🔴6 माह से रोक रखा था पीड़ित का वेतन, एसीबी पर शिकायत के बाद हुई कार्यवाही
सीजी न्यूज़ ऑनलाइन, 25 फरवरी 2026। जिला बलौदाबाजार-भाटापारा में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एंटी करप्शन ब्यूरो रायपुर की टीम ने एक प्राचार्य को 15 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
क्या है पूरा मामला?
प्रार्थी खेमेश्वर डांडे, निवासी मोपका (भाटापारा) ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उनके पिता विजय कुमार डांडे शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मोपका में व्याख्याता के पद पर पदस्थ हैं। वर्ष 2017-18 में दुर्घटना के कारण वे विकलांग हो गए थे, बावजूद इसके वे नियमित रूप से विद्यालय जाते रहे।
शिकायत के अनुसार विद्यालय के प्राचार्य आर.एन. बया द्वारा प्रतिमाह वेतन आहरण में जानबूझकर देरी की जाती थी और वेतन निकालने के एवज में 10 हजार रुपये रिश्वत की मांग की जाती थी। कई बार यह राशि आरोपी द्वारा अपने बैंक खाते में भी जमा कराई गई।
करीब छह माह पूर्व आरोपी ने रिश्वत की राशि बढ़ाकर 15 हजार रुपये कर दी और रकम नहीं देने पर छह माह का वेतन रोक दिया।
एसीबी ने बिछाया जाल
वरिष्ठ अधिकारियों से शिकायत के बावजूद कार्रवाई नहीं होने पर प्रार्थी ने एंटी करप्शन ब्यूरो रायपुर में शिकायत की। सत्यापन के बाद 25 फरवरी 2026 को ट्रेप कार्रवाई की गई।
भाटापारा रेलवे स्टेशन के समीप आरोपी प्राचार्य आर.एन. बया को प्रार्थी से 15,000 रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ लिया गया।
कानूनी कार्रवाई
आरोपी के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित 2018) की धारा 7 के तहत प्रकरण दर्ज कर अग्रिम कार्रवाई की जा रही है।
एसीबी अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि भ्रष्टाचार के मामलों में सख्त कार्रवाई जारी रहेगी और आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी प्रकार की रिश्वत मांगने की सूचना तुरंत संबंधित एजेंसी को दें।

