यूनियन के एकमत नहीं होने से सेल प्रबंधन ने उठाया लाभ, आज की बैठक बेनतीजा हुई समाप्त, कोर ग्रुप में तय होगा वेतन समझौता

यूनियन के एकमत नहीं होने से सेल प्रबंधन ने उठाया लाभ, आज की बैठक बेनतीजा हुई समाप्त, कोर ग्रुप में तय होगा वेतन समझौता


यूनियन के एकमत नहीं होने से सेल प्रबंधन ने उठाया लाभ, आज की बैठक बेनतीजा हुई समाप्त, कोर ग्रुप में तय होगा वेतन समझौता

भिलाई नगर 7 सितंबर । वेतन समझौते को लेकर आज चली मैराथन बैठक में भी निर्णय नहीं हो सका। सेल प्रबंधन की ओर से पर्क्स पर 2% की वृद्धि करते हुए 20% का प्रस्ताव दिया गया था । चार यूनियन 30 % पर अडिग थी जबकि इंटक की ओर से 25% की बात रखी गई थी। प्रबंधन के द्वारा यूनियन का एकमत नहीं होने के कारण लाभ उठाते हुए कोर ग्रुप की बैठक में तय कर लेने की बात की गई ।

सेल कर्मियों के वेतन समझौते को लेकर आज सुबह 11:30 बजे बैठक प्रारंभ हुई। सेल प्रबंधन ने पहले यूनियनों से अपनी बात रखने का आग्रह किया। तपन सेन ने आग्रह किया कि पहले प्रबंधन कल की बैठक  के निष्कर्ष को प्रस्तुत करें । प्रबंधन ने प्रस्तुति देते हुए अपने प्रस्तावों को सही ठहराते हुए DPE के दिशानिर्देशों को दोहराया। प्रबंधन ने कहा कि अधिकारियों के समकक्ष 35% पर्क्स, कर्मियों के लिए 17.5% बनता है। अधिकारियों के मूल वेतन का आधार 31दिस. 2006 है, जबकि कर्मियों के मूल वेतन का आधार 31 दिसंबर 2011 है। प्रबंधन की ओर से के,के, सिंह अधिशासी निदेशक कार्मिक एवं प्रशासन ने प्रस्ताव रखा । इंटक के संजीवा रेड्डी  ने कहा कि, कंपनी अगर लाभ में है, विकास पर है तो कर्मियों की भी चाहत है कि लाभ में हमारी भी कुछ हिस्सेदारी हो, उसमें कुछ गलत नहीं है। हम तो 25% पर्क्स मान सकते हैं, पर अन्य यूनियनों के हमारे साथी 33% से कम स्वीकार नहीं कर सकते हैं। सीटू से .तपन सेन ने कहा कि पिछले बैठक में  बता दिया था कि हमारा रुख अड़ियल नहीं है, इसलिए पिछली बैठक में सभी यूनियनों ने  मिलकर  35% पर्क्स की माँग से उतरकर 33% पर्क्स की मांग रखी, किन्तु यदि प्रबंधन अपने प्रस्ताव से आगे बढ़कर सम्मान जनक स्तर पर नहीं पहुंचेगा तो समझौता कैसे होगा? सीटू की ओर से जोर दिया गया कि ठेका श्रमिकों का वेतन समझौता और अन्य लंबित मुद्दों पर फैसला  होना चाहिए। अंतराल के पश्चात शुरू हुई बैठक में तपन सेन ने कहा कि बहुमत 33% पर है, श्री रेड्डी  ने कहा कि सही या ग़लत हम ने 25% इसलिए कहा था, क्योंकि इतनी बड़ी अवधि से वेतन समझौता लंबित होने के कारण प्रस्ताव दिया था। इससे ऊपर भी हो सकता है, इससे  एक-दो प्रतिशत भी हो सकता है। एटक एवं बीएमएस ने  30% पर सहमति दी।

निदेशक वित्त सेल अमित सेन ने कहा कि ‘सेल’ पर पहले ही 12 हजार करोड़ ऋण है, ऐसे में ‘सेल’ ऐसे में सरवाइव करना  मुश्किल है। अतः इसमें ज्यादा से ज्यादा एक-दो प्रतिशत की वृद्धि की जा सकती है। इसके साथ ही हम डेंजर जोन में प्रवेश कर जायेंगे और कभी भी ‘सेल’ का विनिवेश / निजीकरण हो सकता है। भोजन अवकाश के पश्चात शुरू हुई बैठक में प्रबंधन की ओर से 20% का प्रस्ताव दिया गया । परंतु चार यूनियन 30% के प्रस्ताव पर अड़े रहे। जबकि इंटके की ओर से 25% पर सहमति प्रदान की गई थी यूनियन के एकमत नहीं होने पर मैनेजमेंट ने फायदा उठाकर यूनियन को ही एकमत होने की सलाह दे दी।