राजस्व निरीक्षक विभागीय परीक्षा 2024 पेपर लीक मामला 3000 पृष्ठों का चालान पेश

राजस्व निरीक्षक विभागीय परीक्षा 2024 पेपर लीक मामला 3000 पृष्ठों का चालान पेश


सीजी न्यूज ऑनलाइन 18 फरवरी 2026। राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण एवं एंटी करप्शन ब्यूरो ने राजस्व निरीक्षक विभागीय परीक्षा 2024 के पेपर लीक प्रकरण में बड़ी कार्रवाई करते हुए 3000 पृष्ठों का प्रथम चालान माननीय न्यायालय में प्रस्तुत किया है। अपराध क्रमांक 64/2025 में आरोपी विरेन्द्र जाटव एवं हेमंत कुमार कौशिक के विरुद्ध 17 फरवरी 2026 को चालान दाखिल किया गया।

मामला धारा 420, 467, 468, 471, 120-बी भारतीय दंड संहिता एवं भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (संशोधित 2018) की धारा 7(सी) के अंतर्गत दर्ज है।

परीक्षा से पूर्व ही लीक हुआ प्रश्नपत्र

विवेचना में पाया गया कि राजस्व निरीक्षक विभागीय परीक्षा 07 जनवरी 2024 को आयोजित होना थी। आरोपी विरेन्द्र जाटव, जो सहायक सांख्यिकी अधिकारी के पद पर पदस्थ था, ने वरिष्ठ अधिकारी के आवास पर प्रश्नपत्र टाइप किया। परीक्षा आयोजन से पूर्व ही आरोपियों ने प्रश्नपत्र लीक कर चुनिंदा अभ्यर्थियों को रकम के बदले अनधिकृत प्रतियां उपलब्ध कराईं।

100 से अधिक अभ्यर्थियों तक पहुंचा पेपर

जांच में पुष्टि हुई है कि 100 से अधिक अभ्यर्थियों को प्रश्नपत्र उपलब्ध कराया गया। डिजिटल साक्ष्यों से यह स्पष्ट हुआ कि विभिन्न माध्यमों से पटवारी अभ्यर्थियों तक प्रश्नपत्र पहुंचाया गया और बदले में राशि प्राप्त की गई।

होटल, फार्म हाउस और रिजॉर्ट में कराई गई तैयारी

विवेचना में सामने आया कि अलग-अलग जिलों के अभ्यर्थियों को रायपुर में विभिन्न होटलों, फार्म हाउस एवं रिजॉर्ट में ठहराया गया। वहां आरोपियों द्वारा प्रश्न पढ़कर नोट कराए गए। परीक्षा से पूर्व लिखे गए प्रश्नों को साक्ष्य नष्ट करने के उद्देश्य से जलाने के निर्देश भी दिए गए। इस पूरी प्रक्रिया में आरोपियों ने अपने रिश्तेदारों का भी उपयोग किया, जो अभ्यर्थियों को प्रश्न नोट कराने में शामिल रहे।

सीडीआर और उत्तर पुस्तिकाओं से खुलासा

सीडीआर विश्लेषण में पाया गया कि परीक्षा की पूर्व रात्रि 06 जनवरी 2024 को कई अभ्यर्थियों और आरोपियों की लोकेशन एक ही स्थान पर थी। टावर लोकेशन से यह भी पुष्टि हुई कि आरोपी अलग-अलग स्थानों पर जाकर प्रश्न सामग्री उपलब्ध करा रहे थे।
इसके अतिरिक्त, एक साथ ठहरे अभ्यर्थियों के अंकों और उत्तर पैटर्न में उल्लेखनीय समानता पाई गई, जिससे एक समान उत्तर-कुंजी के आधार पर तैयारी के संकेत मिले।

जांच जारी

प्रकरण में वित्तीय लेनदेन (मनी ट्रेल) सहित अन्य संभावित संलिप्त अधिकारियों, राजस्व निरीक्षकों एवं व्यक्तियों की भूमिका की जांच जारी है। दण्ड प्रक्रिया संहिता की धारा 173(8) के तहत आगे की विवेचना की जा रही है।
एसीबी एवं ईओडब्ल्यू अधिकारियों का कहना है कि मामले में और भी खुलासे होने की संभावना है।