Sharad Purnima 2026 : 25 या 26 अक्टूबर, धर्माचार्यों ने बताया कब मनाएं

Sharad Purnima 2026 : 25 या 26 अक्टूबर, धर्माचार्यों ने बताया कब मनाएं


Sharad Purnima 2026 : गोस्वामी तुलसीदास की श्रीरामचरितमानस की प्रसिद्ध चौपाई है:

बरषा बिगत सरद रितु आई। लछमन देखहु परम सुहाई॥
फूलें कास सकल महि छाई। जनु बरषाँ कृत प्रगट बुढ़ाई॥॥

इसका भावार्थ है: हे लक्ष्मण! देखो, वर्षा बीत गई और परम सुंदर शरद् ऋतु आ गई। फूले हुए कास से सारी पृथ्वी छा गई। मानो वर्षा ऋतु ने (कास रूपी सफेद बालों के रूप में) अपना बुढ़ापा प्रकट किया है।

आगे की अनेक चौपाइयों में भी शरद ऋतु का वर्णन किया गया है। इस ऋतु में सुबह, शाम और रात्रि में हल्की सर्दी का अहसास होने लगता है। मौसम बहुत सुहाना हो जाता है। इसी शरद ऋतु का अब सबसे श्रेष्ठ दिन पूर्णिमा तिथि के रूप में आ रहा है जिसे शरद पूर्णिमा ही कहते हैं। इसका बहुत धार्मिक महत्व है। हालांकि इस बार शरद पूर्णिमा की तिथि को लेकर भ्रम है।

मान्यता है कि पूर्णिमा की रात को चंद्रमा अपनी सोलह कलाओं से युक्त रहता है। शरद पूर्णिमा की रात चंद्रदेव अमृत वर्षा करते हैं। यही कारण है कि इस रात को चांदनी में खीर रखी जाती है जिसका सेवन सुबह प्रसाद के रूप में किया जाता है। शरद पूर्णिमा पर खुले आसमान में चंद्रमा की चांदनी में खीर रखने से उसमें अमृत जैसे गुण आ जाते हैं।

शरद पूर्णिमा से जुड़ी मान्यताएं

ज्योतिषाचार्य पंडित सोमेश परसाई बताते हैं कि शरद पूर्णिमा पर मां लक्ष्मी की पूजा का विशेष महत्व है। मान्यता है कि इस रात लक्ष्मीजी धरती पर आती हैं और जो जागता दिखता है उसे अपने आशीर्वाद के रूप में धन लाभ कराती हैं। इसलिए शरद पूर्णिमा को कोजागरी पूर्णिमा भी कहा जाता है। मां लक्ष्मी के साथ ही यह दिन भगवान कृष्ण की आराधना के लिए भी समर्पित किया गया है।

तिथि पर असमंजस लेकिन निकाला निदान


इस बार शरद पूर्णिमा की तिथि पर असमंजस है। 25 और 26 ​अक्टूबर दोनों दिन पूर्णिमा​ तिथि है। हालांकि अधिकांश ज्योतिषाचार्य और धर्माचार्यों के अनुसार 2026 में शरद पूर्णिमा रविवार यानि 25 अक्टूबर को मनाना ही उचित होगा। इस दिन सर्वार्थ सिद्धि योग भी रहेगा। पंचांग के अनुसार 25 अक्टूबर को शाम 7:22 बजे से सर्वार्थ सिद्धि योग प्रारंभ होगा जोकि 26 अक्टूबर को सुबह 6:29 बजे तक रहेगा।

शरद पूर्णिमा : प्रमुख तथ्य


पूर्णिमा तिथि प्रारंभ होगी: 25 अक्टूबर को सुबह 11:55 बजे
पूर्णिमा तिथि समाप्त होगी: 26 अक्टूबर को सुबह 09:41 बजे
चंद्रोदय : शाम 05:00 बजे
कोजागरी पूजा / निशिता काल: रात 11:40 बजे से 12:31 बजे तक