सीजी न्यूज ऑनलाइन 19 जनवरी । केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार संसद के आगामी बजट सत्र में नौकरीपेशा लोगों को बड़ी राहत दे सकती है। दरअसल, सरकार एक नया आयकर विधेयक पेश करने के मूड में है.
जिसका मकसद वर्तमान आयकर कानून को सरल बनाना, उसे समझने योग्य बनाना तथा पृष्ठों की संख्या में लगभग 60 प्रतिशत की कमी करना है। यह टैक्सपेयर्स के लिए राहत की बात होगी क्योंकि वह इससे जुड़े पहलुओं को आसानी से समझ सकेंगे।
नया आयकर कानून संसद के बजट सत्र में पेश किया जाएगा। यह एक नया कानून होगा, न कि मौजूदा कानून में संशोधन। वर्तमान में, कानून के मसौदे पर विधि मंत्रालय विचार कर रहा है और बजट सत्र के दूसरे भाग में इसे संसद में पेश किया जा सकता है।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने जुलाई के बजट में छह महीने के भीतर 6 दशक पुराने आयकर अधिनियम, 1961 की व्यापक समीक्षा की घोषणा की थी। आयकर अधिनियम, 1961 की व्यापक समीक्षा के लिए सीतारमण द्वारा बजट घोषणा के बाद सीबीडीटी ने समीक्षा की देखरेख करने और अधिनियम को संक्षिप्त, स्पष्ट और समझने में आसान बनाने के लिए एक आंतरिक समिति का गठन किया था।
इससे विवाद, मुकदमेबाजी कम होगी और करदाताओं को अधिक कर निश्चितता मिलेगी। इसके अलावा, अधिनियम के विभिन्न पहलुओं की समीक्षा के लिए 22 विशेष उप-समितियां स्थापित की गई हैं।

