🔴”सेक्टर-9 अस्पताल के निजीकरण के खिलाफ संयुक्त ट्रेड यूनियन की मुहिम
भिलाईनगर, 08 जुलाई 2026। सेक्टर-9 स्थित जवाहरलाल नेहरू चिकित्सालय एवं अनुसंधान केंद्र के प्रस्तावित निजीकरण के विरोध में संयुक्त ट्रेड यूनियन ने अपना आंदोलन तेज कर दिया है। 14 जुलाई को प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन के मद्देनजर बुधवार को कोकोवन विभाग में जागरूकता अभियान चलाकर कर्मचारियों के बीच पर्चे वितरित किए गए।
संयुक्त ट्रेड यूनियन ने आरोप लगाया कि सेक्टर-9 अस्पताल केवल एक अस्पताल नहीं, बल्कि लगभग 64 एकड़ में फैली करोड़ों रुपये मूल्य की राष्ट्रीय संपत्ति है, जिसे सार्वजनिक धन और कर्मचारियों के योगदान से विकसित किया गया है। यूनियन का कहना है कि इस अमूल्य सार्वजनिक संपत्ति को निजी हाथों में सौंपने की किसी भी कोशिश का पुरजोर विरोध किया जाएगा।
यूनियन नेताओं ने कहा कि बीते वर्षों में अस्पताल के आधुनिकीकरण पर करोड़ों रुपये खर्च किए गए। नई इमारतों का निर्माण, अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरण, दवा भंडारण व्यवस्था, मरीजों के लिए परिवहन सुविधा और अन्य आधारभूत ढांचे का विकास सार्वजनिक धन से किया गया। ऐसे में यदि अस्पताल को निजी हाथों में ही सौंपना था तो इस भारी निवेश का औचित्य क्या है। उनका आरोप है कि सार्वजनिक धन से अस्पताल को मजबूत कर अब उसका लाभ निजी कंपनियों को देने की तैयारी की जा रही है।
संयुक्त ट्रेड यूनियन ने कहा कि यह संघर्ष केवल अस्पताल बचाने का नहीं, बल्कि सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था और जनता के अधिकारों की रक्षा का आंदोलन है। यदि सेक्टर-9 अस्पताल का निजीकरण होता है तो भविष्य में अन्य सार्वजनिक संस्थानों पर भी इसी तरह का खतरा मंडरा सकता है।
यूनियन ने यह भी कहा कि अस्पताल में संचालित दो जनऔषधि केंद्र, कम लागत पर दवा उपलब्ध कराने की व्यवस्था और मरीजों के लिए विकसित परिवहन सुविधाएं इस बात का प्रमाण हैं कि यह अस्पताल जनसेवा का मजबूत केंद्र है। ऐसे संस्थान का निजीकरण गरीब, श्रमिक, सेवानिवृत्त कर्मचारियों और आम नागरिकों के हितों के खिलाफ होगा।
संयुक्त ट्रेड यूनियन ने कर्मचारियों, सेवानिवृत्त कर्मियों और आम नागरिकों से 14 जुलाई को होने वाले विरोध प्रदर्शन में बड़ी संख्या में शामिल होकर सार्वजनिक संपत्ति और स्वास्थ्य सेवाओं की रक्षा के लिए एकजुट होने की अपील की है।

