BSNL से नाराज SAIL अधिकारी, वैकल्पिक मोबाइल सेवा पर मंथन तेज

BSNL से नाराज SAIL अधिकारी, वैकल्पिक मोबाइल सेवा पर मंथन तेज


सीजी न्यूज ऑनलाइन 28 नवंबर। SAIL: सेल और बीएसएनएल के बीच सीयूजी एग्रीमेंट समाप्त होने की कगार पर है, क्योंकि दोनों कंपनियों में सहमति नहीं बन पा रही है। इस समझौते के खत्म होने से सेल कर्मचारियों की संचार व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। सेल प्रबंधन अब अन्य दूरसंचार कंपनियों के साथ समझौता करने पर विचार कर रहा है ताकि कर्मचारियों को निर्बाध संचार सेवा मिलती रहे। सेफी अध्यक्ष नरेंद्र कुमार बंछोर की मांग पर सभी यूनिट को सेल प्रबंधन की ओर से बेटर ऑपरेटर के लिए पत्र जारी कर दिया गया है।

स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (SAIL) और भारत संचार निगम लिमिटेड (BSNL) के बीच वर्षों से चल रही साझेदारी समाप्त हो सकती है। हालांकि नेटवर्क की समस्या के कारण सेल कॉरपोरेट ऑफिस में बीएसएनल को बदलकर नए ऑपरेटर की सेवाएं ली जा रही है। भिलाई इस्पात संयंत्र (BSP) सहित सेल की कई इकाइयों में लंबे समय से मोबाइल नेटवर्क की गंभीर समस्या बनी हुई है। इसी कारण अक्टूबर महीने में सेल प्रबंधन के साथ हुई बैठक में सेफी की ओर से ऑपरेटर बदलने की मांग की गई थी।

नेटवर्क के अभाव ने अधिकारियों की विभागीय कार्यप्रणाली को प्रभावित कर दिया है। स्थिति यह है कि ड्यूटी के दौरान अधिकारी एक-दूसरे से समय पर संवाद नहीं कर पा रहे हैं। महत्वपूर्ण संदेश और निर्देश व्हाट्सऐप व अन्य माध्यमों से भेजना भी मुश्किल हो गया है, जिससे कार्यों में विलंब और भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो रही है।

सेफी चेयरमैन नरेंद्र कुमार बंछोर ने ‘ CG NEWS ONLINE ‘ से चर्चा के दौरान बताया कि जिन इकाइयों में बीएसएनएल सेवा बेहतर नहीं है, वहां अब दूसरे मोबाइल कंपनियों के नेटवर्क उपलब्ध कराए जाएंगे ताकि अधिकारियों के संचार तंत्र को मजबूत किया जा सके। हालांकि जिन क्षेत्रों में बीएसएनएल का नेटवर्क सुचारू है, वहां फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया जाएगा।

बीएसएनएल और सेल के बीच चल रही इस व्यवस्था में परिवर्तन का सुझाव स्टील एग्जीक्यूटिव फेडरेशन ऑफ इंडिया (सेफी) की ओर से गत माह दिया गया था।

संगठन ने सेल अध्यक्ष को प्रस्ताव सौंपकर कहा था कि अधिकारी कार्य संबंधी संचार में लगातार समस्याओं का सामना कर रहे हैं, इसलिए नेटवर्क कमजोर होने वाले क्षेत्रों में वैकल्पिक सेवा प्रदाताओं को शामिल किया जाना चाहिए। इस प्रस्ताव पर अब विचार मंथन तेज हो गया है।

काल ड्रापिंग की समस्या बरकरार

दुर्ग में भी बीएसएनएल ने 4जी सेवा तो शुरू कर दी है, लेकिन कॉल ड्रॉपिंग अब भी बड़ी समस्या बनी हुई है, खासकर जब दूसरे नेटवर्क पर कॉल किया जाता है। नेटवर्क की यह अस्थिरता बीएसएल और सेल के लिए और अधिक चुनौतीपूर्ण बन गई है।

सेल प्रबंधन और अधिकारी दोनों का मानना है कि यदि नेटवर्क समस्या का समाधान समय पर नहीं हुआ तो वैकल्पिक मोबाइल सेवा प्रदाताओं की ओर रुख करना अनिवार्य हो जाएगा।

मोबाइल नंबर यथावत रहे

स्थान परिस्थितियों को देखते हुए अलग-अलग ऑपरेटर के नेटवर्क की समस्याएं बनी हुई है प्राथमिकता यह होगी कि जो अच्छा ऑपरेटर हो उसकी सेवाएं ली जा सकती है सेफी अध्यक्ष नरेंद्र कुमार बंछोर ने बताया कि जिस ऑपरेटर का स्थानीय स्तर पर अच्छा नेटवर्क हो उसकी सर्विस ली जा सकती है। केवल एक ऑपरेटर की व्यवस्था नहीं हो पाएगी जिसे कॉरपोरेट ऑफिस में स्वीकार किया है इसलिए स्थानीय स्तर पर सभी ऑफिसर एवं कर्मी व्यक्तिगत सेवाएं प्राप्त कर सकते हैं।

पोर्टेबिलिटी सुविधा भी हो सकती है विकल्प

सेल प्रबंधन की ओर से जारी पत्र में नंबर सुरक्षित रखना कहां गया है तब इन परिस्थितियों में प्रत्येक अधिकारी एवं कर्मचारी पोर्टेबिलिटी सुविधा का फायदा उठा सकता है। जिसके तहत मोबाइल का नंबर बदले बिना ही बेटर ऑप्शन का चयन किया जा सकता है।

बीएसपी में बीएसएनएल के साथ सर्विसेज अप्रैल में हुई रिनिवल

भिलाई इस्पात संयंत्र प्रबंधन एवं बीएसएनल के मध्य मोबाइल सर्विसेस को लेकर अप्रैल महीने में एग्रीमेंट रिनिवल किया गया है। फिलहाल लगभग 7000 सिम बीएसएनल के भिलाई इस्पात संयंत्र प्रबंधन द्वारा उसे किया जा रहे हैं। श्री बंछोर ने कहा कि कॉल ड्रॉपिंग की समस्या को लेकर के बीएसएनल से चर्चा की जाएगी। इसके बाद भी बीएसएनएल के द्वारा दी जा रही सेवाओं में सुधार नहीं किया जाता है तो विकल्प का चयन जरूर किया जाएगा।

बीएसएल के खराब मोबाइल नेटवर्क के कारण कई प्रकार की विभागीय समस्या का सामना करना पड़ रहा है। इस संबंध में सेल प्रबंधन से मांग की गई थी कि जिन इकाइयों में बीएसएनएल का नेटवर्क बेहतर नहीं है, वहां दूसरे मोबाइल कंपनी की सेवा बहाल की जाए। सेफी की मांग पर सेल प्रबंधन के द्वारा सभी यूनिट को पत्र भेजा गया है स्थानीय स्तर पर जिस ऑपरेटर का नेटवर्क अच्छा है सुविधाजनक हो उसकी सेवाएं ली जा सकती है बटर ऑपरेटर का चयन किया जा सकता है- नरेंद्र कुमार बंछोर चेयरमैन, सेफी