एनजेसीएस में गैर निर्वाचित सदस्यो के कारण सेल कर्मचारियों को हो रहा नुकसान, इस्पात सचिव करें सुधार — बीएकेएस

एनजेसीएस में गैर निर्वाचित सदस्यो के कारण सेल कर्मचारियों को हो रहा नुकसान, इस्पात सचिव करें सुधार — बीएकेएस



भिलाई नगर 26 अगस्त। बीएसपी अनाधिशासी कर्मचारी संघ ने इस्पात सचिव को पुनः पत्र भेजकर , एनजेसीएस की कार्यप्रणाली में सुधार कराने का मांग किया है ।
एनजेसीएस में गैर निर्वाचित नेताओं की काफी अधिक संख्या होने के कारण, वर्तमान मे अधिकतर निर्णय कर्मचारियो के विरुद्ध हो रहे है । कर्मचारी विरोधी निर्णय तथा अधिकतर निर्णय मे काफी विलंब होने का कारण , कर्मचारियों को काफी अधिक आर्थिक, मानसिक तथा समाजिक नुकसान हो रहा है । उदाहरण का तौर पर वेज रीविजन 2017 को अभी तक अंतीम रुप नही दिया गया है । जबकि पुरी वेज रीविजन प्रक्रिया भी काफी विवादास्पद तरिके से निपटाई गई है । वही बोनस, रात्री पाली भत्ता तथा पे स्केल जैसे मुद्दे भी एनजेसीएस संविधान का विरुद्ध किए गए है

एनजेसीएस में व्याप्त खामियाँ
1 . NJCS को रजिस्टर्ड संस्था , कमेटी नही बनाना ।
2) एनजेसीएस मे 80% यूनियन नेता गैर निर्वाचित , एनजेसीएस मे 25 यूनियन नेताओं में से 20 यूनियन नेता , गैर निर्वाचित है ।
3) बगैर सदस्यता सत्यापन किए ही 5 यूनियनों के 15 नॉमिनेटेड लीडरो को दिया गया स्थान ।
4) एनजेसीएस मे सेल की सभी यूनिट जैसे चासनाला कोलियरी, किरीबूरी माईंस, मेघाताबुरु माईंस , गुआ माईंस, सेल रिफैक्ट्री यूनिट, दल्ली , राजहरा माईंस, कोटेश्वर लाईम स्टोन माईंस , सेंट्रल मार्केटिंग ऑर्गेनाइजेशन , सेल कारपोरेट कार्यालय , सेल की राँची यूनिट कार्यालय से रिकॉगनाईज्ड यूनियनो को जगह नही ।
6) सेल की कई यूनिटो मे वर्षो से रिकॉगनाईज्ड यूनियन का चुनाव नही होना तथा वर्षो से एक खास यूनियन के जैसे बोकारो, बर्नपुर , एएसपी दुर्गापुर , सीएफपी बर्नपुर मे ईंटक से जुड़े युनियनो तथा नेता को वर्षो से रिकॉगनाईज्ड यूनियन और नेता का लाभ देना ।
7) सेल अधिकारी वर्ग के संगठन “सेफी” तथा कोल इंडिया की बाई पार्टी कमेटी “JBCCI ” के तुलना में काफी खराब लोकतांत्रिक स्थिति ।

8) एनजेसीएस मिटिंग का कैलेण्डर नही होना तथा मिटिंग से पहले एजेंडा नही देना ।
9) एनजेसीएस को सूचना के अधिकार अधिनियम के दायरे मे नही रखना ।
10) एनजेसीएस मे वेलफेयर , मानकीकरण कमेटी नही होना ।

एनजेसीएस तथा सेल प्रबंधन द्वारा लिए जाने वाले कर्मचारी विरोधी फैसले की सूची —
1 . डीग्रेडेशन — 2008 से मैनपावर कॉस्ट कटौती का शिकार बनाए गए डिप्लोमा शैक्षणिक योग्यता वाले कर्मचारियो को S6 ग्रेड की जगह S3 ग्रेड में नियुक्त किया जा रहा है तो वही आईटीआई शैक्षणिक योग्यता वाले कर्मचारियों को S3 ग्रेड की जगह S1 ग्रेड में नियुक्त किया जा रहा है ।
इसके विपरित अधिकारी ग्रेड मे नियूक्ति ग्रेड को अपग्रेड कर प्रशिक्षण का बाद सीधे E2 ग्रेड मे नियुक्त किया जा रहा है ।
2 . वेज रीविजन मे धांधली तथा देरी — प्रत्येक वेज रीविजन को पुरा करने के लिए 2—7 साल तक देरी किया जा रहा है । एरियर का ब्याज , भत्तो को लागु करने की तिथि मेँ ही सेल प्रबंधन को हजारो करोड़ का फायदा दिलाया जा रहा है ।
3 . नन स्टैचुअरी सुविधाओं को बंद करना तथा रिवाईज्ड नही करना ।
4 . मनमाने तरिके से पदनाम को लागु करना ।
5 . स्थानीय सुविधाओं को बेहतर नही करवाना ।
6 . पदनाम को महारत्ना कंपनियों के तर्ज पर लागु नही करवाना ।
7 . सेल प्रबंधन द्वारा बोकारो, भिलाई तथा सेल कारपोरेट कार्यालय के कर्मचारियों पर किए गए डंडात्मक कारवाई को वापस नही करवाना ।
यूनियन ने अपने पत्र में माँग किया है कि एनजेसीएस मे केवल निर्वाचित नेताओं को ही सदस्य बनाया जाय ।

अभिषेक सिंह , महासचिव , बीएकेएस भिलाई ने कहा कि देश की संसद, राज्यों के विधानसभा, विधान परिषद, स्थानिय निकायों के अभी तक के सभी छोटे बड़े प्रतिनिधि , निर्वाचित होते है । परंतु एनजेसीएस एक ऐसी संस्था है जिसके प्रतिनिधि 94 ,90 ,72 साल तक के है तथा आश्चर्यजनक रुप से कई प्रतिनिधि एक दशक से अपने पद पर है । एक प्रतिनिधि तो अपने पुत्र को भी एनजेसीएस में प्रतिनिधि बना दिए है ।