🔴फर्जी HCL ई-मेल और एग्रीमेंट से बनाया भरोसा
भिलाईनगर, 13 सितंबर 2026। अंडा थाना क्षेत्र के शैलदेवी महाविद्यालय में ऑनलाइन एग्जाम सेंटर शुरू कराने और उसके लिए उपकरण उपलब्ध कराने के नाम पर 12 लाख 39 हजार 483 रुपये की साइबर ठगी का मामला सामने आया है। आरोपियों ने कथित तौर पर HCL Technology के नाम से ई-मेल भेजकर कॉलेज प्रबंधन को ऑनलाइन परीक्षा केंद्र का प्रस्ताव दिया और इसके बाद उपकरण, डीजी सेट, ट्रांसपोर्टेशन तथा इंश्योरेंस के नाम पर अलग-अलग किश्तों में रकम जमा कराई।
महाविद्यालय के अध्यक्ष राजन कुमार दुबे (54) की शिकायत पर नेवई पुलिस ने मोबाइल नंबर के धारक और तथाकथित वेदांत कपूर नामक व्यक्ति के खिलाफ अपराध क्रमांक 0600/2026, धारा 318(4) बीएनएस के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।
HCL के नाम से आया था ई-मेल
शिकायत के अनुसार, 12 अप्रैल 2025 को महाविद्यालय के आधिकारिक ई-मेल पर HCL Technology के एग्जामिनेशन सेंटर डिपार्टमेंट के नाम से ऑनलाइन एग्जाम सेंटर शुरू करने का प्रस्ताव भेजा गया। इसमें वेदांत कपूर नामक व्यक्ति का मोबाइल नंबर दिया गया था। इसके बाद 17 अप्रैल को कथित तौर पर एग्रीमेंट फॉर्म भेजा गया।
18 अप्रैल को कॉलेज में बुल आई कंपनी से होने का दावा करने वाला एक व्यक्ति पहुंचा। उसने अपना नाम ए.के. साहू बताया और कॉलेज भवन का निरीक्षण कर फोटो लिए। इसके बाद 1 मई को HCL Technology के साथ जूम मीटिंग हुई। 5 मई को कथित HCL Technology की ओर से Non Disclosure Agreement और Partnership Agreement ई-मेल के माध्यम से भेजा गया, जिसे कॉलेज ने 8 मई को साइन कर वापस भेज दिया।
उपकरण और डीजी सेट के नाम पर जमा कराई रकम
इसके बाद 19 मई को कथित HCL Examination Centre की ओर से 5 लाख 98 हजार 743 रुपये का उपकरण कोटेशन भेजा गया। कॉलेज ने 21 मई को बताई गई फर्म SASTHI ENTERPRISE के बैंक खाते में RTGS के माध्यम से रकम जमा कर दी।
इसके बाद 23 मई को 58.5 KVA DG Set के लिए 3 लाख 42 हजार 200 रुपये की मांग की गई। कॉलेज ने यह रकम भी 26 मई को RTGS के जरिए जमा कर दी।
11 जून को डिस्पैचमेंट और इंश्योरेंस के नाम पर फिर रकम मांगी गई। इसमें ट्रांसपोर्टेशन के लिए 1 लाख 35 हजार 700 रुपये और इंश्योरेंस के लिए 1 लाख 62 हजार 840 रुपये बताए गए। कॉलेज ने दोनों रकम 13 जून को RTGS के माध्यम से भेज दी।
इस तरह कॉलेज से कुल 12,39,483 रुपये अलग-अलग मदों में जमा कराए गए।
15 जून के बाद मोबाइल बंद, ई-मेल का जवाब भी बंद
शिकायत के मुताबिक, पूरे घटनाक्रम के दौरान कॉलेज प्रबंधन वेदांत कपूर नामक व्यक्ति से दिए गए मोबाइल नंबर पर लगातार संपर्क में था। लेकिन 15 जून 2025 के बाद मोबाइल नंबर बंद हो गया और कथित ई-मेल आईडी पर भी कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद कॉलेज प्रबंधन को अपने साथ धोखाधड़ी होने का संदेह हुआ।
मामले में साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत भी दर्ज कराई गई। शिकायतकर्ता ने पुलिस को कथित ई-मेल, बातचीत और भुगतान से जुड़े दस्तावेजों सहित उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की मांग की है।
नेवई पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर ठगी में इस्तेमाल मोबाइल नंबर के धारक तथा वेदांत कपूर नाम से सामने आए व्यक्ति की पहचान और पूरे नेटवर्क की जांच शुरू कर दी है।

