राष्ट्रीय कोच सड़क दुर्घटना में हुए घायल, न्यूरो सर्जन नहीं होने पर ढाई घंटे बाद नारायण अस्पताल से पहुंची एंबुलेंस, भड़का बीएमएस यूनियन, सेक्टर 9 हॉस्पिटल प्रबंधन की घोर लापरवाही से बीएसपी कर्मचारियों की जान खतरे में

राष्ट्रीय कोच सड़क दुर्घटना में हुए घायल, न्यूरो सर्जन नहीं होने पर ढाई घंटे बाद नारायण अस्पताल से पहुंची एंबुलेंस, भड़का बीएमएस यूनियन, सेक्टर 9 हॉस्पिटल प्रबंधन की घोर लापरवाही से बीएसपी कर्मचारियों की जान खतरे में



भिलाई नगर 18 जनवरी। सेक्टर 9 अस्पताल में सुविधाओं के अभाव के कारण बीएसपी कर्मचारियों का जीवन सुरक्षित नहीं है। आज वीर हनुमान अवॉर्डी राष्ट्रीय कोच के दशमना सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हो गए हैं परंतु सेक्टर 9 अस्पताल में न्यूरो सर्जन के अभाव में उन्हें रायपुर के नारायण अस्पताल रिफर करना पड़ा लेकिन ढाई घंटे बाद एंबुलेंस के पहुंचने पर बीएमएस यूनियन के पदाधिकारी आक्रोशित हो गए। सर्व सुविधा युक्त एंबुलेंस एवं डॉक्टरों की कमी को शीघ्र ही पूर्ण करने की मांग प्रबंधन से की। ताकि बीएसपी कर्मचारियों के जीवन से हो रहे खिलवाड़ को रोका जा सके।

भिलाई इस्पात संयंत्र के खेल विभाग में सीनियर कोऑर्डिनेटर, बॉक्सिंग के राष्ट्रीय कोच एवं वीर हनुमान अवार्ड के के दशमना का मिराज सिनेमा के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गए । जिन्हें तत्काल सेक्टर 9 हॉस्पिटल में ले जाया गया। डॉक्टरों ने उनके सिर में चोट को देखते हुए उन्हें नारायणा हॉस्पिटल रायपुर में रेफर किया। परंतु नारायणा हॉस्पिटल से एंबुलेंस ढाई घंटे के बाद सेक्टर 9 हॉस्पिटल पहुंची । भिलाई इस्पात मजदूर संघ के पदाधिकारियों को इसकी जानकारी मिलने पर वहां पहुंचे, उपस्थित लोगों का सवाल था की इतने बड़े हॉस्पिटल मे न्यूरो का एक अच्छा डॉक्टर नहीं है इमरजेंसी में दूसरे प्राइवेट हॉस्पिटल्स की ओर ताकना पड़ता है। जिससे मरीज की जान खतरे में रहती है। जबकि भिलाई इस्पात मजदूर संघ लगातार इस मांग को उठाती रही है कि हॉस्पिटल में न्यूरो सर्जन एवं कार्डियोलॉजी के अच्छे डॉक्टरों की आवश्यकता है । साथ ही सर्व सुविधा युक्त एंबुलेंस भी होनी चाहिए । जिसमें इमरजेंसी की स्थिति में सेक्टर 9 हॉस्पिटल स्टाफ के साथ मरीज को जिस हॉस्पिटल में रेफर किया है वहां तक पहुंचाया जा सके ।
भिलाई इस्पात मजदूर संघ के कार्यकारी अध्यक्ष चन्नाकेशवलू एवं महामंत्री महामंत्री रवि शंकर सिंह ने कहा कि मरीजों की जान के साथ किये जा रहे खिलवाड़ का हमारी यूनियन पुरजोर विरोध करती है और अस्पताल प्रबंधन से मांग करती है की डॉक्टरों की कमी को तत्काल दूर कर अस्पताल को सर्व्सुविधायुक्त बनाया जाए । मरीजों की जान के साथ खिलवाड़ ना किया जाए अन्यथा भिलाई इस्पात मजदूर संघ यूनियन कड़े कदम उठाने को बाध्य होगी। भिलाई इस्पात संयंत्र के प्रबंधन के हठधर्मिता के कारण कई मरीज अपनी जान गवा चुके हैं आने वाले समय में भिलाई इस्पात संयंत्र प्रबंधन नहीं जागता है तो भिलाई इस्पात मजदूर संघ बीएमएस उग्र आंदोलन करने को बाध्य होगा एवं प्रबंधन की पूर्ण जिम्मेदारी होगी ।