हेमचंद यादव विश्वविद्यालय दुर्ग के कुलसचिव गिरफ्तार

हेमचंद यादव विश्वविद्यालय दुर्ग के कुलसचिव गिरफ्तार


🔴महिला कर्मचारी के वेतन से ₹1.49 लाख गबन का मामला

दुर्ग, 03 अगस्त 2026। हेमचंद यादव विश्वविद्यालय की एक दैनिक वेतनभोगी महिला कर्मचारी के वेतन से कथित रूप से ₹1,49,384 के गबन (अमानत में खयानत) के मामले में मोहन नगर थाना पुलिस ने विश्वविद्यालय के कुलसचिव भूपेन्द्र कुमार कुलदीप को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 316(4) के तहत अपराध दर्ज कर आगे की विवेचना शुरू कर दी है।

महिला कर्मचारी की शिकायत पर दर्ज हुआ मामला

पुलिस के अनुसार, 3 अगस्त 2026 को विश्वविद्यालय की अर्धकुशल दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी शुभांगी मराठे की शिकायत और विश्वविद्यालय द्वारा गठित जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर मोहन नगर थाने में मामला दर्ज किया गया।

वेतन का अधिकांश हिस्सा ऑनलाइन ट्रांसफर कराने का आरोप

जांच में सामने आया कि पीड़िता विश्वविद्यालय में दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी होने के साथ आरोपी कुलसचिव के निवास पर भोजन बनाने का कार्य भी करती थी। उसे प्रतिमाह ₹11,515 वेतन मिलता था, लेकिन आरोप है कि आरोपी उसे केवल ₹2,200 देता था और शेष राशि दबाव बनाकर फोनपे और पेटीएम के माध्यम से उदय कुलदीप के खाते में ट्रांसफर कराता था।

17 माह में ₹1.49 लाख का कथित गबन

पुलिस के मुताबिक, 6 फरवरी 2025 से 4 जुलाई 2026 के बीच इस तरीके से कुल ₹1,49,384 की राशि का गबन किया गया। विश्वविद्यालय की जांच समिति, बैंक खातों और यूपीआई ट्रांजेक्शन की जांच में इन तथ्यों की पुष्टि होने का दावा किया गया है।

पद का दुरुपयोग करने का आरोप

पुलिस का कहना है कि आरोपी ने अपने प्रशासनिक पद और प्रभाव का दुरुपयोग कर मातहत कर्मचारी पर दबाव बनाया तथा उसके वेतन का अधिकांश हिस्सा अपने परिचित के खाते में ऑनलाइन ट्रांसफर कराकर अनुचित आर्थिक लाभ प्राप्त किया।

साक्ष्यों के आधार पर हुई गिरफ्तारी

विश्वविद्यालय प्रशासन से प्राप्त प्रतिवेदन, बैंक अभिलेख, यूपीआई ट्रांजेक्शन और अन्य दस्तावेजों के आधार पर मोहन नगर थाना पुलिस ने अपराध क्रमांक 550/2026 दर्ज किया। पूछताछ और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपी भूपेन्द्र कुमार कुलदीप (51 वर्ष) को विधिवत गिरफ्तार कर लिया गया।

पुलिस की अपील

दुर्ग पुलिस ने आम नागरिकों और शासकीय एवं गैर-शासकीय कर्मचारियों से अपील की है कि यदि कोई व्यक्ति अपने पद या प्रभाव का दुरुपयोग कर आर्थिक शोषण, अवैध वसूली या वित्तीय अनियमितता करता है, तो इसकी सूचना तत्काल पुलिस को दें। ऐसे मामलों में निष्पक्ष और कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।