्ग शुरू किए जाएंगे।

महमरा एनीकट से साढ़े 15 फीट ऊपर पानी

चारों जल सहयोग से पानी की आवक बंद होने के बावजूद महमरा एनीकट से साडे 15 फीट ऊपर पानी बह रहा है। परंतु शिवनाथ नदी के कैचमेंट एरिया से पानी के आने की आवक बनी हुई है। लेकिन देर शाम तक नदी का जल स्तर कम होने की संभावना है।

एक दर्जन से ज्यादा गांव में भरा पानी

दुर्ग जिले के ग्राम अछोटी, ग्राम थनोद, ग्राम मेडेसरा, धमधा के ग्राम सिल्ली, ग्राम हिर्री, ग्राम झेंझरी, ग्राम चांगोरी ग्राम छोटी ग्राम महमरा सहित अन्य गांव के निचले इलाकों में पानी घुस गया है जिसके कारण ग्रामीणों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं जिला प्रशासन के द्वारा राहत एवं बचाव के कार्य किया जा रहे हैं।

एसडीआरएफ दुर्ग की टीम ने बाढ़ में फंसे 100 को निकाल

एसडीआरएफ दुर्ग प्रभारी नागेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि ग्राम अछोटी कल रात को 19 लोगों को सुरक्षित बाहर निकल गया। ग्राम थनोद से 11 लोगों को, ग्राम मेडेसरा से चार लोगों को, धमधा के ग्राम सिल्ली से 18 लोगों को, ग्राम हिर्री दो लोगों को, ग्राम झेंझरी 12 लोगों को एसडीआरएफ की टीम ने सुरक्षित बाहर निकाल। अभी भी रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है जहां-जहां से लोगों के बाढ़ में फंसे होने की सूचना प्राप्त हो रही है वहां-वहां एसडीआरएफ की टीम पहुंचकर लोगों को सुरक्षित बाहर निकल रही है।