महादेव ऐप का कथित मास्टरमाइंड सौरभ चंद्राकर ओमान से भारत लाया गया, CBI ने किया गिरफ्तार

महादेव ऐप का कथित मास्टरमाइंड सौरभ चंद्राकर ओमान से भारत लाया गया, CBI ने किया गिरफ्तार


🛑CBI की विशेष टीम ने ओमान जाकर कराया प्रत्यर्पण, रायपुर की विशेष अदालत में होगी पेशी; छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित ऑनलाइन सट्टेबाजी मामले में बड़ी कार्रवाई

सीजी न्यूज ऑनलाइन, 01 नवंबर 2026। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को बड़ी सफलता मिली है। महादेव ऐप के प्रमोटर और कथित मास्टरमाइंड सौरभ चंद्राकर को ओमान से प्रत्यर्पित कर भारत लाया गया है। CBI की विशेष टीम उसे लेने के लिए ओमान पहुंची थी और आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने के बाद भारत लेकर आई। भारत पहुंचने पर CBI ने उसे औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया।

इस कार्रवाई को विदेश में रहकर संचालित किए जा रहे अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी नेटवर्क के खिलाफ बड़ी सफलता माना जा रहा है। सौरभ चंद्राकर को अब रायपुर स्थित CBI की विशेष अदालत में पेश किया जाएगा। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, उसे सोमवार को विशेष न्यायाधीश के समक्ष पेश किए जाने की तैयारी है।

6000 करोड़ रुपये के कथित सट्टेबाजी नेटवर्क से जुड़ा मामला

जांच एजेंसियों के अनुसार, सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल महादेव ऑनलाइन बुक सट्टेबाजी नेटवर्क के प्रमुख प्रमोटर रहे हैं। इस नेटवर्क के माध्यम से क्रिकेट, फुटबॉल सहित विभिन्न खेलों और ऑनलाइन गतिविधियों पर अवैध सट्टेबाजी संचालित किए जाने के आरोप हैं। जांच में देशभर में फैले पैनल और ब्रांच के नेटवर्क का भी खुलासा हुआ है।

आरोप है कि सट्टेबाजी से प्राप्त रकम को विभिन्न बैंक खातों और हवाला नेटवर्क के माध्यम से इधर-उधर किया जाता था तथा विदेशों तक पहुंचाया जाता था। इस पूरे नेटवर्क से जुड़े मामले में हजारों करोड़ रुपये के कथित वित्तीय लेन-देन की जांच की जा रही है।

CBI और ED के मामलों में वांछित था चंद्राकर

सौरभ चंद्राकर CBI के दो मामलों में वांछित था, जिनमें पहले ही आरोपपत्र दाखिल किए जा चुके हैं। इसके अलावा प्रवर्तन निदेशालय (ED) के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में भी उसके खिलाफ अभियोजन शिकायत दाखिल की जा चुकी है। जांच एजेंसियों ने इस मामले में भारत और विदेशों में कई संपत्तियों को भी अटैच किया है।

महादेव ऐप मामले की जांच छत्तीसगढ़ सरकार के अनुरोध पर CBI ने अपने हाथ में ली थी। अब सौरभ चंद्राकर की भारत वापसी के बाद जांच एजेंसियां उससे पूछताछ कर नेटवर्क के संचालन, वित्तीय लेन-देन और अन्य आरोपियों की भूमिका से जुड़े तथ्यों की पड़ताल करेंगी।