फेसबुक निवेश के झांसे में फंसा रिटायर्ड BSP कर्मी : 45 लाख की साइबर ठगी

फेसबुक निवेश के झांसे में फंसा रिटायर्ड BSP कर्मी : 45 लाख की साइबर ठगी


🔴भिलाई नगर थाने में मोबाइल एवं खाता धारकों के खिलाफ अपराध दर्ज

भिलाईनगर, 02 मई 2026। भिलाई नगर क्षेत्र में ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर एक सेवानिवृत्त Bhilai Steel Plant कर्मचारी से 45.18 लाख रुपये की साइबर ठगी का मामला सामने आया है। शिकायत के बाद भिलाई नगर पुलिस ने अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

फेसबुक वीडियो से शुरू हुआ संपर्क

आमदी नगर, हुडको निवासी 61 वर्षीय जयंत बागची ने पुलिस को बताया कि 10 मार्च 2026 को फेसबुक देखते समय उन्हें भारत की वित्त मंत्री Nirmala Sitharaman, Sachin Tendulkar और Sudha Murty के नाम से निवेश संबंधी बातें दिखाई गईं। इन बातों से प्रभावित होकर उन्होंने दिए गए लिंक पर रजिस्ट्रेशन कराया।

पहले रजिस्ट्रेशन, फिर शुरू हुआ निवेश

प्रार्थी के अनुसार, प्रारंभिक तौर पर पंजीयन शुल्क के रूप में 18,998 रुपये जमा कराए गए। इसके बाद कथित अकाउंट मैनेजरों ने ऑनलाइन ट्रेडिंग में निवेश का झांसा देकर लगातार रकम जमा करानी शुरू कर दी।

यूके, यूएस, जापान और ऑस्ट्रेलिया के कारोबार का दावा

आरोपियों ने खुद को अंतरराष्ट्रीय ट्रेडिंग नेटवर्क से जुड़ा बताते हुए कहा कि उनका कारोबार United Kingdom, United States, Japan और Australia में चलता है। इसी भरोसे में जयंत बागची ने अलग-अलग तारीखों में कुल 45,18,998 रुपये निवेश कर दिए।

लाभ दिखाकर और रकम मांगते रहे

शिकायत के अनुसार, आरोपियों ने ट्रेडिंग खाते में भारी लाभ दिखाया और करीब 2.70 लाख अमेरिकी डॉलर की निकासी का विकल्प बताया। लेकिन जब प्रार्थी ने रकम वापस मांगी तो क्रॉस-बॉर्डर ट्रांजेक्शन और टैक्स के नाम पर पहले 34 लाख रुपये, बाद में 12 लाख रुपये और जमा करने का दबाव बनाया।

शक होने पर 1930 हेल्पलाइन में शिकायत

लगातार अतिरिक्त रकम की मांग और संदिग्ध गतिविधियों के बाद प्रार्थी को ठगी का अहसास हुआ। इसके बाद उन्होंने राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई और बैंक को भी सूचना दी।

पुलिस ने दर्ज किया मामला

प्रार्थी जयंत बागची की रिपोर्ट पर भिलाई नगर पुलिस ने अपराध क्रमांक 0217/26 दर्ज किया है। पुलिस ने मोबाइल नंबरों और बैंक खातों के धारकों के खिलाफ धारा 318(4) बीएनएस के तहत मामला कायम कर विवेचना शुरू कर दी है।

डिजिटल ट्रेल खंगाल रही पुलिस

पुलिस अब मोबाइल नंबर, बैंक खाते, ऑनलाइन ट्रांजेक्शन और संबंधित डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है, ताकि ठगी में शामिल नेटवर्क तक पहुंचा जा सके।