दुर्ग 13 सितंबर । विश्वविद्यालय के नए निर्माण अधीन भवन का निर्माण कार्य पूर्ण कर उसमें शिफ्टिंग कराना तथा विश्वविद्यालय में अध्ययनशाला (यूटीडी) आरंभ कराना मेरी प्रमुख प्राथमिकता है। ये उद्गार हेमचंद यादव विश्वविद्यालय दुर्ग की कुलपति, डाॅ. अरूणा पल्टा ने व्यक्त किये। डाॅ. पल्टा आज विश्वविद्यालय के कुलपति पद पर कार्यभार ग्रहण करने के 04 वर्ष पूर्ण होने पर अधिकारियों की बैठक में अपने विचार व्यक्त कर रही थीं। यह जानकारी देते हुए विश्वविद्यालय के अधिष्ठाता छात्र कल्याण, डाॅ. प्रशांत श्रीवास्तव ने बताया कि कुलपति, डाॅ. पल्टा ने अपने 04 वर्ष के कार्यकाल को संतोषप्रद बताते हुए कहा कि विश्वविद्यालय का प्रथम दीक्षांत समारोह कराने की उनकी प्रबल ईच्छा पिछले शैक्षणिक सत्र में पूर्ण हुई।
डाॅ. पल्टा ने कहा कि विगत 04 वर्षों में विश्वविद्यालय ने सफलता के अनेक सोपानों को पार किया है। अब तक विश्वविद्यालय में एक माह अवधि में 07 ऑनलाइन सर्टिफिकेट कोर्स संचालित हो चुके हैं। जिनमें लगभग 900 से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। डाॅ. पल्टा ने बताया कि 16 सितंबर से छत्तीसगढ़ की जनजातियों पर केंद्रित आठवां ऑनलाइन सर्टिफिकेट कोर्स आरंभ होने जा रहा है। हेमचंद यादव विश्वविद्यालय दुर्ग में विगत 04 वर्षों में अध्ययन एवं शोध की दृष्टि से 04 प्रमुख संस्थानों से एमओयू किये है। इनमें भारतीय कंपनी सेक्रेटरी संस्थान, नई दिल्ली, इन्फ्लिबनेट, गुजरात, छत्तीसगढ़ राज्य योजना आयोग, रायपुर तथा पं. रवि शंकर शुक्ल विश्वविद्यालय , रायपुर शामिल है।
विश्वविद्यालय में शोध गतिविधियों की चर्चा करते हुए डाॅ. पल्टा ने कहा कि इस समय विश्वविद्यालय में स्वर्गीय नरेन्द्र देव वर्मा शोधपीठ की स्थापना की घोषणा दीक्षांत समारोह के दौरान छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने की थी। इसका औपचारिक उद्घाटन अक्टूबर माह में होने की आशा है। वर्तमान में इस विश्वविद्यालय में 746 शोधार्थी पीएचडी हेतु अपना शोध कार्य लगभग 300 से अधिक शोध निर्देशकों के मार्गदर्शन में कर रहे है। विश्वविद्यालय प्रशासन अगामी दिसंबर माह में पीएचडी प्रवेष परीक्षा आयोजित करने का प्रयास कर रहा है।
डाॅ. पल्टा ने कहा कि लगभग 02 लाख से अधिक नियमित एवं स्वाध्यायी छात्र-छात्राओं वाले हेमचंद यादव विश्वविद्यालय दुर्ग के अंतर्गत 157 महाविद्यालय संचालित है। यह विश्वविद्यालय छत्तीसगढ़ का एक मात्र ऐसा विश्वविद्यालय है जहां नैक मूल्यांकन के पश्चात् सर्वाधिक महाविद्यालयों ने ए प्लस एवं ए ग्रेड तथा बी डबल प्लस ग्रेड प्राप्त किया है। सांस्कृतिक एवं खेल-कूद, एनएसएस तथा एनसीसी की उपलब्धियां का जिक्र करते हुए डाॅ. पल्टा ने कहा कि गत वर्ष 2022-23 में विश्वविद्यालय की युवा उत्सव टीम ने जोनल, राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रथम/द्वितीय स्थान प्राप्त कर विश्वविद्यालय का गौरव बढ़ाया है। खेल-कूद के क्षेत्र में अखिल भारतीय स्तर पर तथा खेलो इंडिया स्पर्धा में विश्वविद्यालय के खिलाड़ियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए ट्राफी प्राप्त की है। इन विजेता छात्र-छात्राओं को विश्वविद्यालय की ओर से नगद पुरस्कार प्रदान किये गये है।
अकादमिक क्षेत्र में विभिन्न पाठ्यक्रम में सर्वोच्च स्थान प्राप्त मेधावी विद्यार्थियों को 45 दान-दाताओं के सहयोग से प्रतिवर्ष स्वर्ण पदक प्रदान किये जा रहे है। विश्वविद्यालय में अपनाई जाने वाली बेस्ट प्रैक्टिसेस में भोजन अवकाश के दौरान प्रतिदिन देश भक्ति के गीतों का प्रसारण, विभिन्न पर्व जैसे- रक्षाबंधन, दीवाली, होली मिलन समारोह का आयोजन शामिल है। विश्वविद्यालय द्वारा विश्व महिला दिवस के अवसर पर विश्वविद्यालय में कार्यरत समस्त महिलाओं का सम्मान कर उन्हें उपहार प्रदान करने की परंपरा आरंभ की गई है।
भविष्य की योजनाओं पर चर्चा करते हुए डाॅ. अरूणा पल्टा ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन जिला प्रशासन दुर्ग के साथ मिलकर संयुक्त रूप से रायपुर स्थित नालंदा परिसर की तरह दुर्ग भिलाई में एक सर्व सुविधायुक्त ग्रंथालय की स्थापना हेतु प्रयासरत् है। विद्यार्थियों से संबद्ध सभी आवश्यकता है जैसे डिग्री, माइग्रेशन, पात्रता, प्रवेश एवं परीक्षा तथा नामांकन संबंधी ऑनलाइन आवेदन की सुविधा प्रदान की जा रही है। अंत में कुलपति, डाॅ. अरूणा पल्टा ने विगत 04 वर्षों में अभूतपूर्व सहयोग के लिए विश्वविद्यालय के अधिकारियों एवं कर्मचारयो, महाविद्यालयों के प्राचार्य एवं प्राध्यापक, विभिन्न छात्रसंगठन एवं छात्र-छात्राएं, उच्च शिक्षा विभाग, जिला प्रशासन पुलिस प्रशासन नगर निगम, तथा प्रिंट एवं इलेक्ट्राॅनिक मीडिया के समस्त प्रतिनिधियों को धन्यवाद दिया।

