सीजी न्यूज़ ऑनलाइन, 04 जून 2026। भ्रष्टाचार के एक मामले में विशेष न्यायालय, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, अंबिकापुर ने जल संसाधन विभाग के सेवानिवृत्त सहायक ग्रेड-3 व्ही.के. सिन्हा को तीन वर्ष के सश्रम कारावास और 5 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। यह फैसला 4 जून 2026 को सुनाया गया।
मामले के अनुसार, सरगुजा जिले के निवासी लोचन सिंह ने 16 जुलाई 2020 को एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) अंबिकापुर में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया था कि उनके पिता लरघुराम जल संसाधन विभाग में चौकीदार के पद से 30 नवंबर 2015 को सेवानिवृत्त हुए थे। सेवानिवृत्ति के बाद उन्हें केवल बचत निधि की राशि का भुगतान किया गया था, जबकि ग्रेच्युटी और पेंशन संबंधी प्रकरण लंबित था।
लोचन सिंह ने आरोप लगाया था कि जल संसाधन विभाग में पदस्थ सहायक ग्रेड-3 व्ही.के. सिन्हा ने लंबित भुगतान और पेंशन प्रकरण को आगे बढ़ाने के एवज में रिश्वत की मांग की। शिकायतकर्ता के अनुसार वह पहले भी आरोपी को 3 हजार रुपये दे चुका था, लेकिन काम नहीं होने पर आरोपी ने फिर 8 हजार रुपये की मांग की।
एसीबी द्वारा शिकायत का सत्यापन कराया गया, जिसमें 7 हजार रुपये में सौदा तय होने की पुष्टि हुई। इसके बाद 13 अगस्त 2020 को ट्रैप कार्रवाई की गई। कार्रवाई के दौरान एसीबी की टीम ने व्ही.के. सिन्हा को जल संसाधन विभाग के कार्यालय के बाहर शिकायतकर्ता से 7 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।
विवेचना पूरी होने के बाद 22 जून 2021 को आरोपी के खिलाफ विशेष न्यायालय में अभियोग पत्र प्रस्तुत किया गया। न्यायालय में सुनवाई और साक्ष्यों के परीक्षण के बाद आरोपी को दोषी करार देते हुए तीन वर्ष के कारावास तथा 5 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई गई।
एंटी करप्शन ब्यूरो ने इसे भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई में महत्वपूर्ण सफलता बताया है।

